आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन और बिट्स पिलानी के कुलाधिपति कुमार मंगलम बिड़ला ने शिक्षा क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि BITS पिलानी में ₹2200 करोड़ का निवेश किया जाएगा। इसका मकसद संस्थान को न सिर्फ बेहतर बनाना है, बल्कि इसे AI और एडवांस टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक अग्रणी शैक्षणिक केंद्र के रूप में स्थापित करना भी है।
मौजूदा कैंपस का होगा आधुनिकीकरण
इस निवेश का एक बड़ा हिस्सा, यानी करीब 1200 करोड़ रुपये, पिलानी, हैदराबाद और गोवा के मौजूदा परिसरों के विकास में लगाया जाएगा। यहां नए शिक्षण भवन, रिसर्च लैब्स, छात्रावास और फैकल्टी हाउसिंग विकसित की जाएंगी। बिड़ला का लक्ष्य है कि अगले पांच वर्षों में बिट्स पिलानी की छात्र क्षमता को 18,700 से बढ़ाकर 26,000 किया जाए।
अमरावती में बनेगा ‘AI Plus’ कैंपस
दूसरा बड़ा कदम है आंध्र प्रदेश के अमरावती में ₹1000 करोड़ की लागत से एक नया “AI Plus” कैंपस बनाना। यह भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, डेटा साइंस और साइबर-फिजिकल सिस्टम्स जैसी तकनीकों पर केंद्रित होगा। यहां 7 हजार से ज्यादा छात्रों को प्रवेश मिलेगा और उन्हें वैश्विक स्तर की रिसर्च, डिग्री और इंटर्नशिप सुविधाएं दी जाएंगी।
भारत को मिलेगा ग्लोबल एजुकेशन में नया मुकाम
यह पूरा प्रोजेक्ट दिखाता है कि बिट्स पिलानी अब सिर्फ पारंपरिक इंजीनियरिंग का संस्थान नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य की तकनीकों में भारत का प्रतिनिधित्व करेगा। कुमार मंगलम बिड़ला का यह सपना देश की टेक्नोलॉजी एजुकेशन को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में बड़ा कदम है।