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The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation > अन्य > लोन देने के नाम पर ठगी करने वाले हो जाए सावधान! सरकार ला रही नया कानून “बुला”
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लोन देने के नाम पर ठगी करने वाले हो जाए सावधान! सरकार ला रही नया कानून “बुला”

Last updated: 25/06/2025 3:40 PM
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Industrial Empire
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लोन देने के नाम पर आज धोखाधड़ी बहुत ज्यादा बढ़ गई है। भोली-भाली जनता को अपने जाल में फंसाकर मोटी रकम ठगने वाले एप और एजेंसियों का ये काला धंधा बंद होने वाला है। ऑनलाइन या फिर ऑफलाइन तरीके से लोन देने या दिलाने वालों साथ ही ऐसे एप और एजेंसियों के खिलाफ सरकार फुल एक्शन के मूड है, जिसके लिए सरकार सख्त कानून लाने जा रही है। इस प्रस्तावित कानून का नाम बैंकिंग ऑफ़ अनरेगुलेटेड लेंडिंग एक्टिविटी (बुला) है, इस कानून का मसौदा तैयार हो चुका है और जल्द ही इसे कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है।

इस कानून के तहत अगर कोई व्यक्ति या संस्था, चाहे वो व्यक्तिगत तौर पर हो या डिजिटल माध्यम से, किसी भी प्रकार से कमर्शियल लोन देने का कार्य करती है तो उसे अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अधिनियम 1955, या किसी राज्य के मनी लेंडिंग कानून के अंतर्गत पंजीकरण और अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना मंजूरी के लोन देने वालों के लिए भारी जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान किया गया है।

प्रस्तावित कानून के तहत बिना अनुमति लोन देने पर दो से सात साल की जेल और दो लाख से एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। हालांकि, इस कानून में यह स्पष्ट किया गया है कि पारिवारिक या रिश्तेदारों के बीच लिए गए निजी कर्ज इस कानून के दायरे से बाहर रहेंगे।

इस कानून की एक बड़ी खासियत यह होगी कि सरकार द्वारा अधिकृत लोन देने वाले एप्स और एजेंसियों का एक आधिकारिक डाटाबेस तैयार किया जाएगा। इससे आम लोग यह जांच कर सकेंगे कि जिनसे वे लोन ले रहे हैं, वे अधिकृत हैं या नहीं। यह पारदर्शिता उपभोक्ताओं को धोखाधड़ी से बचाने में मदद करेगी।

वित्त मंत्रालय और आरबीआई ने इस समस्या पर पहले भी चिंता जताई थी। खासकर चीन से संचालित हो रहे डिजिटल लोन एप्स पर, जो बेहद खतरनाक रूप से भारतीय नागरिकों को कर्ज देकर ब्लैकमेल करने लगे थे। इन एप्स के कारण कई लोग मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या तक कर चुके हैं। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए वित्त मंत्रालय ने पिछले साल इस कानून का मसौदा जारी किया था और सार्वजनिक राय आमंत्रित की थी। अब यह कानून अपने अंतिम चरण में है।

कानून लागू होने के बाद इस तरह के मामलों की जांच के लिए विशेष जांच टीम नियुक्त की जाएगी और ज़रूरत पड़ने पर विशेष अदालत भी गठित की जा सकती है। इस कानून में केवल अवैध लोन देने वालों पर ही नहीं बल्कि झूठे और भ्रामक प्रचार करने वालों पर भी कार्रवाई का प्रावधान है।

अक्सर देखने को मिलता है कि कुछ एप या एजेंसी “5 मिनट में लोन” या “बिना दस्तावेज़ के कम ब्याज पर लोन” जैसे झूठे विज्ञापन से लोगों को आकर्षित करते हैं। नए कानून के तहत ऐसे विज्ञापनों पर भी रोक लगेगी। इससे पहले सरकार ने अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीमों, जिन्हें पोंजी स्कीम के नाम से जाना जाता था, पर रोक लगाने के लिए कानून बनाया था। अब इसी तर्ज पर अनरेगुलेटेड लोन एक्टिविटीज पर लगाम कसने की तैयारी की जा रही है।

प्रस्तावित कानून से सिर्फ इस गोरखधंधे पर ही अंकुश नहीं लगेगा, बल्कि देश में डिजिटल और व्यक्तिगत लोन सिस्टम को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने में मदद मिलेगी। यह कदम आम जनता के हितों की रक्षा की दिशा में एक बड़ा सुधार साबित हो सकता है।

TAGGED:Banking of Unregulated Lending ActivityBULA BILLFraud in the name of giving loanindian governmentIndustrial EmpireRBISBI
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