रिलायंस JIO ने अपने 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स के लिए दिवाली से पहले एक बड़ा तोहफा दिया है। कंपनी ने देशभर में Voice over New Radio (VoNR) सर्विस लॉन्च कर दी है। जियो का कहना है कि यह नई तकनीक कॉलिंग के अनुभव को पूरी तरह बदल देगी। अब जियो यूजर्स को न सिर्फ अल्ट्रा-क्लियर वॉइस कॉल्स मिलेंगी, बल्कि कॉल ड्रॉप और कनेक्शन की समस्याएं भी काफी हद तक खत्म हो जाएंगी। आइए जानते हैं, आखिर यह नई सर्विस क्या है, कैसे काम करती है और यूजर्स के लिए इसमें क्या खास है।
क्या है VoNR?
VoNR यानी Voice over New Radio एक नई पीढ़ी की कॉलिंग टेक्नोलॉजी है, जो खासतौर पर 5G नेटवर्क के लिए बनाई गई है। अब तक कॉलिंग के लिए ज्यादातर कंपनियां VoLTE (Voice over LTE) का इस्तेमाल करती थीं, लेकिन VoNR इसे पूरी तरह रिप्लेस कर देगी। इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत है कि यह 5G नेटिव कॉलिंग को सपोर्ट करती है। यानी कॉल लगने, जुड़ने और कनेक्शन की क्वालिटी सब कुछ पहले से तेज़ और बेहतर होगा। जहां पहले कॉल कनेक्ट होने में 2-3 सेकंड लगते थे, वहीं अब यह समय काफी कम हो जाएगा।
अल्ट्रा-क्लियर वॉइस कॉल का अनुभव
JIO का दावा है कि VoNR सर्विस के शुरू होने के बाद जियो 5G यूजर्स को कॉल के दौरान स्टूडियो-क्वालिटी जैसी आवाज मिलेगी। कंपनी का कहना है कि यह सर्विस हर कम्पैटिबल जियो 5G फोन को एक मिनी स्टूडियो में बदल देगी। इससे आवाज ज्यादा क्लियर होगी, बैकग्राउंड नॉइज़ कम होगी, कनेक्शन ज्यादा स्टेबल रहेगा और कॉल ड्रॉप के मामले बहुत कम होंगे। जियो का कहना है कि इस नई तकनीक के कारण यूजर्स को पहले से ज्यादा स्मूद और क्वालिटी-फोकस्ड कॉलिंग अनुभव मिलेगा।
बैटरी की होगी बचत
JIO की VoNR सर्विस का एक और बड़ा फायदा यह है कि यह बैटरी एफिशिएंट है। चूंकि कॉलिंग अब पूरी तरह 5G नेटवर्क पर होगी, इसलिए फोन को बार-बार 4G पर फॉलबैक करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे फोन की बैटरी कम खर्च होगी और लंबे समय तक चलेगी।
कॉलिंग की समस्या होगी खत्म
अब तक कई यूजर्स को जियो 5G नेटवर्क पर कॉल करने में दिक्कतें आती थीं, क्योंकि कॉलिंग के लिए नेटवर्क को 4G पर स्विच करना पड़ता था। इसके चलते कॉल ड्रॉप, देरी और आवाज रुकने जैसी दिक्कतें आम थीं। VoNR के आने के बाद ये समस्याएं लगभग खत्म हो जाएंगी, क्योंकि अब कॉलिंग सीधे 5G स्टैंडअलोन कोर पर होगी। इससे कॉल की स्पीड, क्वालिटी और नेटवर्क स्थिरता सबकुछ पहले से बेहतर हो जाएगा।
जियो का बड़ा स्ट्रेटजिक कदम
VoNR की लॉन्चिंग जियो के लिए सिर्फ एक टेक्नोलॉजी अपग्रेड नहीं, बल्कि एक स्ट्रेटजिक मूव भी है। कंपनी इस सर्विस को अपने होमग्रोन 5G स्टैंडअलोन (SA) कोर और IMS-एन्हांस्ड इंफ्रास्ट्रक्चर पर चला रही है। इसका मतलब है कि जियो अब कॉलिंग टेक्नोलॉजी के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर हो रहा है। इसे किसी विदेशी सिस्टम पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। आने वाले समय में जियो अपनी 5G कॉलिंग टेक्नोलॉजी को ग्लोबल मार्केट में एक्सपोर्ट भी कर सकता है।
50 करोड़ यूजर्स को मिलेगा फायदा
JIO के देशभर में 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं। ऐसे में VoNR की शुरुआत करोड़ों लोगों के लिए बेहतर कॉलिंग अनुभव लेकर आएगी। जैसा की पहले बताया है कि इस सर्विस से कॉल क्वालिटी पहले से बेहतर हो जाएगी, कॉल कनेक्ट होने का समय घटेगा, नेटवर्क ज्यादा स्मार्ट और तेज़ काम करेगा इसके साथ ही बैटरी की खपत भी कम होगी। इस सर्विस के जरिए जियो भारतीय यूजर्स को ग्लोबल-स्टैंडर्ड कॉलिंग भी मुहैया कराने की तैयारी में है।
भारत की टेक्नोलॉजी को मिलेगा नया आयाम
JIO की यह पहल भारत को टेलीकॉम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकती है। चूंकि यह सर्विस पूरी तरह जियो के इन-हाउस 5G कोर पर आधारित है, इसलिए कंपनी आने वाले समय में अपनी तकनीक को दूसरे देशों में भी एक्सपोर्ट कर सकेगी। इससे न केवल जियो, बल्कि भारत की डिजिटल इकोनॉमी को भी मजबूती मिलेगी।
JIO की VoNR सर्विस भारतीय टेलीकॉम इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। यह न सिर्फ कॉल क्वालिटी को बेहतरीन बनाएगी, बल्कि भारत को 5G टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक अहम कदम भी है। दिवाली से पहले लॉन्च की गई यह सर्विस जियो यूजर्स के लिए एक ऐसा तोहफा है, जो कॉलिंग का अनुभव तेज़, साफ और बेहतर बनाने के साथ-साथ भारत को वैश्विक स्तर पर भी नई पहचान दिलाने की क्षमता रखता है।