आंध्र प्रदेश के लॉजिस्टिक्स सेक्टर को आधुनिक, तेज और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NICDC), लॉजिस्टिक्स डेटा सर्विसेज लिमिटेड (NLDSL) और आंध्र प्रदेश सरकार के बीच एक बड़ा समझौता ज्ञापन (MoU) साइन किया गया है।
यह समझौता 14 नवंबर 2025 को विशाखापत्तनम में आयोजित 30वें CII Partnership Summit में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की उपस्थिति में संपन्न हुआ। यह साझेदारी राज्य के लॉजिस्टिक्स इको-सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और रियल-टाइम डेटा आधारित बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
ULIP के जरिए लॉजिस्टिक्स सेक्टर का बड़ा परिवर्तन
इस समझौते का सबसे बड़ा फोकस Unified Logistics Interface Platform (ULIP) का उपयोग है। यह प्लेटफॉर्म लॉजिस्टिक्स से जुड़ी जानकारी को एक ही डिजिटल गेटवे पर लाता है, जिससे सभी सरकारी और निजी हितधारकों को रियल-टाइम डेटा मिलता है। ULIP पहले से ही 11 मंत्रालयों की 44 प्रणालियों के साथ जुड़ा हुआ है और 136 APIs के माध्यम से 2,000 से अधिक डेटा फ़ील्ड्स को एकीकृत कर चुका है।
ULIP का उद्देश्य
लॉजिस्टिक्स संचालन में पारदर्शिता लाना
देरी और लागत को कम करना
डेटा-आधारित फैसलों को आसान बनाना
सरकारी विभागों और उद्योगों के बीच समन्वय बढ़ाना
अभी तक ULIP का उपयोग करके निजी कंपनियों ने 210 से अधिक एप्लिकेशन विकसित किए हैं और इसके जरिए 200 करोड़ से अधिक API ट्रांजैक्शन हो चुके हैं।
राज्य में बनेगा इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स डैशबोर्ड
समझौते के अनुसार, आंध्र प्रदेश सरकार और NLDSL मिलकर एक Integrated Logistics Dashboard तैयार करेंगे। इस डैशबोर्ड के जरिए राज्य के सभी विभागों में लॉजिस्टिक्स गतिविधियों की निगरानी, प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (KPIs) की ट्रैकिंग, रियल-टाइम एनालिटिक्स और नीति-निर्माण के लिए डेटा आधारित रिपोर्ट उपलब्ध होंगी। डैशबोर्ड से प्राप्त जानकारी का उपयोग राज्य में एक कुशल, तेज और डिजिटल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तैयार करने के लिए किया जाएगा।
लॉजिस्टिक्स इको-सिस्टम को तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम
यह MoU भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर में तकनीक को मुख्य धारा में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन है। इस डिजिटल पहल से सप्लाई चेन अधिक मजबूत होगी, लागत कम होगी, ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग आसान होगी साथ ही व्यवसायों के लिए माल ढुलाई तेज और विश्वसनीय बनेगी। सरकार का मानना है कि यह प्रोजेक्ट न सिर्फ आंध्र प्रदेश को, बल्कि पूरे भारत को एक आधुनिक, वैश्विक स्तर की लॉजिस्टिक्स अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में आगे बढ़ाएगा।
राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (NLP) के अनुरूप कदम
यह समझौता भारत की राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (NLP) के लक्ष्यों को सीधा समर्थन देता है, जिसका उद्देश्य लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना, इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार करना, डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाना और मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स सिस्टम को मजबूत करना है। ULIP जैसे प्लेटफॉर्म NLP को जमीन पर उतारने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
मौके पर मौजूद प्रमुख हस्तियां
समझौते के समय एनआईसीडीसी के CEO एवं MD और NLDSL के चेयरमैन रजत कुमार सैनी, INCAP के VC & MD सीवी प्रवीण आदित्य और NLDSL के CEO ताकायुकी कानो मौजूद थे। इन्होंने संयुक्त रूप से इस साझेदारी को राज्य के डिजिटल लॉजिस्टिक्स भविष्य के लिए ऐतिहासिक बताया।
आंध्र प्रदेश और केंद्रीय एजेंसियों के बीच यह समझौता राज्य को डिजिटल लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ULIP की मदद से लॉजिस्टिक्स डेटा का रियल-टाइम उपयोग बढ़ेगा, सप्लाई चेन पारदर्शी बनेगी और राज्य के उद्योगों को तेज, आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय मानकों वाली सेवाएं मिलेंगी। यह समझौता भारत के लॉजिस्टिक्स भविष्य को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाने वाला है।