भारत को Semiconductor निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गौतम बुद्ध नगर के जेवर में स्थापित होने जा रहे एचसीएल और फॉक्सकॉन के संयुक्त ओएसएटी (OSAT) संयंत्र को भारत के सेमीकंडक्टर मिशन का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से आयोजित शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह परियोजना देश को वैश्विक चिप निर्माण मानचित्र पर मजबूत स्थान दिलाएगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब केवल सॉफ्टवेयर ही नहीं, बल्कि हार्डवेयर और चिप निर्माण जैसे उन्नत क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनका मानना है कि यह संयंत्र भारत को उन देशों की श्रेणी में शामिल करने की दिशा में अहम कदम है, जो आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को संचालित करने वाली उन्नत चिप्स का निर्माण करते हैं।
3,700 करोड़ की परियोजना, 2028 तक उत्पादन लक्ष्य
करीब 3,700 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस संयुक्त परियोजना का नाम “इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड” रखा गया है। यह 60:40 के अनुपात में एचसीएल समूह और फॉक्सकॉन की साझेदारी पर आधारित है। परियोजना के 2028 तक पूरी तरह चालू होने की संभावना है। इस परियोजना में कुल निवेश का लगभग 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा केंद्र और राज्य सरकारों की प्रोत्साहन योजनाओं के तहत उपलब्ध कराया जाएगा। यह सहायता भारत सरकार के सेमीकंडक्टर प्रोत्साहन कार्यक्रम और उत्तर प्रदेश सरकार की औद्योगिक योजनाओं के माध्यम से दी जाएगी।
डिस्प्ले चिप असेंबली और टेस्टिंग की पहली इकाई
यह संयंत्र लगभग 48 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जिसमें पहले चरण में 15 एकड़ क्षेत्र में ओएसएटी सुविधा स्थापित होगी। प्रस्तावित क्षमता के अनुसार यह इकाई हर महीने लगभग 20,000 वेफर्स की प्रोसेसिंग कर सकेगी। खास बात यह है कि यह देश की पहली डिस्प्ले ड्राइवर इंटीग्रेटेड सर्किट (IC) चिप ओएसएटी इकाई होगी। इसका मुख्य कार्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाले डिस्प्ले चिप्स की असेंबली और परीक्षण करना होगा। इससे भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और डिस्प्ले तकनीक उद्योग को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
सेमीकंडक्टर से बढ़ेगा विनिर्माण और रोजगार
ग्राउंडब्रेकिंग समारोह में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सेमीकंडक्टर आधुनिक अर्थव्यवस्था की आधारभूत तकनीक है। जिन देशों में चिप निर्माण की क्षमता होती है, वहां ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, दूरसंचार और रक्षा जैसे क्षेत्रों में तेजी से औद्योगिक विकास होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर का यह संयंत्र भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में मजबूत स्थान दिलाने में मदद करेगा। साथ ही इससे हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर भी पैदा होंगे।
एचसीएल और फॉक्सकॉन का साझा विजन
कार्यक्रम में रोशनी नादर मल्होत्रा ने कहा कि यह परियोजना एचसीएल समूह की विकास यात्रा में नया अध्याय है। उन्होंने बताया कि कंपनी की इंजीनियरिंग विरासत लंबे समय से भारत के तकनीकी क्षेत्र को मजबूत करती रही है और अब सेमीकंडक्टर निवेश के माध्यम से विनिर्माण इकोसिस्टम को और सशक्त बनाया जाएगा। वहीं फॉक्सकॉन के सेमीकंडक्टर बिजनेस ग्रुप के प्रमुख बॉब चेन ने कहा कि “इंडिया चिप” पहल का उद्देश्य भारत में विश्वसनीय असेंबली और टेस्टिंग सुविधाएं स्थापित करना है। इससे घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों की जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने भारत में उभरते सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र को उत्साहजनक बताया।
भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को मिलेगा बड़ा बल
यह परियोजना एचसीएल समूह, फॉक्सकॉन, भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के साझा प्रयासों का परिणाम है। विश्लेषकों के अनुसार, सेमीकंडक्टर निर्माण में निवेश से भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता मजबूत होगी और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण उद्योग को नई गति मिलेगी। जेवर में बनने वाला यह हाईटेक ओएसएटी संयंत्र न केवल देश के चिप निर्माण इकोसिस्टम को मजबूत करेगा, बल्कि भारत को वैश्विक तकनीकी विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आने वाले वर्षों में यह परियोजना भारत के डिजिटल और औद्योगिक विकास की नई पहचान बन सकती है।