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The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation > एग्रीकल्चर > Budget 2026: पशुपालकों के लिए बड़ी राहत, गांवों में आसान होगा पशुओं का इलाज
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Budget 2026: पशुपालकों के लिए बड़ी राहत, गांवों में आसान होगा पशुओं का इलाज

Shashank Pathak
Last updated: 02/02/2026 4:27 PM
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Shashank Pathak
ByShashank Pathak
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Budget 2026 में पशुपालकों के लिए सरकार की बड़ी घोषणा, गांवों में पशु इलाज और 20 हजार पशु डॉक्टर की योजना
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Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026-27 में पशुपालन सेक्टर को मजबूत करने के लिए सरकार ने एक अहम घोषणा की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश में पशु-चिकित्सा सेवाओं की भारी कमी को दूर करने के लिए 20,000 से ज्यादा नए पशु डॉक्टर और पैरावेट प्रोफेशनल्स तैयार किए जाएंगे। इसका सीधा फायदा गांवों में रहने वाले पशुपालकों को मिलेगा, जिन्हें आज भी अपने पशुओं के इलाज के लिए दूर शहरों का रुख करना पड़ता है। सरकार का मकसद है कि हर ब्लॉक और बड़े गांव तक पशु इलाज की बुनियादी सुविधा पहुंचे।

पशुपालन: गरीब और सीमांत परिवारों की रीढ़
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में बताया कि पशुधन कृषि आय का लगभग 16% योगदान देता है। खास बात यह है कि इस सेक्टर से जुड़े ज्यादातर लोग गरीब और सीमांत किसान हैं, जिनकी आय का बड़ा हिस्सा दूध, पशुपालन और उससे जुड़े कामों पर निर्भर करता है। जब पशुओं को समय पर इलाज नहीं मिल पाता, तो किसानों की आमदनी पर सीधा असर पड़ता है। नए पशु डॉक्टरों की नियुक्ति से न सिर्फ पशुओं की सेहत सुधरेगी, बल्कि किसानों की कमाई भी सुरक्षित होगी।

निजी निवेश को बढ़ावा: अस्पताल, लैब और प्रजनन केंद्र
सरकार ने पशु स्वास्थ्य सेवाओं में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के लिए लोन-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी योजना की घोषणा की है। इसके तहत निजी कंपनियां और युवा उद्यमी पशु अस्पताल, क्लिनिक, डायग्नोस्टिक लैब और प्रजनन केंद्र खोल सकेंगे। सरकार इन प्रोजेक्ट्स के लिए सस्ते लोन और सब्सिडी मुहैया कराएगी। इसके अलावा भारतीय और विदेशी संस्थानों के बीच सहयोग को भी आसान बनाया जाएगा, ताकि आधुनिक तकनीक और बेहतर इलाज की सुविधाएं देश के ग्रामीण इलाकों तक पहुंच सकें।

ग्रामीण रोजगार के खुलेंगे नए रास्ते
पशु डॉक्टरों की संख्या बढ़ने और निजी निवेश आने से गांवों में रोजगार के नए मौके पैदा होंगे। पैरावेट, टेक्नीशियन, लैब असिस्टेंट और फील्ड वर्कर जैसे पदों पर युवाओं को काम मिलेगा। इससे गांवों में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर तो मजबूत होगा ही, साथ ही युवाओं को शहरों की ओर पलायन करने की मजबूरी भी कम होगी।

सहकारी संस्थाओं को टैक्स राहत
बजट में सहकारिता सेक्टर के लिए भी राहत की घोषणा की गई है। दूध, तिलहन, फल और सब्जियों की आपूर्ति करने वाली प्राथमिक सहकारी संस्थाओं को मिलने वाली टैक्स छूट का दायरा अब पशुचारा और बिनौला (कॉटनसीड) की सप्लाई करने वाली संस्थाओं तक बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा किसी अधिसूचित राष्ट्रीय सहकारी संघ द्वारा 31 जनवरी 2026 तक कंपनियों में किए गए निवेश से मिलने वाली डिविडेंड इनकम पर तीन साल की टैक्स छूट देने का प्रस्ताव रखा गया है। इससे सहकारी संस्थाओं को मजबूत होने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सहारा मिलने की उम्मीद है।

नारियल, काजू और कोको किसानों को बड़ा सहारा
सरकार ने हाई-वैल्यू फसलों को बढ़ावा देने का भी ऐलान किया है। तटीय इलाकों में नारियल, चंदन, काजू और कोको जैसी फसलों को खास समर्थन दिया जाएगा। वित्त मंत्री ने बताया कि भारत दुनिया में नारियल का सबसे बड़ा उत्पादक है और करीब 3 करोड़ लोगों की आजीविका इससे जुड़ी है। पुराने और कम उत्पादन देने वाले नारियल के पेड़ों को नई किस्मों से बदलने के लिए नारियल प्रोत्साहन योजना लाई जाएगी, जिससे उत्पादन और किसानों की आमदनी बढ़ सके।

2030 तक काजू और कोको को बनाएंगे ग्लोबल ब्रांड
बजट 2026-27 में भारतीय काजू और कोको के लिए एक समर्पित कार्यक्रम का प्रस्ताव भी रखा गया है। इसका मकसद भारत को कच्चे काजू और कोको के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना और निर्यात में प्रतिस्पर्धा बढ़ाना है। सरकार का लक्ष्य है कि साल 2030 तक भारतीय काजू और कोको को प्रीमियम वैश्विक ब्रांड के रूप में स्थापित किया जाए। इससे तटीय राज्यों और पूर्वोत्तर के किसानों को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा।

किसानों और पशुपालकों के लिए बजट का संदेश
बजट 2026-27 का संदेश साफ है – गांव, किसान और पशुपालक अब सरकार की प्राथमिकता में हैं। पशु इलाज की सुविधाएं बेहतर होंगी, खेती में हाई-वैल्यू फसलों को बढ़ावा मिलेगा और सहकारी संस्थाओं को मजबूत किया जाएगा। अगर ये योजनाएं जमीन पर सही तरीके से लागू होती हैं, तो आने वाले सालों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय में साफ सुधार देखने को मिल सकता है।

TAGGED:AgricultureBudget 2026Industrial Empireकृषि बजटकृषि योजना
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