Grok Controversy: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) एक बार फिर विवादों में है। इस बार मामला उसके आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल Grok AI से जुड़ा है, जिस पर अश्लील और यौन-उत्प्रेरक कंटेंट को बढ़ावा देने के आरोप लगे हैं। विवाद बढ़ने के बाद X ने अपनी गलती स्वीकार की है और भारतीय कानूनों का पालन करते हुए महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भरोसा दिया है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, X ने माना है कि उसके कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम में खामियां थीं, जिनका गलत फायदा उठाया गया। प्लेटफॉर्म ने सरकार को आश्वस्त किया है कि वह भविष्य में ऐसी किसी भी सामग्री को सख्ती से रोकेगा, जो महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा के खिलाफ हो।
कैसे शुरू हुआ Grok विवाद?
यह मामला तब सामने आया, जब X पर बड़ी संख्या में अश्लील और यौन-उत्प्रेरक पोस्ट दिखाई देने लगीं। आरोप है कि इनमें से कई पोस्ट Grok AI की मदद से बनाई गई थीं या फिर AI द्वारा और अधिक आपत्तिजनक बना दी गई थीं। इन पोस्ट्स में महिलाओं की तस्वीरों का बिना अनुमति के इस्तेमाल किया गया, जिससे उनकी निजता और सम्मान पर सवाल खड़े हो गए। मामला गंभीर होता देख सरकार ने X से जवाब तलब किया।
सरकार की सख्ती, हजारों पोस्ट हटाए गए
सरकारी सूत्रों के अनुसार, अब तक करीब 3,500 अश्लील पोस्ट्स को ब्लॉक किया जा चुका है, जबकि 600 से ज्यादा अकाउंट्स को हटाया गया है। X ने यह भी भरोसा दिलाया है कि अब प्लेटफॉर्म पर किसी भी तरह की अश्लील इमेजरी को अनुमति नहीं दी जाएगी, चाहे वह AI से बनाई गई हो या किसी अन्य माध्यम से। X का कहना है कि वह भारत के आईटी कानूनों और कंटेंट गाइडलाइंस का पूरी तरह पालन करेगा और मॉडरेशन सिस्टम को और मजबूत बनाया जाएगा।
प्रियंका चतुर्वेदी की कड़ी आपत्ति
राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस पूरे मामले में X के रुख पर कड़ी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि प्लेटफॉर्म ने अश्लील कंटेंट को पूरी तरह रोकने के बजाय, इसे सिर्फ पेड यूजर्स तक सीमित करने का फैसला लिया, जो बेहद चिंताजनक है। प्रियंका चतुर्वेदी ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि यह फैसला यह संकेत देता है कि पैसे के बदले नियमों और सुरक्षा मानकों से समझौता किया जा सकता है। इससे महिलाओं और बच्चों की तस्वीरों के गलत इस्तेमाल का खतरा और बढ़ जाता है।
“AI का शर्मनाक उपयोग” – प्रियंका चतुर्वेदी
प्रियंका चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि X इस तरह के कंटेंट को “क्रिएटिविटी और इनोवेशन” के नाम पर मोनेटाइज कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह AI तकनीक का शर्मनाक और खतरनाक इस्तेमाल है, जो सुरक्षित डिजिटल माहौल के बिल्कुल खिलाफ है। उनका कहना है कि जब तक ऐसे टूल्स पर सख्त गार्डरेल्स नहीं लगाए जाते, तब तक महिलाओं की ऑनलाइन सुरक्षा खतरे में रहेगी।
पहले ही सरकार को चेताया था
इस विवाद से पहले, 1 जनवरी को ही प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर Grok AI के दुरुपयोग को लेकर चिंता जताई थी।उन्होंने पत्र में बताया था कि कुछ लोग फर्जी अकाउंट्स के जरिए महिलाओं की तस्वीरें पोस्ट कर Grok की मदद से उन्हें यौन-उत्प्रेरक बना रहे हैं। यह न सिर्फ महिलाओं की गोपनीयता का उल्लंघन है, बल्कि उनके मौलिक अधिकारों पर भी सीधा हमला है।
AI और महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
यह पूरा मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या AI टूल्स के विकास के साथ सुरक्षा और जिम्मेदारी को नजरअंदाज किया जा रहा है? विशेषज्ञों का मानना है कि AI आधारित प्लेटफॉर्म्स को तकनीकी नवाचार के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी निभानी होगी। सरकार की सख्ती और X के अपनी गलती मानने के बाद, अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या प्लेटफॉर्म वास्तव में अपने वादों पर खरा उतरता है या यह भरोसा सिर्फ बयानबाजी तक सीमित रहेगा।