CM Yogi की जापान यात्रा के पहले ही दिन राज्य को बड़ी निवेश उपलब्धि मिली। टोक्यो में आयोजित निवेश रोड शो और उच्चस्तरीय बैठकों के दौरान विभिन्न जापानी कंपनियों के साथ लगभग 11 हजार करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर हुए। इन समझौतों को उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास और वैश्विक निवेश आकर्षण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने जापान के उद्योग जगत को यूपी में निवेश के लिए खुला आमंत्रण देते हुए राज्य को “भारत का सबसे तेज़ी से उभरता औद्योगिक गंतव्य” बताया।
टोक्यो में भव्य स्वागत और निवेश संवाद की शुरुआत
जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर यामानाशी प्रांत के वाइस गवर्नर, जापान में भारत की राजदूत और भारतीय समुदाय के प्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर जापान को “उगते सूरज की नवोन्मेषी भूमि” बताते हुए सांस्कृतिक और आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने का संदेश दिया। इसके बाद उन्होंने प्रमुख जापानी औद्योगिक समूहों के साथ अलग-अलग बैठकों में निवेश संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
कृषि, ऑटो, इलेक्ट्रॉनिक्स और लॉजिस्टिक्स में निवेश की संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने Kubota Corporation, Minda Corporation, Mitsui & Co., Konoike Transport, Japan Aviation Electronics और Nagase & Co. सहित कई कंपनियों के साथ बैठकों में कृषि यंत्र निर्माण, औद्योगिक मशीनरी, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में निवेश के अवसरों पर चर्चा की। इन क्षेत्रों में निवेश से राज्य में तकनीकी क्षमता बढ़ने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की उम्मीद है।
विशेष रूप से लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग क्षेत्र में जापानी निवेशकों की रुचि दिखाई दी। मुख्यमंत्री ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में विकसित हो रहे मेडिकल डिवाइस पार्क को जापानी कंपनियों के लिए बड़ा अवसर बताया और मेडिकल उपकरण निर्माण इकाइयां स्थापित करने का निमंत्रण दिया।
नोएडा एयरपोर्ट के पास बनेगा ‘जापान इंडस्ट्रियल सिटी’
टोक्यो रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास 500 एकड़ क्षेत्र में जापान का औद्योगिक शहर विकसित किया जा रहा है। यहां जापानी कंपनियों को क्लस्टर आधारित औद्योगिक वातावरण, आधुनिक लॉजिस्टिक्स और निर्यात सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह परियोजना उत्तर प्रदेश को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने की रणनीति का हिस्सा है।
यूपी की कनेक्टिविटी और बाजार क्षमता पर जोर
मुख्यमंत्री ने निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार है, जिसकी आबादी 25 करोड़ से अधिक है। राज्य उत्कृष्ट एक्सप्रेसवे नेटवर्क, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और औद्योगिक क्लस्टर्स के कारण निवेश के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ाव निर्यात उद्योगों के लिए लागत और समय दोनों में लाभ देता है।
रोजगार और औद्योगिक विस्तार को मिलेगा बढ़ावा
रोड शो के दौरान औद्योगिक समूहों ने इलेक्ट्रॉनिक्स, ईवी मोबिलिटी और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में निवेश की घोषणा की, जिससे अगले कुछ वर्षों में हजारों रोजगार सृजित होने की संभावना है। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने पिछले वर्षों में उत्तर प्रदेश में हुए बुनियादी ढांचे और औद्योगिक माहौल के “मेगा ट्रांसफॉर्मेशन” की सराहना भी की।
‘स्केल, स्किल, स्टेबिलिटी और स्पीड’ मॉडल से निवेश आकर्षण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश का विकास मॉडल चार स्तंभों—स्केल, स्किल, स्टेबिलिटी और स्पीड—पर आधारित है। राज्य में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां संचालित हैं, जो तीन करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार देती हैं। साथ ही 75 हजार एकड़ का भूमि बैंक और बुंदेलखंड में विकसित हो रहा विशाल औद्योगिक शहर भविष्य के निवेश के लिए मजबूत आधार प्रदान करता है।
यूपी को वैश्विक निवेश हब बनाने की दिशा
जापान यात्रा के पहले दिन हुए निवेश समझौते और औद्योगिक घोषणाएं यह संकेत देती हैं कि उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशकों के लिए तेजी से आकर्षक गंतव्य बन रहा है। जापानी कंपनियों की तकनीकी विशेषज्ञता और यूपी के विशाल बाजार व संसाधनों का मेल राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति दे सकता है। योगी आदित्यनाथ की जापान यात्रा ने उत्तर प्रदेश की वैश्विक औद्योगिक पहचान को मजबूत किया है और राज्य को निवेश, रोजगार और विनिर्माण विस्तार के नए दौर में प्रवेश कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।