अमेरिका की प्रमुख सॉफ्टवेयर कंपनी Adobe के लंबे समय तक मुख्य कार्यकारी अधिकारी रहे शांतनु नारायण ने अपने पद से हटने का फैसला किया है। करीब 18 साल तक कंपनी का नेतृत्व करने के बाद उन्होंने गुरुवार को घोषणा की कि वह सीईओ पद छोड़ रहे हैं। हालांकि वह कंपनी के बोर्ड के चेयरमैन के रूप में जुड़े रहेंगे और नए नेतृत्व को मार्गदर्शन देते रहेंगे।
उनकी विदाई की खबर सामने आते ही टेक इंडस्ट्री और शेयर बाजार में भी हलचल देखने को मिली। घोषणा के बाद कंपनी के शेयरों में लगभग 7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब सॉफ्टवेयर उद्योग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से प्रतिस्पर्धा की दिशा बदल रहा है।
18 साल में Adobe को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया
शांतनु नारायण का कार्यकाल Adobe के इतिहास के सबसे परिवर्तनकारी दौरों में से एक माना जाता है। जब उन्होंने कंपनी की कमान संभाली थी तब कंपनी की वार्षिक आय 1 अरब डॉलर से भी कम थी। उनके नेतृत्व में यह बढ़कर करीब 25 अरब डॉलर तक पहुंच गई। सिर्फ आय ही नहीं, बल्कि कंपनी का आकार भी इस दौरान तेजी से बढ़ा। 18 साल पहले कंपनी में करीब 3,000 कर्मचारी थे, जो अब बढ़कर लगभग 30,000 हो चुके हैं। यह विस्तार दिखाता है कि उनके नेतृत्व में कंपनी ने किस तरह वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई।
डेस्कटॉप सॉफ्टवेयर से क्लाउड प्लेटफॉर्म तक का सफर
शांतनु नारायण के नेतृत्व में Adobe ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव किया। कंपनी ने पारंपरिक डेस्कटॉप सॉफ्टवेयर मॉडल से आगे बढ़ते हुए क्लाउड आधारित सेवाओं पर ध्यान केंद्रित किया। आज Adobe Creative Cloud दुनिया भर के डिजाइनरों, फिल्म निर्माताओं और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए सबसे अहम प्लेटफॉर्म में से एक बन चुका है। कंपनी के लोकप्रिय सॉफ्टवेयर जैसे Adobe Photoshop, Adobe Illustrator, Adobe Premiere Pro और Adobe InDesign को वैश्विक स्तर पर व्यापक लोकप्रियता मिली है।
टेक इंडस्ट्री में भारतीय मूल के नेतृत्व की मिसाल
शांतनु नारायण को अमेरिकी टेक इंडस्ट्री में सबसे प्रभावशाली भारतीय-अमेरिकी नेताओं में गिना जाता है। उनका सफर उन हजारों भारतीय इंजीनियरों के लिए प्रेरणा माना जाता है जो वैश्विक टेक कंपनियों में नेतृत्व की भूमिका निभाने का सपना देखते हैं। उनके नेतृत्व की सराहना करते हुए सत्या नडेला ने भी उन्हें बधाई दी। माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन और सीईओ नडेला ने सोशल मीडिया पर लिखा कि शांतनु ने Adobe को दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर कंपनियों में बदलने में बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व ने क्रिएटर्स, उद्यमियों और ब्रांड्स के लिए नई संभावनाओं के दरवाजे खोले हैं।
हैदराबाद से सिलिकन वैली तक का सफर
शांतनु नारायण का जन्म 27 मई 1963 को Hyderabad में हुआ था। उन्होंने उस्मानिया विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और इसके बाद अमेरिका की Bowling Green State University से कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने सिलिकन वैली में अपना करियर शुरू किया। वर्ष 1998 में वह Adobe में वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में शामिल हुए और धीरे-धीरे कंपनी में शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचे। वर्ष 2007 में जब तत्कालीन सीईओ ब्रूस चिजन ने पद छोड़ा, तब नारायण को कंपनी का नया सीईओ बनाया गया।
बने रहेंगे बोर्ड के चेयरमैन
कंपनी के अनुसार शांतनु नारायण अब भी Adobe के बोर्ड के चेयरमैन बने रहेंगे और नए सीईओ को रणनीतिक दिशा देने में मदद करेंगे। उनकी विदाई ऐसे समय में हो रही है जब टेक उद्योग तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ओर बढ़ रहा है और कंपनियों के सामने नई प्रतिस्पर्धा और अवसर दोनों मौजूद हैं। ऐसे में आने वाले समय में Adobe के नए नेतृत्व के सामने कंपनी की विकास गति को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी।