नई दिल्ली। भारत का रियल एस्टेट सेक्टर अब सिर्फ घरेलू निवेशकों तक सीमित नहीं रहा। दुनिया की दिग्गज लक्ज़री वाहन कंपनियां भी अब भारतीय प्रॉपर्टी बाजार की ओर गंभीरता से देख रही हैं। Mercedes-benz और BMW जैसी प्रीमियम ऑटोमोबाइल ब्रांड्स की नजरें भारत की ब्रांडेड रेजिडेंशियल परियोजनाओं पर टिकी हुई हैं। उद्योग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, ये कंपनियां देश के प्रमुख शहरों में कई रियल एस्टेट डेवलपर्स के साथ शुरुआती बातचीत कर रही हैं और 2026 में इस दिशा में बड़े सौदे देखने को मिल सकते हैं।
गुरुग्राम बना Mercedes-benz की पहली पसंद
मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि Mercedes-benz गुरुग्राम में एक लक्ज़री ब्रांडेड रिहायशी परियोजना को लेकर कई डेवलपर्स से बातचीत कर रही है। यह वही मॉडल है, जिसे कंपनी दुबई और अमेरिका के मियामी जैसे इंटरनेशनल मार्केट्स में पहले ही आजमा चुकी है। मर्सिडीज-बेंज की ये परियोजनाएं घर के साथ एक लाइफस्टाइल अनुभव देने के लिए जानी जाती हैं, जिसमें डिजाइन, सुविधाएं और ब्रांड वैल्यू तीनों का खास मेल होता है।
BMW भी तलाश रही है मौके
वहीं BMW की भी भारतीय रियल एस्टेट बाजार में सक्रियता बढ़ती दिख रही है। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि कंपनी सीधे किसी ब्रांडेड रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट के लिए बातचीत कर रही है या फिर अपनी डिजाइन कंसल्टेंसी शाखा Designworks के जरिए। Designworks पहले से ही रियल एस्टेट सेक्टर को क्रिएटिव और डिजाइन से जुड़ी सेवाएं देती है, ऐसे में BMW का यह कदम भारत में उसकी मौजूदगी को नए स्तर पर ले जा सकता है।
लैम्बोर्गिनी परिवार के कदम से बढ़ी हलचल
इस पूरे ट्रेंड को रफ्तार देने का काम टोनिनो लैम्बोर्गिनी परिवार की भारत में बढ़ती दिलचस्पी ने किया है। पिछले महीने खबर आई थी कि Tonino Lamborghini Spa मुंबई और चेन्नई में दो प्रमुख रियल एस्टेट डेवलपर्स के साथ बातचीत के अंतिम चरण में है। इस ब्रांड की स्थापना मशहूर कार निर्माता फेरुसियो लैम्बोर्गिनी के बेटे टोनिनो लैम्बोर्गिनी ने की थी। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि लैम्बोर्गिनी परिवार की एंट्री ने अन्य लक्ज़री ब्रांड्स का भरोसा भी भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में बढ़ाया है।
क्यों बढ़ रही है ब्रांडेड रेजिडेंसी की मांग?
नोएसिस कैपिटल एडवाइजर्स के सीईओ नंदीवर्धन जैन के मुताबिक, भारत में हाई-नेटवर्थ इंडिविजुअल्स और अल्ट्रा-रिच क्लास तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे ग्राहक अब एक घर नहीं, बल्कि एक ग्लोबल ब्रांड से जुड़ा अनुभव चाहते हैं। ब्रांडेड रेजिडेंस उन्हें बेहतर डिजाइन, प्रीमियम सर्विस और अंतरराष्ट्रीय मानकों की लाइफस्टाइल का भरोसा देती हैं। यही वजह है कि डेवलपर्स अब बड़े ब्रांड्स के साथ हाथ मिलाने को उत्सुक हैं।
भारत बना दुनिया का बड़ा ब्रांडेड हाउसिंग मार्केट
आंकड़े बताते हैं कि ब्रांडेड रेजिडेंशियल परियोजनाओं की संख्या के मामले में भारत इस समय दुनिया में छठे स्थान पर है। वैश्विक आपूर्ति में भारत की हिस्सेदारी करीब 25 फीसदी है। देश में पहले से ही फोर सीजन्स, रिट्ज कार्लटन, मैरियट, अरमानी कासा, वर्साचे होम, ट्रंप ब्रांड, हयात, पुलमैन, आईटीसी और हिल्टन जैसे बड़े नाम मौजूद हैं। हाल ही में इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) ने चेन्नई में ताज ब्रांडेड रेजिडेंसी की घोषणा भी की है।
मेट्रो से टियर-2 शहरों तक विस्तार
विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई जैसे महानगर इस सेगमेंट के केंद्र बने हुए हैं। लेकिन अब भुवनेश्वर, चंडीगढ़, अहमदाबाद, गोवा और सूरत जैसे शहर, साथ ही बड़े महानगरों से दो घंटे की ड्राइव दूरी वाले इलाके भी ब्रांडेड रेजिडेंसी के नए हॉटस्पॉट बनते जा रहे हैं।
2030 तक दोगुना होगा बाजार
नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, 2011 में जहां ब्रांडेड रेजिडेंसी प्रोजेक्ट्स की संख्या 169 थी, वहीं 2025 तक यह बढ़कर 611 हो चुकी है। अनुमान है कि 2030 तक यह आंकड़ा 1,000 के पार पहुंच जाएगा। सैविल्स की रिपोर्ट भी बताती है कि एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में इस सेगमेंट की सप्लाई पिछले पांच वर्षों में 55 फीसदी बढ़ी है, जिसमें भारत की भूमिका अहम रही है।
भारतीय रियल एस्टेट नए दौर में
कुल मिलाकर, मर्सिडीज-बेंज, BMW और लैम्बोर्गिनी जैसे ग्लोबल ब्रांड्स की बढ़ती दिलचस्पी यह संकेत देती है कि भारतीय रियल एस्टेट अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। आने वाले वर्षों में भारत सिर्फ घरों का नहीं, बल्कि ग्लोबल लक्ज़री लाइफस्टाइल का भी बड़ा केंद्र बन सकता है।