Stock Market Closing: 12 फरवरी को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। पिछले तीन कारोबारी सत्रों से चल रही तेजी की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच घरेलू बाजार में आईटी सेक्टर के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिसका सीधा असर सेंसेक्स और निफ्टी पर पड़ा। निवेशकों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी बदलती तस्वीर और अमेरिका के मजबूत रोजगार आंकड़ों को लेकर सतर्कता दिखी। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक जैसे दिग्गज शेयरों में कमजोरी ने भी बाजार को नीचे खींचा।
सेंसेक्स-निफ्टी का हाल: दिनभर दबाव में रहा बाजार
बीएसई सेंसेक्स गिरावट के साथ 83,968 के स्तर पर खुला और कारोबार के दौरान 83,516 तक फिसल गया। आखिर में सेंसेक्स 558.72 अंक या करीब 0.66 फीसदी की गिरावट के साथ 83,674.92 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी-50 भी दिनभर दबाव में रहा। निफ्टी 25,906 पर खुला, लेकिन खरीदारी का दम नहीं दिखा सका और अंत में 146.65 अंक या 0.57 फीसदी गिरकर 25,807 पर बंद हुआ। बाजार की चाल से साफ है कि निवेशक फिलहाल बड़े दांव लगाने से बचते नजर आ रहे हैं।
आईटी शेयरों में भारी बिकवाली, एआई बना चिंता की वजह
दिन की सबसे बड़ी कमजोरी आईटी सेक्टर में देखने को मिली। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 5.5 फीसदी लुढ़क गया, जो सभी सेक्टर्स में सबसे ज्यादा गिरावट थी। टेक महिंद्रा, इंफोसिस, टीसीएस और एचसीएल टेक जैसे बड़े शेयरों में तेज बिकवाली हुई। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते असर से आईटी सर्विस मॉडल में बदलाव की आशंका निवेशकों को डरा रही है। एआई के चलते कई दोहराए जाने वाले काम ऑटोमेट हो सकते हैं, जिससे पारंपरिक आउटसोर्सिंग मॉडल पर दबाव बढ़ सकता है। इसी डर के कारण निवेशक फिलहाल आईटी शेयरों में मुनाफावसूली कर रहे हैं।
किन शेयरों पर पड़ा सबसे ज्यादा असर, कौन टिके रहे मजबूत?
सेंसेक्स के टॉप लूजर्स में टेक महिंद्रा, इंफोसिस, टीसीएस और एचसीएल टेक शामिल रहे। इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा में भी गिरावट देखने को मिली। दूसरी ओर, कुछ शेयरों ने गिरते बाजार में भी मजबूती दिखाई। बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और ट्रेंट हरे निशान में बंद हुए और निवेशकों को थोड़ी राहत दी।
सेक्टोरल तस्वीर: आईटी सबसे कमजोर, रियल्टी और ऑयल-गैस भी फिसले
सेक्टोरल फ्रंट पर आईटी के अलावा रियल्टी और ऑयल एंड गैस सेक्टर में भी दबाव रहा। निफ्टी रियल्टी करीब 1.45 फीसदी और निफ्टी ऑयल एंड गैस करीब 1.19 फीसदी नीचे बंद हुआ। हालांकि फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर ने थोड़ी मजबूती दिखाई और करीब 0.38 फीसदी की बढ़त दर्ज की। ब्रोडर मार्केट में भी कमजोरी का असर दिखा। निफ्टी मिडकैप करीब 0.47 फीसदी और स्मॉलकैप करीब 0.64 फीसदी गिरकर बंद हुए। इससे संकेत मिलता है कि सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिड और स्मॉल कैप में भी बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
ग्लोबल मार्केट्स का असर: एशिया मजबूत, अमेरिका सुस्त
एशियाई बाजारों में माहौल घरेलू बाजार से बेहतर रहा। जापान का निक्केई पहली बार 58,000 के स्तर के ऊपर पहुंचा और करीब 0.5 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ। दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 1.9 फीसदी चढ़ा, जबकि ऑस्ट्रेलिया का एएसएक्स 200 भी बढ़त में रहा। वहीं अमेरिकी बाजारों में हल्की सुस्ती दिखी। निवेशक वहां कंपनियों के तिमाही नतीजों और मजबूत रोजगार आंकड़ों का आकलन करते रहे। एसएंडपी 500 लगभग सपाट रहा, नैस्डैक हल्की गिरावट में बंद हुआ और डॉव जोन्स भी थोड़ा फिसला।
निवेशकों के लिए संकेत: शॉर्ट टर्म में सतर्कता जरूरी
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि एआई को लेकर अनिश्चितता, अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम होना और भू-राजनीतिक तनाव जैसे फैक्टर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा सकते हैं। शॉर्ट टर्म में निवेशकों को ज्यादा सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। हालांकि लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए गिरावट के दौर में अच्छे शेयरों को धीरे-धीरे जमा करने का मौका भी बन सकता है।