दिल्ली और एनसीआर के यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। केंद्र सरकार ने दिल्ली Metro के विस्तार को हरी झंडी दे दी है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में दिल्ली मेट्रो फेज-V (A) के तहत तीन नए मेट्रो कॉरिडोर को मंजूरी दी गई। इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग ₹12,015 करोड़ खर्च किए जाएंगे। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की जानकारी दी।
इस विस्तार के बाद दिल्ली मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई 400 किलोमीटर से ज्यादा हो जाएगी। फिलहाल मेट्रो नेटवर्क करीब 395 किलोमीटर का है। नए कॉरिडोर और स्टेशन जुड़ने से राजधानी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट और ज्यादा मजबूत होगा।
रोजाना लाखों यात्रियों को मिलेगा फायदा
दिल्ली मेट्रो इस समय दिल्ली-एनसीआर में रोजाना औसतन 65 लाख यात्रियों को यात्रा की सुविधा देती है। मेट्रो पहले से ही शहर की लाइफलाइन बन चुकी है। नए इलाकों तक मेट्रो पहुंचने से लोगों का सफर आसान, तेज और सुरक्षित होगा। साथ ही सड़क पर वाहनों का दबाव भी कम होगा, जिससे ट्रैफिक और प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद है। दिल्ली मेट्रो पहले ही दुनिया के सबसे बड़े और भरोसेमंद शहरी मेट्रो सिस्टम्स में गिनी जाती है। इस नए विस्तार से इसकी क्षमता और नेटवर्क दोनों और मजबूत होंगे।
फेज-V (A) के तहत तीन नए मेट्रो कॉरिडोर
कैबिनेट ने दिल्ली मेट्रो फेज-V (A) के तहत जिन तीन नए कॉरिडोर को मंजूरी दी है, उनकी कुल लंबाई 16.076 किलोमीटर होगी। इनमें शामिल हैं:
आर.के. आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर – 9.913 किलोमीटर
एयरोसिटी से आईजीडी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 कॉरिडोर – 2.263 किलोमीटर
तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज कॉरिडोर – 3.9 किलोमीटर
इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत ₹12,014.91 करोड़ है। यह राशि केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और अंतरराष्ट्रीय फंडिंग एजेंसियों के सहयोग से जुटाई जाएगी।
सेंट्रल विस्टा और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी होगी मजबूत
इस विस्तार का सबसे बड़ा फायदा सेंट्रल विस्टा इलाके और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को मिलेगा। सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर से सभी कर्तव्य भवनों को सीधे मेट्रो से जोड़ा जाएगा। इससे रोजाना करीब 60,000 सरकारी कर्मचारियों और 2 लाख से ज्यादा आगंतुकों को सुविधा मिलेगी। वहीं, एयरोसिटी से आईजीडी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी मिलने से घरेलू हवाई यात्रियों का सफर काफी आसान हो जाएगा। साउथ दिल्ली और आसपास के इलाकों से एयरपोर्ट पहुंचना तेज और सुविधाजनक होगा।
किन इलाकों को जोड़ेगा कौन-सा कॉरिडोर
आर.के. आश्रम मार्ग–इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर: यह बोटैनिकल गार्डन–आर.के. आश्रम मार्ग कॉरिडोर का विस्तार होगा। इससे सेंट्रल विस्टा, इंडिया गेट और मध्य दिल्ली के कई अहम इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
एयरोसिटी–आईजीडी एयरपोर्ट T-1 और तुगलकाबाद: कालिंदी कुंज कॉरिडोर – ये दोनों एयरोसिटी–तुगलकाबाद कॉरिडोर के विस्तार हैं। इससे साकेत, छतरपुर, सरिता विहार, कालिंदी कुंज जैसे इलाकों से एयरपोर्ट टर्मिनल-1 की सीधी कनेक्टिविटी संभव होगी।
कुल 13 नए स्टेशन बनेंगे
इन तीनों नए कॉरिडोर पर कुल 13 नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें से 10 स्टेशन अंडरग्राउंड और 3 स्टेशन एलिवेटेड होंगे।
आर.के. आश्रम मार्ग–इंद्रप्रस्थ रूट के स्टेशन: आर.के. आश्रम मार्ग, शिवाजी स्टेडियम, सेंट्रल सेक्रेटेरियट, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल–हाई कोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ।
तुगलकाबाद–कालिंदी कुंज रूट के स्टेशन: सरिता विहार डिपो, मदनपुर खादर और कालिंदी कुंज। इसके अलावा एयरोसिटी स्टेशन को आगे आईजीडी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 से जोड़ा जाएगा।
फेज-IV का काम भी बढ़ रहा तेजी से आगे
दिल्ली मेट्रो का फेज-IV प्रोजेक्ट भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस फेज में 111 किलोमीटर लंबी लाइन और 83 स्टेशन शामिल हैं। अब तक करीब 80.43% सिविल निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके तीन प्राथमिक कॉरिडोर दिसंबर 2026 तक चरणबद्ध तरीके से पूरे होने की उम्मीद है।
दिल्ली मेट्रो बनी शहर की असली लाइफलाइन
आज दिल्ली मेट्रो सिर्फ एक ट्रांसपोर्ट सिस्टम नहीं, बल्कि शहर की धड़कन बन चुकी है। अगस्त 2025 में एक दिन में 81.87 लाख यात्रियों का रिकॉर्ड बना। फिलहाल 12 मेट्रो लाइनें, 289 स्टेशन और लगभग 395 किलोमीटर का नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर में संचालित हो रहा है। समय की पाबंदी, सुरक्षा और भरोसेमंद सेवा के कारण दिल्ली मेट्रो दुनिया की बेहतरीन मेट्रो प्रणालियों में शामिल है।