UP Budget: उत्तर प्रदेश सरकार ने 11 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट विधानसभा में पेश किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने यह लगातार 10वां बजट पेश किया है। इस बार का बजट अब तक का सबसे बड़ा बताया जा रहा है। जहां पिछले साल 2025-26 में बजट का आकार करीब ₹8.08 लाख करोड़ था, वहीं इस बार यह बढ़कर करीब ₹9.12 लाख करोड़ पहुंच गया है। यानी सरकार ने बजट में करीब 13% की बढ़ोतरी की है। इस बजट में सबसे ज्यादा जोर किसानों, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर दिया गया है।
सरकार का कहना है कि उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन के मामले में देश का अग्रणी राज्य है। गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा जैसी फसलों के उत्पादन में यूपी का योगदान राष्ट्रीय स्तर पर अहम है। इसी वजह से बजट में किसानों के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं।
गन्ना किसानों के लिए बड़ी सौगात
इस बजट की सबसे बड़ी घोषणा गन्ना किसानों के लिए की गई है। पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना मूल्य में ₹30 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। सरकार का अनुमान है कि इस फैसले से गन्ना किसानों को करीब ₹3,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान मिलेगा। इसके अलावा सरकार ने यह भी बताया कि मौजूदा कार्यकाल में अब तक किसानों को ₹3,04,321 करोड़ रुपये से ज्यादा का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है। यह आंकड़ा पिछले 22 सालों में हुए कुल गन्ना भुगतान ₹2,13,519 करोड़ से करीब ₹90,802 करोड़ ज्यादा है। इससे साफ है कि सरकार गन्ना किसानों की भुगतान व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
गेहूं और धान खरीद में भी बढ़ा सरकारी समर्थन
गन्ना के साथ-साथ सरकार ने अन्य फसलों की खरीद में भी किसानों को राहत दी है। रबी विपणन वर्ष 2025-26 में सरकार ने किसानों से 10.27 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा और इसके बदले करीब ₹2,512 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। वहीं खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 42.96 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई, जिसके लिए किसानों को ₹9,710 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान किया गया। इसके अलावा 54,253 किसानों से 2.14 लाख मीट्रिक टन बाजरा खरीदा गया और करीब ₹595 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। इन आंकड़ों से साफ है कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के जरिए किसानों को सीधा फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
महिला गन्ना किसानों को प्राथमिकता
बजट में महिला किसानों को भी खास जगह दी गई है। गन्ना पर्ची जारी करने की प्रक्रिया में महिला किसानों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसका फायदा प्रदेश की करीब 60,000 महिला गन्ना किसानों को मिल रहा है। सरकार का मानना है कि इससे महिला किसानों की भागीदारी बढ़ेगी और उन्हें अपनी फसल बेचने में ज्यादा सहूलियत मिलेगी।
लोन और बीमा योजनाओं से मिली राहत
यूपी सरकार ने किसानों को वित्तीय सहारा देने के लिए कर्ज और बीमा योजनाओं पर भी जोर दिया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अल्पकालिक फसली ऋण के तहत करीब ₹10,257 करोड़ रुपये वितरित किए गए, जिससे लगभग 15 लाख किसानों को फायदा मिला। वहीं दीर्घकालिक कृषि ऋण योजना के तहत नवंबर 2025 तक ₹205 करोड़ रुपये जारी किए गए, जिससे 6,870 किसानों को लाभ मिला। इसके साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 2017 से अब तक करीब 62 लाख किसानों को ₹5,110 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दी गई है। किसान सम्मान निधि योजना के जरिए भी करोड़ों किसानों के खातों में सीधे मदद पहुंचाई जा रही है।
किसानों के लिए राहत भरा बजट
यूपी बजट 2026-27 में किसानों के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी, गेहूं-धान की बड़े पैमाने पर खरीद, महिला किसानों को प्राथमिकता और लोन-बीमा योजनाओं के जरिए सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का संकेत दिया है। अगर ये योजनाएं जमीनी स्तर पर सही तरीके से लागू होती हैं, तो आने वाले समय में यूपी के किसानों की आय और आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिल सकता है।