kia india ने अपने सर्टिफाइड प्री-ओन्ड (CPO) यानी इस्तेमाल की हुई कारों के बिज़नेस को मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा और ग्राहकों के हित में फैसला लिया है। कंपनी ने न केवल किआ ब्रैंड की यूज्ड कारों की वॉरंटी बढ़ाई है, बल्कि पहली बार अन्य ब्रैंड्स की कारों के लिए भी वॉरंटी प्लान उपलब्ध कराए हैं। इससे किआ का यूज्ड कार मार्केट में भरोसा और पहुंच दोनों बढ़ने की उम्मीद है।
किआ ने बढ़ाई अपने पुराने मॉडलों की सीमा
किआ इंडिया की नई पहल के तहत कंपनी ने अपने पुराने मॉडलों की सर्टिफिकेशन उम्र सीमा को 5 साल से बढ़ाकर 7 साल कर दिया है। इसका मतलब यह है कि अब 7 साल तक पुरानी किआ कारें भी सर्टिफाइड प्री-ओन्ड कैटेगरी में बेची जा सकेंगी। इन सर्टिफाइड कारों पर कंपनी 24 महीने या 40 हजार किलोमीटर, इनमें से जो भी पहले पूरा हो, तक की वॉरंटी दे रही है। यह कदम ग्राहकों को पुरानी कार खरीदते समय अधिक भरोसा और सुरक्षा प्रदान करेगा।
अन्य ब्रैंड्स की कारों पर भी मिलेगी वॉरंटी
किआ इंडिया की यह पहल केवल अपनी कारों तक सीमित नहीं रही। कंपनी ने अब अपने CPO आउटलेट्स पर उपलब्ध अन्य ब्रैंड्स की यूज्ड कारों पर भी वॉरंटी देनी शुरू कर दी है। इन कारों पर 12 महीने या 15 हजार किलोमीटर, जो भी पहले पूरा हो, तक की वॉरंटी मिलेगी। यह कदम बताता है कि किआ यूज्ड कार मार्केट को केवल बढ़ाना नहीं चाहती, बल्कि इसे व्यवस्थित और विश्वसनीय भी बनाना चाहती है।
ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा?
किआ इंडिया का यह बड़ा कदम ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने पर केंद्रित है। अब ग्राहक जब किआ का कोई पुराना मॉडल खरीदेंगे, तो उन्हें विस्तारित वॉरंटी मिलेगी, साथ में ज्यादा समय तक सर्टिफिकेशन का फायदा भी मिलेगा। इन नए बदलावों से ग्राहकों का पुरानी कार खरीदते समय भरोसा और भी मजबूत होगा। लंबी वॉरंटी और सख्त सर्टिफिकेशन मानकों की वजह से खरीदारों का कन्फिडेंस बढ़ेगा, साथ ही भविष्य में अचानक होने वाले बड़े खर्चों का डर भी काफी कम हो जाएगा। इसके अलावा, सर्टिफाइड वाहनों की क्वालिटी तय होने से उनकी रीसेल वैल्यू भी बेहतर रहती है। आमतौर पर लोग यूज्ड कार खरीदते समय भरोसे और क्वालिटी को लेकर असमंजस में रहते हैं, लेकिन किआ की नई पहल इन अधिकांश चिंताओं को दूर कर उन्हें एक सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प देती है।
175-पॉइंट इंस्पेक्शन
किआ CPO प्रोग्राम की सबसे बड़ी खासियत इसका कठोर टेस्टिंग प्रोसेस है। कंपनी के मुताबिक, हर कार को 175-पॉइंट इंस्पेक्शन टेस्ट से गुजरना पड़ता है। यह इंजन से लेकर ब्रेक, एक्सटीरियर से लेकर इंटीरियर और इलेक्ट्रिकल सिस्टम तक हर छोटी-बड़ी चीज़ को जांचता है। कम्पनी का कहना है कि केवल वही वाहन सर्टिफाइड किए जाते हैं जो इस सख्त गुणवत्ता मानक को पार करते हैं। फिलहाल किआ इंडिया के पास देशभर में 114 CPO आउटलेट्स हैं, जो इस पूरे नेटवर्क को मजबूत बनाते हैं।
कंपनी का विजन
किआ इंडिया लगातार यूज्ड कार मार्केट में अपनी जगह मजबूत करने पर काम कर रही है। कंपनी का लक्ष्य अच्छी क्वालिटी वाली प्री-ओन्ड कारों को अधिक सुलभ बनाना और कस्टमर एक्सपीरियंस को अगले स्तर पर ले जाना है। किआ का ये कदम ऐसे समय आया है जब भारत में यूज्ड कार मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। अधिक से अधिक लोग नई के बजाय अच्छी हालत की सेकंड-हैंड कार खरीदने की ओर भी आकर्षित हो रहे हैं।
किआ इंडिया ने क्या कहा?
किआ इंडिया के सेल्स एंड मार्केटिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अतुल सूद ने कहा कि कंपनी हमेशा ग्राहक-केंद्रित इनोवेशन पर ध्यान देती है। उनके मुताबिक “बेहतर वॉरंटी और अन्य ब्रैंड्स की कारों पर वॉरंटी की सुविधा देकर हम एक पारदर्शी और भरोसेमंद इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य हर खरीदार को बेहतरीन ओनरशिप अनुभव देना है।”
यूज्ड कार खरीदने का अनुभव होगा पहले से भी सुरक्षित
किआ इंडिया के इस नए कदम से CPO मार्केट में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और ग्राहकों को अधिक विकल्प और भरोसा मिलेगा। लंबी वॉरंटी, सख्त इंस्पेक्शन, अन्य ब्रैंड्स की कारों पर कवरेज – ये सब बदलाव यूज्ड कार खरीदना पहले की तुलना में बेहतर और सुरक्षित बना देंगे। किआ इंडिया का यह प्रयास यूज्ड कार सेगमेंट को ज्यादा संगठित, पारदर्शी और ग्राहक-हित में बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।