भारत की प्रमुख एफएमसीजी कंपनियों ने अप्रैल-जून तिमाही से पहले निवेशकों को जो अपडेट दिए हैं, उनमें बाजार की स्थिति को लेकर एक पॉजिटिव संकेत मिला है। इन कंपनियों ने बताया है कि पिछली तिमाही के मुकाबले वॉल्यूम ग्रोथ में सुधार देखा गया है और खासकर ग्रामीण इलाकों से मांग में अच्छी तेजी आई है
डाबर इंडिया, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और मैरिको जैसी कंपनियों ने कहा है कि शहरी बाजारों में स्थिरता के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी मांग धीरे-धीरे मजबूत हो रही है। यह बदलाव ऐसे समय में देखने को मिला है जब मुद्रास्फीति में कमी, अनुकूल मॉनसून और सरकार की ग्रामीण नीतियों से बाजार को सहारा मिल रहा है।
डाबर इंडिया: शहरी बाजारों से मिली मजबूती
डाबर इंडिया ने अपने प्री-अर्निंग अपडेट में बताया कि इस तिमाही में भारतीय एफएमसीजी सेक्टर की मांग में सुधार हुआ है। खासकर शहरी इलाकों में वॉल्यूम ग्रोथ अच्छी रही है। हालांकि कंपनी ने यह भी स्वीकार किया कि पेय पदार्थों की बिक्री में गिरावट आई है, जिससे समेकित राजस्व वृद्धि (consolidated revenue growth) सीमित रह सकती है।
डाबर का मानना है कि अप्रैल-जून तिमाही में आमतौर पर गर्मी के उत्पादों की मांग बढ़ जाती है, लेकिन इस बार मानसून के जल्दी आगमन ने सीजन को प्रभावित किया जिससे बिक्री पर असर पड़ा।
गोदरेज कंज्यूमर: वॉल्यूम और राजस्व में सकारात्मक रुझान
गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने बताया कि उनकी वॉल्यूम ग्रोथ पिछली तिमाही के मुकाबले बेहतर रही है। कंपनी ने अनुमान जताया है कि वित्त वर्ष 2025-26 में उसे मिड-हाई सिंगल डिजिट वॉल्यूम ग्रोथ, एकल अंक की उच्च स्तर की राजस्व वृद्धि और पूरे साल के लिए दो अंकों में एबिटा ग्रोथ की उम्मीद है। हालांकि कंपनी ने यह भी स्वीकार किया कि इस तिमाही में एबिटा मार्जिन सामान्य दायरे से नीचे रह सकता है, लेकिन आने वाले समय में इसमें सुधार की उम्मीद है।
मैरिको: फ्रैंचाइज़ी और नए बिजनेस ने दिखाई मजबूती
एफएमसीजी की एक और प्रमुख कंपनी मैरिको ने बताया कि इस तिमाही में उसकी वॉल्यूम ग्रोथ कई तिमाहियों के उच्चतम स्तर पर रही है। कंपनी का कहना है कि यह रुझान उसकी प्रमुख फ्रैंचाइज़ी और नए कारोबारों की मजबूती का नतीजा है। मैरिको ने कहा कि उसे उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में ग्रामीण मांग में और मजबूती आएगी। महंगाई घटने, नीतिगत सहयोग और अच्छे मानसून से सेक्टर को सपोर्ट मिलेगा।
अदाणी विल्मर (AWL): मांग कमजोर लेकिन रणनीति मजबूत
AWL (पहले अदाणी विल्मर) ने तिमाही के दौरान उपभोक्ता मांग को कमजोर बताया है। लेकिन कंपनी ने अपने चावल कारोबार में रणनीतिक मजबूती का जिक्र किया, जो आने वाले समय में उसके प्रदर्शन को स्थिरता दे सकता है।
कुल मिलाकर एफएमसीजी सेक्टर में सुधार की स्पष्ट तस्वीर सामने आ रही है। कंपनियों की वॉल्यूम ग्रोथ बढ़ रही है, ग्रामीण मांग रफ्तार पकड़ रही है और आने वाले दिनों में महंगाई में राहत व अच्छी बारिश से सेक्टर को और मजबूती मिल सकती है। यह संकेत हैं कि भारत का एफएमसीजी बाजार एक बार फिर ग्रोथ के रास्ते पर लौट रहा है।