नई दिल्ली: एवरेस्ट मसाले एक बार फिर खाद्य सुरक्षा को लेकर चर्चा में हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने एवरेस्ट के पहले से पैक किए गए जीरा पाउडर के एक बैच को बाजार से तत्काल वापस मंगाने का आदेश दिया है। रेगुलेटरी जांच के दौरान इस प्रोडक्ट के सैंपल में कुछ कीटनाशकों की मात्रा तय अधिकतम सीमा से ज्यादा पाई गई, जिसके बाद सैंपल को ‘असुरक्षित’ घोषित किया गया।
FSSAI के मुताबिक, गोवा में एक रिसॉर्ट के परिसर से एवरेस्ट जीरा पाउडर का रेगुलेटरी सैंपल लिया गया था। फूड एनालिस्ट की जांच में इसमें एजोक्सीस्ट्रोबिन और थियामेथोक्सम जैसे कीटनाशकों के अवशेष निर्धारित अधिकतम सीमा से ज्यादा पाए गए।
रेफरल लैब ने भी सैंपल को बताया असुरक्षित
फूड बिजनेस ऑपरेटर को जांच रिपोर्ट के खिलाफ अपील का मौका दिया गया। इसके बाद सैंपल को रेफरल फूड लेबोरेटरी भेजा गया। FSSAI के अनुसार, रेफरल लैब ने भी शुरुआती जांच के निष्कर्षों की पुष्टि की और सैंपल में संबंधित कीटनाशकों की मात्रा तय सीमा से अधिक पाई।
इसके बाद FSSAI ने संबंधित पूरे बैच को बाजार से वापस मंगाने का निर्देश दिया है। एवरेस्ट को रिकॉल किए गए प्रोडक्ट का पूरा रिकॉर्ड रखने और तय समय के भीतर स्टेटस रिपोर्ट जमा करने को कहा गया है। रेगुलेटर ने कंपनी को भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए जरूरी सुधारात्मक कदम उठाने के भी निर्देश दिए हैं।
पहले भी कार्रवाई के घेरे में आया था एवरेस्ट
एवरेस्ट ब्रांड इससे पहले भी खाद्य गुणवत्ता से जुड़े मामलों को लेकर रेगुलेटरी जांच का सामना कर चुका है। अगस्त 2026 में FSSAI की कार्रवाई के बाद कंपनी के कुछ मसाला उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठे थे।
हालांकि, मौजूदा कार्रवाई विशेष रूप से जीरा पाउडर के एक रेगुलेटरी सैंपल और संबंधित बैच से जुड़ी है। उपभोक्ताओं के लिए यह जानना जरूरी है कि कार्रवाई पूरे ब्रांड के सभी उत्पादों पर नहीं, बल्कि संबंधित प्रोडक्ट बैच पर की गई है।
एक अन्य कंपनी का लाइसेंस भी सस्पेंड
FSSAI ने एक अलग कार्रवाई में Creative Bakers and Confectioners Private Limited का लाइसेंस भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कंपनी पूर्वी भारत में ‘The Sugar and Spice’ नाम से रिटेल चेन संचालित करती है।
निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थ बनाने और संभालने वाले क्षेत्रों में गंदगी, ग्रीस, धूल, मकड़ी के जाले और मक्खियों जैसी गंभीर हाइजीन संबंधी कमियां पाई गईं। खराब होने वाले कच्चे माल को खुले में रखने और जंग लगे तथा ठीक से साफ नहीं किए गए कंटेनरों के इस्तेमाल की बात भी सामने आई।
इसके अलावा कीड़े-मकौड़ों से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं मिले। परिसर में कचरा, पुराना स्टॉक और कबाड़ भी पाया गया। FSSAI ने पानी और तैयार उत्पाद की टेस्टिंग, तापमान निगरानी, उपकरणों की कैलिब्रेशन और अन्य जरूरी फूड सेफ्टी रिकॉर्ड में भी कमियां बताईं।
रेगुलेटर ने कंपनी को लाइसेंस निलंबन की अवधि के दौरान खाद्य कारोबार से जुड़ी गतिविधियां बंद करने का निर्देश दिया है। दोनों मामलों से साफ है कि खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और हाइजीन को लेकर FSSAI की निगरानी लगातार सख्त हो रही है।