Agriculture scheme: कटाई के बाद फसल को सुरक्षित रखना किसानों के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। खासतौर पर टमाटर, मिर्च, प्याज जैसी फसलें जल्दी खराब हो जाती हैं। स्टोरेज और प्रोसेसिंग की सुविधा न होने के कारण किसान मजबूरी में अपनी उपज सस्ते दामों पर बेच देते हैं। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार ने किसानों के लिए एक बेहद उपयोगी योजना शुरू की है। उद्यान निदेशालय, कृषि विभाग, बिहार अब ‘सोलर क्रॉप ड्रायर’ लगाने पर किसानों को ₹1.40 लाख तक की सब्सिडी दे रहा है।
क्या है सोलर क्रॉप ड्रायर योजना?
सोलर क्रॉप ड्रायर एक ऐसा उपकरण है, जो सौर ऊर्जा की मदद से फसलों को सुरक्षित तरीके से सुखाता है। यह पारंपरिक धूप में सुखाने के तरीके से कहीं ज्यादा प्रभावी और सुरक्षित है। खुले में सुखाने पर मौसम बदलने, बारिश, धूल-मिट्टी और नमी के कारण फसल खराब होने का खतरा बना रहता है। वहीं, सोलर ड्रायर में फसल एक बंद और नियंत्रित चैंबर में सूखती है, जिससे गुणवत्ता बनी रहती है और नुकसान काफी कम हो जाता है। बिहार सरकार का उद्देश्य किसानों को इस तकनीक से जोड़कर उनकी आमदनी बढ़ाना है।
35–40% से घटकर 10–15% रह जाएगा नुकसान
परंपरागत तरीके से फसल सुखाने में 35 से 40 प्रतिशत तक नुकसान हो जाता है। कई बार अचानक बारिश या तेज हवा पूरी मेहनत पर पानी फेर देती है। सोलर क्रॉप ड्रायर के इस्तेमाल से यह नुकसान घटकर सिर्फ 10 से 15 प्रतिशत तक रह जाता है। इससे किसानों की उपज ज्यादा मात्रा में सुरक्षित रहती है। बेहतर क्वालिटी के कारण सूखी फसल बाजार में अच्छे दाम पर बिकती है, जिससे किसानों को सीधा फायदा होता है।
कितनी मिल रही है सरकारी मदद?
उद्यान निदेशालय, कृषि विभाग, बिहार ने जानकारी दी है कि इस योजना के तहत किसानों को सोलर क्रॉप ड्रायर लगाने पर अधिकतम ₹1,40,000 तक का अनुदान दिया जा रहा है। यह राशि सब्सिडी के रूप में सीधे किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। सरकार का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा किसानों को इस सुविधा से जोड़ना है, ताकि फसल खराब होने की समस्या को बड़े स्तर पर कम किया जा सके।
किन फसलों के लिए सबसे ज्यादा उपयोगी?
सोलर क्रॉप ड्रायर का उपयोग कई तरह की फसलों के लिए किया जा सकता है। खासतौर पर वे फसलें जिनकी शेल्फ लाइफ कम होती है, उनके लिए यह तकनीक बेहद फायदेमंद है। इसमें टमाटर, मिर्च, प्याज, फूल गोभी, पत्ता गोभी, करेला, अंजीर, हल्दी और मशरूम जैसी फसलें शामिल हैं। इन फसलों को सुखाकर किसान लंबे समय तक स्टोर कर सकते हैं और जब बाजार में दाम अच्छे हों, तब बेच सकते हैं।
सोलर क्रॉप ड्रायर के बड़े फायदे
इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें बिजली या डीजल की जरूरत नहीं पड़ती। यह पूरी तरह सोलर एनर्जी पर चलता है, जिससे ऊर्जा की बचत होती है और खर्च भी कम आता है। फसलों की शेल्फ लाइफ बढ़ती है और रंग व पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं। प्रोसेसिंग के बाद उत्पाद की गुणवत्ता बेहतर होती है, जिससे किसान को बाजार में बेहतर रेट मिलता है। यह तकनीक पर्यावरण के लिहाज से भी फायदेमंद मानी जा रही है।
कैसे करें आवेदन?
बिहार के इच्छुक किसान इस योजना का लाभ ऑनलाइन आवेदन करके ले सकते हैं। इसके लिए उद्यान निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट horticulture.bihar.gov.in पर जाना होगा। सबसे पहले पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद सोलर क्रॉप ड्रायर योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। आवेदन की जांच के बाद विभाग मंजूरी देता है।
कौन-कौन से दस्तावेज होंगे जरूरी?
आवेदन के दौरान किसानों को कुछ जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इनमें आधार कार्ड, बैंक पासबुक की कॉपी, मोबाइल नंबर और अन्य पहचान से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं। आवेदन स्वीकृत होने के बाद सोलर क्रॉप ड्रायर यूनिट लगाई जाएगी। इसके बाद स्थानीय विकासखंड अधिकारी वेरिफिकेशन करेंगे। सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सब्सिडी की राशि सीधे किसान के खाते में भेज दी जाएगी। यह योजना उन किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है, जो हर साल फसल खराब होने से नुकसान झेलते हैं। सही तकनीक अपनाकर किसान नुकसान घटा सकते हैं और अपनी आमदनी भी बढ़ा सकते हैं।