अगर आपका बैंक खाता भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में है और आप मोबाइल या इंटरनेट बैंकिंग के जरिए अक्सर पैसे ट्रांसफर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक SBI 15 फरवरी 2026 से IMPS मनी ट्रांसफर से जुड़े नियमों और चार्ज स्ट्रक्चर में बदलाव करने जा रहा है। इस बदलाव का सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा, जो बड़े अमाउंट का डिजिटल ट्रांजैक्शन करते हैं। डिजिटल पेमेंट के दौर में IMPS सबसे भरोसेमंद और तेज माध्यम माना जाता है, लेकिन अब इसकी कीमत कुछ मामलों में बढ़ने वाली है।
कब से लागू होंगे SBI के नए IMPS चार्ज?
SBI के अनुसार, IMPS से जुड़े नए नियम 15 फरवरी 2026 से लागू होंगे। इसका मतलब है कि 14 फरवरी की रात 12 बजे तक किए गए ट्रांजैक्शन पुराने चार्ज के हिसाब से होंगे, लेकिन इसके बाद हर डिजिटल ट्रांसफर पर नई दरें लागू हो जाएंगी। यह बदलाव खास तौर पर इंटरनेट बैंकिंग और YONO ऐप से पैसे भेजने वाले ग्राहकों को ध्यान में रखकर किया गया है।
ऑनलाइन IMPS ट्रांसफर अब कितना होगा महंगा?
SBI ने डिजिटल IMPS ट्रांजैक्शन के लिए एक नया चार्ज स्ट्रक्चर तय किया है। हालांकि राहत की बात यह है कि छोटे अमाउंट के ट्रांजैक्शन पर ग्राहकों को किसी तरह का शुल्क नहीं देना होगा और वे पहले की तरह मुफ्त रहेंगे। नए नियमों के तहत यदि कोई ग्राहक ₹25,000 तक की राशि ट्रांसफर करता है, तो उस पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। वहीं ₹25,000 से ₹1 लाख तक की रकम भेजने पर ₹2 के साथ GST देना होगा। अगर ट्रांजैक्शन राशि ₹1 लाख से ₹2 लाख के बीच होती है, तो इस पर ₹6 प्लस GST चार्ज किया जाएगा। इसके अलावा ₹2 लाख से ₹5 लाख तक के बड़े ट्रांजैक्शन पर ₹10 और GST का शुल्क देना पड़ेगा। चाहे ग्राहक SBI की YONO ऐप का इस्तेमाल करें या इंटरनेट बैंकिंग के जरिए IMPS ट्रांजैक्शन करें, यह चार्ज सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर समान रूप से लागू होगा।
ब्रांच से IMPS कराने वालों के लिए क्या बदलेगा?
जो ग्राहक अभी भी बैंक ब्रांच जाकर IMPS के जरिए पैसा ट्रांसफर कराते हैं, उनके लिए फिलहाल राहत की बात है। भारतीय स्टेट बैंक ने ब्रांच के माध्यम से किए जाने वाले IMPS ट्रांजैक्शन के चार्ज में कोई बदलाव नहीं किया है और ये शुल्क पहले की तरह ही लागू रहेंगे। मौजूदा व्यवस्था के तहत ₹1,000 तक के ट्रांजैक्शन पूरी तरह मुफ्त रहेंगे, जबकि ₹1,000 से ₹10,000 तक की राशि भेजने पर ₹2 के साथ GST देना होगा। वहीं बड़े अमाउंट यानी ₹2 लाख से ₹5 लाख तक के IMPS ट्रांजैक्शन पर ब्रांच में ₹20 प्लस GST का शुल्क लिया जाएगा। इससे साफ संकेत मिलता है कि बैंक ग्राहकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म की ओर प्रोत्साहित करना चाहता है, क्योंकि ब्रांच के मुकाबले ऑनलाइन IMPS ट्रांजैक्शन पर लगने वाले चार्ज अब भी कम हैं।
किन खाताधारकों को नहीं देना होगा कोई चार्ज?
SBI ने अपने कुछ विशेष खाताधारकों को नए IMPS चार्ज से पूरी तरह राहत दी है। यदि आपका खाता इन श्रेणियों में शामिल है, तो आपको IMPS ट्रांजैक्शन पर किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। बैंक के अनुसार सैलरी पैकेज अकाउंट के साथ-साथ DSP, PMSP, ICSP, CGSP, PSP और RSP जैसे विशेष अकाउंट्स पर यह छूट लागू रहेगी। इसके अलावा शौर्य फैमिली पेंशन अकाउंट और SBI रिश्ते फैमिली सेविंग्स अकाउंट रखने वाले ग्राहकों को भी इस नए चार्ज से मुक्त रखा गया है। इन सभी खातों में IMPS के जरिए पैसे भेजना पहले की तरह पूरी तरह मुफ्त रहेगा, जिससे इन ग्राहकों पर किसी तरह का अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।
IMPS ट्रांसफर लिमिट और जरूरी सावधानी
IMPS के जरिए एक दिन में अधिकतम ₹5 लाख तक ट्रांसफर किया जा सकता है। यह लिमिट पहले की तरह ही बरकरार रखी गई है। हालांकि SBI ने ग्राहकों को खास चेतावनी भी दी है। IMPS एक रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम है, जिसमें पैसा तुरंत सामने वाले के खाते में पहुंच जाता है। एक बार ट्रांजैक्शन पूरा हो जाने के बाद उसे रिवर्स करना लगभग नामुमकिन होता है। इसलिए अकाउंट नंबर और IFSC कोड डालते समय पूरी सावधानी बरतें।
क्या है IMPS और क्यों है यह इतना जरूरी?
IMPS यानी Immediate Payment Service, एक ऐसा डिजिटल पेमेंट सिस्टम है जो 24×7 काम करता है। चाहे बैंक हॉलिडे हो या रात का समय, IMPS से पैसा तुरंत ट्रांसफर किया जा सकता है। यही वजह है कि आज लाखों लोग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए IMPS का इस्तेमाल करते हैं। हाल ही में SBI ने ATM और कैश डिपॉजिट मशीन (ADWM) के चार्ज में भी बदलाव किए हैं, जिससे साफ है कि बैंक अपने सर्विस चार्ज सिस्टम को नए दौर के हिसाब से री-डिजाइन कर रहा है।
15 फरवरी से लागू होने वाले ये नए नियम छोटे ट्रांजैक्शन करने वालों को ज्यादा प्रभावित नहीं करेंगे, लेकिन बड़े डिजिटल ट्रांसफर करने वालों को अब पहले से ज्यादा चार्ज देना पड़ सकता है। ऐसे में ग्राहकों के लिए जरूरी है कि वे ट्रांजैक्शन से पहले चार्ज और जरूरत दोनों पर ध्यान दें।