The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
Sunday, Mar 29, 2026
Facebook X-twitter Youtube Linkedin
  • About Us
  • Contact Us
Subscribe
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
    • रिन्यूएबल एनर्जी
    • नॉन रिन्यूएबल एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Font ResizerAa
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & InnovationThe Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Search
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
    • रिन्यूएबल एनर्जी
    • नॉन रिन्यूएबल एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2026 The Industrial Empire. All Rights Reserved.
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation > अन्य > वर्किंग कैपिटल और टेक्नोलॉजी पर फोकस, नीति आयोग की बड़ी पहल
अन्य

वर्किंग कैपिटल और टेक्नोलॉजी पर फोकस, नीति आयोग की बड़ी पहल

Last updated: 27/05/2025 2:58 PM
By
Nisha Mandal
Share
नीति आयोग की नई पहल से मझोले उद्योगों को वर्किंग कैपिटल और तकनीकी सुधार में मिलेगा सहयोग
SHARE

भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों में मझोले उद्योगों की भूमिका बेहद अहम रही है। यह क्षेत्र रोजगार के अवसर बढ़ाने, नवाचार को बढ़ावा देने और घरेलू उत्पादन को मजबूती देने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। हाल के सालों में वैश्विक प्रतिस्पर्धा डिजिटल बदलाव और आर्थिक असंतुलन के चलते मझोले उद्योगों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। इसी पृष्ठभूमि में नीति आयोग ने मझोले उद्योगों को सशक्त बनाने के लिए एक बड़ी और दूरदर्शी पहल की है।

नीति आयोग ने अपने हालिया प्रस्ताव में यह स्पष्ट किया है कि मझोले उद्योगों को विकास की दौड़ में बनाए रखने के लिए उन्हें दो मुख्य क्षेत्रों में मदद की जरूरत है। कार्यशील पूंजी और तकनीकी सुधार। आयोग का मानना है कि जब तक इन उद्योगों को समय पर वित्तीय सहायता नहीं मिलेगी और वे आधुनिक तकनीक को नहीं अपनाएंगे तब तक वे प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाएंगे।

कार्यशील पूंजी की समस्या मझोले उद्योगों के लिए कोई नई बात नहीं है। अधिकांश यूनिट्स को बैंकों और वित्तीय संस्थानों से ऋण प्राप्त करने में कठिनाई होती है, जिससे उनका उत्पादन प्रभावित होता है। नीति आयोग का सुझाव है कि इन उद्योगों के लिए एक साधारण और तेज़ क्रेडिट व्यवस्था विकसित की जाए ताकि उन्हें आवश्यक धनराशि समय पर उपलब्ध हो सके। इसके लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और एकल-विंडो सिस्टम का उपयोग बढ़ाने पर बल दिया गया है।

दूसरा महत्वपूर्ण पहलू है तकनीकी सुधार। आज के दौर में उद्योगों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने के लिए स्वचालन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा एनालिटिक्स और आधुनिक उत्पादन तकनीकों को अपनाना जरूरी है। लेकिन मझोले उद्योगों के पास इसके लिए आवश्यक संसाधन और विशेषज्ञता की कमी है। नीति आयोग ने सुझाव दिया है कि सरकार तकनीकी प्रशिक्षण, रिसर्च एवं डेवलपमेंट केंद्रों की स्थापना करें, जिससे इन उद्योगों को नई तकनीक को अपनाने में मदद मिल सके।

नीति आयोग का यह भी मानना है कि केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर इन योजनाओं को जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक लागू किया जा सकता है। साथ ही निजी क्षेत्र की भागीदारी और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल को भी बढ़ावा देने की आवश्यकता है।

इसी के साथ यह पहल मझोले उद्योगों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है। अगर इसे प्रभावी रूप से लागू किया जाए, तो यह न केवल इन उद्योगों को पुनर्जीवित करेगा बल्कि देश की आर्थिक प्रगति में भी अहम योगदान देगा। नीति आयोग की यह सोच दूरदर्शी और व्यवहारिक दोनों है, जो आने वाले सालों में भारत को एक आत्मनिर्भर और औद्योगिक दृष्टि से मजबूत राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर कर सकती है।

TAGGED:Industrial EmpireMSME technology upgradeNITI Aayog initiativesNITI Aayog MSMEWorking capital support
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article DGFT की नई नीति से चमड़ा निर्यातकों को राहत, कारोबार में आई सरलता और निर्यात प्रक्रियाएं हुईं आसान। चमड़ा निर्यातकों को राहत : DGFT ने आसान किया कारोबार का रास्ता
Next Article OTT ऐप्स से शुल्क लेकर गांवों में इंटरनेट सेवा को बेहतर बनाना OTT ऐप्स से फीस लेकर गांवों में इंटरनेट पहुंचाने की टेलीकॉम कंपनियों की पहल
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Might Also Like

India–US Trade Deal के तहत पशुओं के चारे का आयात, DDGs और सोयाबीन तेल पर किसानों की चिंता
एग्रीकल्चर

India–US Trade Deal में पशुओं का चारा बना विवाद की वजह, किसानों की बढ़ी बेचैनी

By
Industrial empire correspondent
Donald Trump immigration policy impact on immigrants legal status in America
ट्रेंडिंग खबरें

Trump की सख्त इमिग्रेशन नीति से अमेरिका में हड़कंप, 15 लाख प्रवासियों का लीगल स्टेटस खतरे में

By
Shashank Pathak
Gaza peace deal between Israel and Hamas announced by Donald Trump after two years of war
ट्रेंडिंग खबरें

Gaza में बड़ी सफलता: इजरायल-हमास के बीच शांति समझौते पर बनी सहमति, ट्रंप ने किया ऐलान

By
Industrial Empire
Jio Financial Services
अन्य

फायदा या नुक्सान? 17 अप्रैल को तय होगा मुकेश अंबानी की कंपनी का भविष्य

By
Industrial Empire
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
Facebook X-twitter Youtube Linkedin

Quick links

  • About Us
  • Contact Us
Categories
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य

Policies

  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions

Copyright © 2025 The Industial Empire. All Rights Reserved.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?