The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
Wednesday, Feb 4, 2026
Facebook X-twitter Youtube Linkedin
  • About Us
  • Contact Us
Subscribe
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • फर्श से अर्श तक
  • बिजनेस आईडिया
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
    • रिन्यूएबल एनर्जी
    • नॉन रिन्यूएबल एनर्जी
  • फूड प्रोसेसिंग
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • अन्य
Font ResizerAa
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & InnovationThe Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • फर्श से अर्श तक
  • बिजनेस आईडिया
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
  • फूड प्रोसेसिंग
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • अन्य
Search
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • फर्श से अर्श तक
  • बिजनेस आईडिया
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
    • रिन्यूएबल एनर्जी
    • नॉन रिन्यूएबल एनर्जी
  • फूड प्रोसेसिंग
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2026 The Industrial Empire. All Rights Reserved.
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation > एग्रीकल्चर > Government Schemes: सरकारी सब्सिडी से खेत में तालाब, फिर मोती की खेती, किसानों के लिए लाखों कमाने का मौका
एग्रीकल्चर

Government Schemes: सरकारी सब्सिडी से खेत में तालाब, फिर मोती की खेती, किसानों के लिए लाखों कमाने का मौका

Shashank Pathak
Last updated: 12/01/2026 4:27 PM
By
Shashank Pathak
ByShashank Pathak
Follow:
Share
सरकारी सब्सिडी से खेत में बना तालाब और उसमें की जा रही मोती की खेती
SHARE

Government Schemes: किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार लगातार नई योजनाएं लेकर आ रही है। इसी कड़ी में खेत तालाब योजना किसानों के लिए एक बड़ा अवसर बनकर सामने आई है। इस योजना के तहत किसान सरकारी सब्सिडी से अपने खेत में तालाब बनवा सकते हैं और सिर्फ सिंचाई ही नहीं, बल्कि मछली पालन और मोती की खेती जैसे मुनाफे वाले बिजनेस की शुरुआत भी कर सकते हैं। सही योजना और थोड़ी जानकारी के साथ यह पहल किसानों की आर्थिक तस्वीर बदल सकती है।

क्या है खेत तालाब योजना
खेत तालाब योजना का मुख्य उद्देश्य बारिश के पानी को खेतों में ही संरक्षित करना है, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए बार-बार बाहरी संसाधनों पर निर्भर न रहना पड़े। यह योजना राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के ‘ड्रॉप मोर क्रॉप’ घटक के तहत चलाई जा रही है। इससे पानी की बचत होती है और फसल की पैदावार बेहतर होती है। खास बात यह है कि अब किसान इस तालाब का इस्तेमाल कमाई बढ़ाने के लिए भी कर सकते हैं।

सरकार दे रही है 50 प्रतिशत सब्सिडी
इस योजना के तहत तालाब निर्माण की कुल लागत करीब 1.50 लाख रुपये तय की गई है। इसमें से सरकार 50 प्रतिशत यानी लगभग 52,500 रुपये की सब्सिडी देती है। यह अनुदान किसानों के बैंक खाते में दो किस्तों में सीधे ट्रांसफर किया जाता है। इससे किसानों पर आर्थिक बोझ काफी कम हो जाता है और वे आसानी से तालाब बनवा सकते हैं।

आवेदन की आसान प्रक्रिया
खेत तालाब योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। किसान उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट agridarshan.up.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर जाकर निरीक्षण करते हैं। मंजूरी मिलने के बाद किसान को लगभग 30 दिनों के भीतर तालाब बनवाना होता है। प्रक्रिया सरल होने के कारण छोटे और मध्यम किसान भी इसका लाभ उठा सकते हैं।

तालाब से किसानों को होंगे कई फायदे
खेत में बने तालाब से बारिश का पानी जमा होता है, जिससे सिंचाई की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाती है। इसके साथ ही किसान मछली पालन, सिंघाड़ा, मखाना और मोती की खेती जैसी गतिविधियां भी शुरू कर सकते हैं। इससे खेती सिर्फ खर्च का जरिया न रहकर कमाई का मजबूत साधन बन जाती है।

मोती की खेती: कम लागत, ज्यादा मुनाफा
तालाब में मोती की खेती एक ऐसा बिजनेस है, जिसमें कम जमीन और सीमित संसाधनों के साथ अच्छी कमाई की जा सकती है। इस खेती में स्वस्थ सीपों के अंदर एक छोटा सा बीज डाला जाता है। इसके बाद नियंत्रित वातावरण में सीप के अंदर धीरे-धीरे मोती विकसित होता है। यह प्रक्रिया धैर्य और देखभाल मांगती है, लेकिन मुनाफा काफी आकर्षक होता है।

मोती की खेती कैसे होती है
मोती की खेती के लिए साफ और संतुलित पीएच वाला पानी जरूरी होता है। सबसे पहले खास किस्म की सीपियां तैयार की जाती हैं। इन सीपियों में सावधानी से एक छोटा बीड और दूसरी सीप की टिशू डाली जाती है। इसके बाद इन्हें तालाब के पानी में लटका दिया जाता है। करीब 12 से 24 महीनों तक सीपों की देखभाल की जाती है। तय समय के बाद सीप से मोती निकाले जाते हैं, जिसे हार्वेस्टिंग कहा जाता है।

कितनी आएगी लागत और कितनी होगी कमाई
एक एकड़ के तालाब में मोती की खेती शुरू करने के लिए लगभग 4 लाख रुपये की लागत आती है। इससे करीब 40 हजार मोती तैयार किए जा सकते हैं। अच्छी गुणवत्ता के मोती बाजार में 120 से 160 रुपये प्रति मोती तक बिकते हैं। इस तरह कुल कमाई करीब 12 लाख रुपये तक हो सकती है, जिसमें से लगभग 8 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा संभव है।

मोती की खेती के बड़े फायदे
मोती की खेती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कम मेहनत में ज्यादा मुनाफा मिलता है। इसके लिए बहुत ज्यादा जमीन की जरूरत नहीं होती और छोटे तालाब में भी यह काम शुरू किया जा सकता है। पारंपरिक खेती की तुलना में इसमें शारीरिक श्रम भी कम लगता है। साथ ही, सरकार की योजनाओं और सब्सिडी से लागत और जोखिम दोनों कम हो जाते हैं।

कैसे शुरू करें मोती की खेती
मोती की खेती शुरू करने से पहले किसानों को वैज्ञानिक प्रशिक्षण लेना जरूरी होता है। कई सरकारी संस्थान मुफ्त ट्रेनिंग भी उपलब्ध कराते हैं। सीप खरीदने के लिए सरकारी या मान्यता प्राप्त संस्थानों से संपर्क करना चाहिए। सही प्रशिक्षण और मार्गदर्शन के साथ किसान इस बिजनेस को सफलतापूर्वक शुरू कर सकते हैं।

किसानों के लिए सुनहरा अवसर
खेत तालाब योजना और मोती की खेती मिलकर किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर बन सकती है। यह योजना न सिर्फ पानी की समस्या हल करती है, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम है। सही जानकारी और मेहनत के साथ किसान लाखों की कमाई कर सकते हैं।

TAGGED:Agriculturegovernment schemesIndustrial EmpireKhet Talab Yojanasubsidy
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article PSLV-C62 मिशन में तकनीकी गड़बड़ी, ISRO के 16 सैटेलाइट अंतरिक्ष में फंसे PSLV मिशन में आई गड़बड़ी, अंतरिक्ष में फंसे 16 सैटेलाइट, ISRO को लगा झटका
Next Article ईरान से व्यापार पर अमेरिका के 25% अतिरिक्त टैरिफ का भारत की अर्थव्यवस्था और निर्यात पर प्रभाव ईरान से व्यापार पर अमेरिका का 25% अतिरिक्त Tariff प्रस्ताव, भारत पर बढ़ेगा दबाव?
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Might Also Like

सैमसंग गैलेक्सी A17 5G भारत में ₹20,000 से कम कीमत
ऑटो/टेक

सैमसंग गैलेक्सी A17 5G लॉन्च: कीमत, ऑफर्स, स्पेसिफिकेशन्स और बिक्री का बड़ा लक्ष्य

By
Industrial Empire
ऑटो/टेक

Digital india: अक्टूबर 2025 में 50,000 से अधिक मोबाइल रिकवर, सालाना रिकॉर्ड 7 लाख के पार

By
Industrial empire correspondent
जयप्रकाश एसोसिएट्स
अन्य

रियल एस्टेट के बाजार में बड़ा धमाका: अडानी, रामदेव, अग्रवाल सबको चाहिए यही कंपनी!

By
Industrial Empire
फूड प्रोसेसिंग

यूपी को ‘फूड बास्केट’ बनाने की ओर बढ़ रही योगी सरकार

By
Industrial Empire
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
Facebook X-twitter Youtube Linkedin

Quick links

  • About Us
  • Contact Us
Categories
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • फर्श से अर्श तक
  • बिजनेस आईडिया
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
  • फूड प्रोसेसिंग
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • अन्य

Policies

  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions

Copyright © 2025 The Industial Empire. All Rights Reserved.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?