लखनऊ। सीएसआईआर-केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीडीआरआई), लखनऊ के लिए यह गर्व का क्षण है। संस्थान के मुख्य वैज्ञानिक प्रोफेसर रविशंकर रामचंद्रन को देश की शीर्ष विज्ञान अकादमी, भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (आईएनएसए), नई दिल्ली का फेलो चुना गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान 9 सितंबर 2025 को घोषित किया गया।

जैव-चिकित्सा अनुसंधान में असाधारण योगदान
प्रो. रामचंद्रन ने प्रारंभिक औषधि लक्ष्य खोज और संरचनात्मक जीवविज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उनका शोध विशेष रूप से माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस (क्षयरोग का कारक जीवाणु) की गहरी समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण रहा है। आणविक और संरचनात्मक जीव विज्ञान में उनके कार्य ने न केवल चिकित्सा विज्ञान को नई दिशा दी है, बल्कि मानव स्वास्थ्य से जुड़े गंभीर सवालों के समाधान भी प्रस्तुत किए हैं।
नेतृत्व और नवाचार का उदाहरण
सीएसआईआर-सीडीआरआई का मानना है कि यह फेलोशिप न केवल प्रो. रामचंद्रन की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि संस्थान के वैज्ञानिक नेतृत्व और वैश्विक स्तर पर उसके बढ़ते प्रभाव का प्रमाण भी है। वैज्ञानिक समुदाय में उनकी नवाचारी सोच, गहन शोध और अनुकरणीय नेतृत्व ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई है।
75 वर्ष की गौरव यात्रा में नई उपलब्धि
सीएसआईआर-सीडीआरआई इस वर्ष औषधि अनुसंधान में 75 वर्ष पूरे कर रहा है। इस विशेष अवसर पर मिली यह उपलब्धि संस्थान की उस प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है, जिसके तहत वह विश्वस्तरीय जैव-चिकित्सा अनुसंधान और नेतृत्व को बढ़ावा देता आ रहा है।
वैज्ञानिक जगत में गौरव का क्षण
संस्थान ने प्रो. रामचंद्रन को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान भारतीय विज्ञान समुदाय की उपलब्धियों को भी नई ऊंचाई पर ले जाएगा। उनका कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी है और चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा।