Sudeep Pharma: फार्मास्यूटिकल्स सेक्टर की मजबूत खिलाड़ी सुदीप फार्मा ने शुक्रवार को शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री की और शुरुआत से ही निवेशकों को फायदा पहुंचाया। कंपनी का शेयर बीएसई पर 733.95 रुपये पर खुला, जो इसके 593 रुपये के इश्यू प्राइस से करीब 23.77 फीसदी ऊंचा था। NSE पर भी शेयर ने शुरुआत से ही सकारात्मक रुख दिखाया और 730 रुपये पर खुलकर 23.10% प्रीमियम दिलाया। दिलचस्प बात यह रही कि लिस्टिंग ठीक उसी दिशा में रही, जैसा कि ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) में अनुमान लगाया जा रहा था। मार्केट में पहले से ही करीब 20% की GMP चर्चा में थी, जिससे निवेशकों की उम्मीदें पहले ही बढ़ चुकी थीं।
कंपनी के आईपीओ ने पिछली सप्ताह जबरदस्त चर्चा बटोरी थी। 21 से 25 नवंबर के बीच खुले ऑफर में निवेशकों का उत्साह साफ दिखा, क्योंकि पूरा इश्यू लगभग 93.71 गुना सब्सक्राइब हुआ। खासकर क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) की मांग ने सबको चौंकाया, जिन्होंने आईपीओ को 213.08 गुना तक बोली लगाई। यह इस साल केमिकल और इंग्रेडिएंट सेक्टर की सबसे आक्रामक QIB डिमांड में से एक रही। इसके साथ हाइ नेट-वर्थ इन्वेस्टर्स (HNIs) ने भी शानदार प्रतिक्रिया देते हुए इश्यू के हिस्से को 116.72 गुना सब्सक्राइब किया। रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व कैटेगरी भी 15.65 गुना तक भरी, जो कंपनी पर छोटे निवेशकों का भरोसा दर्शाती है।
आईपीओ की लिस्टिंग से पहले एंकर निवेश भी मजबूत रहे। कंपनी ने 20 नवंबर को एंकर निवेशकों को करीब 45.27 लाख शेयर अलॉट कर 268.50 करोड़ रुपये जुटाए थे, जिससे इसकी मजबूत मार्केट छवि का पता चलता है। एंकर लॉक-इन का पहला चरण 26 दिसंबर को खत्म हुआ था, जिसके बाद शेयर में थोड़ी हलचल देखने को मिली थी।
Sudeep Pharma का प्राइस बैंड 563-593 रुपये रखा गया था और कंपनी ने ऊपरी स्तर यानी 593 रुपये पर इश्यू प्राइस सेट किया। ग्रे मार्केट की हलचल को देखते हुए विशेषज्ञों का अनुमान था कि शेयर की लिस्टिंग 700 से 720 रुपये के बीच हो सकती है। लेकिन कंपनी ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन दिखाते हुए निवेशकों को और ज्यादा रिटर्न दिया। हालांकि आगे का रुझान काफी हद तक बाजार की स्थिति, मिड-कैप सेगमेंट में गतिविधियों और स्पेशियलिटी केमिकल्स उद्योग के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।
क्या करती है कपंनी ?
कंपनी के बिजनेस मॉडल की बात करें तो Sudeep Pharma, फार्मा उद्योग के लिए बेहद जरूरी मटीरियल बनाती है। यह फार्मास्युटिकल एक्सिपिएंट्स, फूड-ग्रेड मिनरल्स और स्पेशियलिटी न्यूट्रिशन इंग्रेडिएंट्स तैयार करती है। इसकी सप्लाई चेन दुनिया भर के 100 से अधिक देशों तक फैली है, जो इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा नाम बनाती है। कंपनी के पास कुल छह मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं, जिनकी संयुक्त क्षमता 50 हजार टन है। इनके जरिए कंपनी कैल्शियम, जिंक, पोटेशियम, मैग्नीशियम, आयरन और सोडियम जैसे मिनरल बेस्ड इंग्रेडिएंट्स तैयार करती है। साथ ही कंपनी ट्रिट्यूरेट्स और हाई-वैल्यू एक्सिपिएंट्स भी बनाती है, जिनकी मांग वैश्विक दवा कंपनियों में काफी अधिक है।
वित्तीय मोर्चे पर भी Sudeep Pharma ने बेहतरीन स्थिरता और ग्रोथ का प्रदर्शन किया है। कंपनी का राजस्व FY24 में 465.38 करोड़ रुपये था, जो FY25 में बढ़कर 511.33 करोड़ रुपये पहुंच गया। ये लगभग 10 प्रतिशत की ग्रोथ दिखाता है। नेट प्रॉफिट भी FY24 के 133.15 करोड़ रुपये से बढ़कर FY25 में 138.69 करोड़ रुपये हो गया। जून 2025 तिमाही में कंपनी ने 130.08 करोड़ रुपये का रेवेन्यू और 31.27 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया, जो स्थायी मांग का संकेत है। इसका EBITDA FY25 में 199.28 करोड़ रुपये रहा, जो लगभग 39.70 प्रतिशत का मार्जिन दिखाता है, जबकि PAT मार्जिन 27.63 प्रतिशत रहा। दोनों आंकड़े कंपनी की परिचालन दक्षता और मजबूत वित्तीय नींव को दिखाते हैं।
कंपनी का बैलेंस शीट भी निवेशकों के लिए भरोसेमंद है। FY25 तक कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.20 था, यानी कंपनी पर कर्ज लगभग न के बराबर है। इसके साथ कंपनी के पास 668.52 करोड़ रुपये का मजबूत रिजर्व मौजूद है, जो इसके भविष्य के विस्तार और निवेश क्षमता को और मज़बूत बनाता है।