नई दिल्ली: कोरोना महामारी के दौरान जब देशभर में कारोबार ठप हो रहे थे, तब बेंगलुरु के अभिनव माथुर ने एक ऐसा बिजनेस शुरू करने का फैसला किया, जिसने आज उन्हें सफल उद्यमियों की कतार में खड़ा कर दिया है। उन्होंने साल 2020 में ‘समथिंग्ज ब्रूइंग’ (Something’s Brewing) नाम से स्टार्टअप की शुरुआत की। आज यह कंपनी कॉफी के शौकीनों के लिए एक खास प्लेटफॉर्म बन चुकी है। यहां लोगों को घर पर कैफे जैसी कॉफी तैयार करने के लिए आधुनिक मशीनें, जरूरी उपकरण और दुनियाभर की चुनिंदा स्पेशलिटी कॉफी उपलब्ध कराई जाती हैं। महज छह साल में कंपनी ने 15 करोड़ रुपये से अधिक का रेवेन्यू हासिल कर लिया है। खास बात यह है कि कंपनी अब चालू वित्त वर्ष में 22 से 25 करोड़ रुपये के कारोबार का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।
बदलते बाजार में पहचाना नया अवसर
अभिनव माथुर ने ऐसे समय में कारोबार शुरू किया, जब कोरोना महामारी के कारण कैफे और कॉफी से जुड़े दूसरे व्यवसाय बंद हो रहे थे। पहले कॉफी मशीनों और उपकरणों की मांग मुख्य रूप से कैफे और दूसरे व्यावसायिक संस्थानों से आती थी। लेकिन लॉकडाउन के दौरान यह मांग तेजी से घरेलू ग्राहकों की तरफ बढ़ने लगी। अभिनव ने इस बदलाव को एक नए व्यावसायिक अवसर के रूप में देखा। उन्होंने महसूस किया कि भारत में कॉफी के शौकीन लोग घर पर अच्छी कॉफी बनाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के उपकरण और मशीनें आसानी से उपलब्ध नहीं हैं।
इसी जरूरत को पूरा करने के लिए उन्होंने 1 अक्टूबर 2020 को इंटरनेशनल कॉफी डे के अवसर पर अपनी वेबसाइट लॉन्च कर दी। हालांकि, शुरुआत इतनी आसान नहीं थी। महामारी के कारण अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के उत्पादों का आयात करना और उनके सैंपल मंगाना बड़ी चुनौती थी। इसके अलावा वेबसाइट पर उपलब्ध 50 हजार से 2 लाख रुपये तक की महंगी कॉफी मशीनों को खरीदने के लिए ग्राहकों को तैयार करना भी आसान नहीं था।
वीडियो कॉल से जीता ग्राहकों का भरोसा
शुरुआती चुनौतियों से निपटने के लिए अभिनव ने बड़े ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर निर्भर रहने के बजाय अपना अलग प्लेटफॉर्म विकसित किया। उन्होंने ग्राहकों को वीडियो कॉल के जरिए लाइव कॉफी बनाकर दिखाना शुरू किया। इससे लोग मशीनों की कार्यप्रणाली समझने लगे और धीरे-धीरे कंपनी के उत्पादों पर उनका भरोसा बढ़ने लगा।
लेकिन महंगे अंतरराष्ट्रीय उत्पादों के कारण कंपनी की पहुंच सीमित बनी हुई थी। इस समस्या को समझते हुए कंपनी ने करीब एक साल बाद अपना इन-हाउस ब्रांड ‘बुडान’ (Budan) लॉन्च किया। इसके उत्पादों की शुरुआती कीमत लगभग 15 हजार रुपये रखी गई। इससे कम बजट वाले ग्राहक भी होम-ब्रूइंग के लिए अच्छी एस्प्रेसो मशीनें खरीदने लगे। इस कदम ने कंपनी के ग्राहक आधार को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
अब 25 करोड़ रुपये के कारोबार पर नजर
आज समथिंग्ज ब्रूइंग केवल एक ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट नहीं रह गई है, बल्कि कॉफी प्रेमियों के लिए कम्युनिटी-फर्स्ट प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित हो चुकी है। कंपनी बेंगलुरु और सूरत में अपने एक्सपीरियंस स्टोर भी संचालित कर रही है, जहां ग्राहक कॉफी मशीनों और उपकरणों को करीब से समझ सकते हैं।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 15 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया है। अब इसकी नजर चालू वित्त वर्ष में 22 से 25 करोड़ रुपये के कारोबार पर है। इसके लिए कंपनी लगातार अपने उत्पादों और सेवाओं का विस्तार कर रही है।
अभिनव माथुर की यह कहानी बताती है कि किसी भी कारोबार की सफलता के लिए बाजार की जरूरत को समय रहते समझना और ग्राहकों की समस्याओं का समाधान निकालना कितना महत्वपूर्ण है। लॉकडाउन में मिले एक छोटे से अवसर को उन्होंने ऐसे बिजनेस में बदल दिया, जो भारत में होम-ब्रूइंग की संस्कृति को नई पहचान देने की कोशिश कर रहा है।