The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
Friday, Apr 17, 2026
Facebook X-twitter Youtube Linkedin
  • About Us
  • Contact Us
Subscribe
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
    • रिन्यूएबल एनर्जी
    • नॉन रिन्यूएबल एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Font ResizerAa
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & InnovationThe Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Search
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
    • रिन्यूएबल एनर्जी
    • नॉन रिन्यूएबल एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2026 The Industrial Empire. All Rights Reserved.
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation > ट्रेंडिंग खबरें > Lenskart बिंदी-तिलक विवाद: ड्रेस कोड पॉलिसी पर धार्मिक भेदभाव के आरोप, जानिए क्या है पूरा मामला
ट्रेंडिंग खबरें

Lenskart बिंदी-तिलक विवाद: ड्रेस कोड पॉलिसी पर धार्मिक भेदभाव के आरोप, जानिए क्या है पूरा मामला

Last updated: 16/04/2026 3:59 PM
By
Industrial Empire
Share
लेंसकार्ट के संस्थापक और CEO Peyush Bansal का प्रोफेशनल पोर्ट्रेट, भारतीय उद्यमी और बिज़नेस लीडर। लेंसकार्ट का आधिकारिक लोगो, भारत की प्रमुख आईवियर कंपनी का ब्रांड सिंबल।
SHARE

भारत की प्रमुख आईवियर कंपनी Lenskart इन दिनों एक नए विवाद के केंद्र में आ गई है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे कुछ दस्तावेज़ों और पोस्ट्स में दावा किया गया कि कंपनी अपने कर्मचारियों पर सख्त ड्रेस कोड लागू कर रही है, जिसमें धार्मिक प्रतीकों जैसे बिंदी, तिलक और कलावा पहनने पर रोक लगाई गई है। इन आरोपों ने देखते ही देखते बड़ा रूप ले लिया और लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा कि क्या कॉर्पोरेट कंपनियां अब कर्मचारियों की धार्मिक पहचान को सीमित कर रही हैं।


क्या हैं आरोप

वायरल हो रहे कथित दस्तावेज़ों के अनुसार, महिला कर्मचारियों को माथे पर बिंदी लगाने की अनुमति नहीं है या फिर बहुत सीमित रूप में इसे स्वीकार किया जाता है। वहीं, तिलक और कलावा जैसे धार्मिक प्रतीकों पर भी पाबंदी की बात कही गई। इतना ही नहीं, सिख कर्मचारियों के लिए पगड़ी के रंग को लेकर भी प्रतिबंध का दावा किया गया, जिसमें केवल काले रंग की पगड़ी पहनने की बात सामने आई। दूसरी ओर, कुछ पोस्ट्स में यह भी आरोप लगाया गया कि हिजाब को लेकर कोई स्पष्ट पाबंदी नहीं है, जिससे भेदभाव का आरोप और तेज हो गया।

Lenskart

इन दावों ने धार्मिक समानता और कॉर्पोरेट नीतियों के बीच संतुलन को लेकर बहस छेड़ दी। कई यूज़र्स ने इसे सांस्कृतिक पहचान के खिलाफ कदम बताया, जबकि कुछ ने इसे ब्रांड की एकरूपता (uniformity) बनाए रखने का प्रयास माना।


कंपनी की सफाई

विवाद बढ़ने के बाद Peyush Bansal ने खुद सामने आकर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर कहा कि जो पॉलिसी डॉक्यूमेंट वायरल हो रहा है, वह मौजूदा गाइडलाइंस को नहीं दर्शाता और भ्रामक है।

उनके अनुसार, lenskart की ग्रूमिंग पॉलिसी समय के साथ बदलती रही है और वर्तमान में कर्मचारियों को बिंदी या तिलक लगाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर फैली गलत जानकारी से जो भ्रम और चिंता पैदा हुई है, उसके लिए कंपनी खेद प्रकट करती है।


कॉर्पोरेट ड्रेस कोड

यह मामला केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे कॉर्पोरेट सेक्टर के लिए एक अहम बहस बन चुका है। बड़ी कंपनियां अक्सर एक सुसंगत (consistent) ब्रांड इमेज बनाए रखने के लिए ड्रेस कोड लागू करती हैं। खासकर रिटेल और कस्टमर-फेसिंग इंडस्ट्री में, जहां कर्मचारी सीधे ग्राहकों से जुड़ते हैं, वहां प्रोफेशनल लुक को प्राथमिकता दी जाती है।

लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या यह ‘प्रोफेशनल लुक’ व्यक्तिगत धार्मिक और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति की कीमत पर होना चाहिए? भारत जैसे विविधताओं वाले देश में, जहां अलग-अलग धर्म और परंपराएं साथ-साथ चलती हैं, यह संतुलन बनाना आसान नहीं है।


सोशल मीडिया ट्रायल

इस पूरे विवाद में एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया—सोशल मीडिया का प्रभाव। बिना पूरी जानकारी के किसी दस्तावेज़ का वायरल होना और उस पर तुरंत प्रतिक्रियाएं आना आज आम बात हो गई है। इस केस में भी यही हुआ, जहां एक कथित पॉलिसी ने कंपनी की छवि पर सवाल खड़े कर दिए, जबकि कंपनी का दावा है कि वह पॉलिसी अब लागू ही नहीं है।

यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि डिजिटल युग में सूचना की सत्यता जांचना कितना जरूरी है। एक गलत या अधूरी जानकारी किसी भी ब्रांड के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।


पारदर्शिता और संवेदनशीलता की जरूरत

lenskart विवाद ने यह साफ कर दिया है कि कंपनियों को अपनी नीतियों को लेकर अधिक पारदर्शी और संवेदनशील होना होगा। कर्मचारियों की विविधता को सम्मान देना और साथ ही ब्रांड की पहचान को बनाए रखना—दोनों के बीच संतुलन बनाना अब एक जरूरी कौशल बन चुका है। आने वाले समय में कंपनियों को अपनी HR पॉलिसीज़ को इस तरह डिजाइन करना होगा, जिसमें न केवल प्रोफेशनलिज्म बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता का भी सम्मान हो।

‘बिंदी-तिलक’ विवाद केवल एक कॉर्पोरेट मुद्दा नहीं है, बल्कि यह समाज, संस्कृति और बिज़नेस के जंक्शन पर खड़ा एक बड़ा सवाल है। Lenskart के इस मामले ने यह दिखा दिया कि आज के दौर में कंपनियों को न सिर्फ अपने प्रोडक्ट्स बल्कि अपनी नीतियों और मूल्यों को लेकर भी जवाबदेह रहना होगा। सही जानकारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता—यही वो तीन स्तंभ हैं, जिन पर किसी भी आधुनिक कंपनी की विश्वसनीयता टिकी होती है।

बैंकिंग सेक्टर में फिर आई रफ्तार: FY26 में लोन ग्रोथ 16% पार, डिपॉजिट भी मजबूतबैंकिंगबैंकिंग सेक्टर में फिर आई रफ्तार: FY26 में लोन ग्रोथ 16% पार, डिपॉजिट भी मजबूत
TAGGED:controversycorporatedress codeFeaturedIndustrial EmpireLenskartlenskart controversypeyush bansalSocial Mediasunglassesviral newsX
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article Banking sector regains momentum बैंकिंग सेक्टर बैंकिंग सेक्टर में फिर आई रफ्तार: FY26 में लोन ग्रोथ 16% पार, डिपॉजिट भी मजबूत
Next Article महंगाई भारत में थोक महंगाई ने तोड़ा 38 महीने का रिकॉर्ड: मार्च 2026 में थोक महंगाई 3.88% पर
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Might Also Like

Samsung Galaxy A17 4G बजट स्मार्टफोन – 6 साल एंड्रॉयड अपडेट्स और लंबी बैटरी
ऑटो/टेक

Samsung ने पेश किया नया बजट फोन Galaxy A17 4G, 6 साल तक मिलेंगे एंड्रॉयड अपडेट्स

By
Industrial Empire
चिकोरी
अन्य

यूपी का यह ज़िला बना चिकोरी की राजधानी, किसानों की बढ़ेगी आमदनी

By
Industrial Empire
टेलिकॉम

सिंधिया का बड़ा प्लान: ₹47,000 करोड़ से सुधरेगा BSNL का नेटवर्क, मिलेगी नई उड़ान

By
Shashank Pathak
NCR के यीडा क्षेत्र में RPSG समूह और मिंडा इंडस्ट्रीज का 3500 करोड़ का निवेश
ट्रेंडिंग खबरेंअन्य

NCR को मिला 3500 करोड़ का निवेश: यीडा में दो दिग्गज कंपनियों की एंट्री

By
Industrial Empire
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
Facebook X-twitter Youtube Linkedin

Quick links

  • About Us
  • Contact Us
Categories
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य

Policies

  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions

Copyright © 2025 The Industial Empire. All Rights Reserved.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?