देश में तेजी से बढ़ती वजन घटाने वाली दवाओं की मांग अब फार्मा सेक्टर में नया रिकॉर्ड बना रही है। सितंबर में अमेरिकी कंपनी Eli Lilly की दवा Mounjaro ने बिक्री के मामले में देश के शीर्ष दवा ब्रांड्स को कड़ी टक्कर दी है। महज एक महीने में ही यह ₹80 करोड़ की बिक्री के साथ भारत की दूसरी सबसे ज्यादा बिकने वाली दवा बन गई है।
देश के दवा बाजार में नया चैंपियन उभरता दिखा
भारत का फार्मा बाजार अब तेजी से बदल रहा है। अब तक जहां GlaxoSmithKline (GSK) की एंटीबायोटिक Augmentin और Mixtard जैसी मधुमेह की दवाएं चार्ट में शीर्ष पर रहती थीं, वहीं अब Mounjaro ने इनकी बादशाहत को चुनौती दी है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर में Augmentin की बिक्री ₹85 करोड़ रही जबकि Mounjaro ने ₹80 करोड़ की बिक्री के साथ उसके बेहद करीब पहुंचकर बाजार में हलचल मचा दी। मार्च 2023 में लॉन्च हुई यह दवा बहुत कम समय में लोगों की पसंद बन गई है।
क्या है Mounjaro और कैसे काम करती है यह दवा?
Mounjaro एक इंजेक्शन के रूप में दी जाने वाली दवा है जो मोटापा और टाइप-2 डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए बनाई गई है। यह शरीर में इंसुलिन को नियंत्रित करने के साथ-साथ भूख को कम करती है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है।
हाल ही में कंपनी ने इसे ‘Quickpen’ नाम के प्री-फिल्ड डिवाइस में लॉन्च किया, जिससे मरीजों के लिए इसका इस्तेमाल और आसान हो गया। यही वजह है कि इसकी बिक्री में अचानक तेज़ उछाल देखा गया।
कीमत ज्यादा, मांग फिर भी जबरदस्त
Mounjaro की मांग में बढ़ोतरी का एक बड़ा कारण है – इसके तेज़ असर और विश्वसनीय नतीजे। हालांकि इसकी कीमत आम दवाओं से कहीं ज्यादा है। रिपोर्ट के मुताबिक, Mounjaro का एक मरीज के लिए औसत मासिक खर्च ₹14,000 से ₹27,000 तक पहुंच सकता है। इसके मुकाबले Augmentin 625 Duo की 10 गोलियों की एक स्ट्रिप की कीमत ₹200 से भी कम है। कीमत ज्यादा होने के बावजूद शहरी इलाकों में वजन कम करने की चाह और फिटनेस के बढ़ते ट्रेंड ने इस दवा को हाई-डिमांड प्रोडक्ट बना दिया है।
प्रतियोगिता में पीछे रह गई Wegovy
Mounjaro की मुख्य प्रतिद्वंद्वी दवा Wegovy, जो Novo Nordisk कंपनी की है, बिक्री के मामले में अभी पीछे चल रही है। सितंबर में Wegovy की बिक्री लगभग ₹9 करोड़ रुपये दर्ज की गई। फार्मा इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि Eli Lilly ने समय रहते अपने वितरण नेटवर्क और मार्केटिंग को मजबूत किया, वहीं Wegovy की सप्लाई में कमी देखने को मिली।
फार्मा मार्केट में ₹20 हजार करोड़ की सेल
सितंबर में देश के संगठित फार्मा रिटेल मार्केट की कुल बिक्री ₹20 हजार करोड़ से ज्यादा रही, जो पिछले साल की तुलना में 7.3% अधिक है। इसमें से बड़ा हिस्सा अब डायबिटीज और वजन घटाने से जुड़ी दवाओं का है। Mounjaro की तेज़ी ने इस सेगमेंट को और भी हाई-वैल्यू मार्केट में बदल दिया है।
एक साल का आंकड़ा क्या कहता है?
अगर पिछले 12 महीनों की कुल बिक्री देखें तो Augmenti और Glycomet GP अब भी शीर्ष पर बने हुए हैं। लेकिन जिस रफ्तार से Mounjaro आगे बढ़ रहा है, आने वाले महीनों में यह लीडरशिप बदल सकती है। फार्मा एक्सपर्ट्स का कहना है कि सितंबर में GST दर को 18% से घटाकर 5% कर दिए जाने के कारण वितरण चैनल में थोड़ी अस्थिरता जरूर आई, लेकिन रिटेल बिक्री पर इसका असर नहीं पड़ा।
फार्मा इंडस्ट्री में क्रान्ति
विशेषज्ञों का मानना है कि वजन घटाने वाली दवाओं का बाजार आने वाले दो सालों में तीन गुना तक बढ़ सकता है। Mounjaro की बढ़ती बिक्री यह संकेत देती है कि भारतीय उपभोक्ता अब हेल्थ और फिटनेस में पहले से कहीं ज्यादा निवेश कर रहे हैं। अगर यही रफ्तार रही, तो Mounjaro जल्द ही भारत की नंबर 1 दवा बन सकती है और यह फार्मा बाजार में एक नई क्रांति की शुरुआत होगी।