Young entrepreneur: भारत में उद्यमिता की तस्वीर तेजी से बदल रही है। अब कारोबार की कमान सिर्फ पुराने उद्योगपतियों के हाथों में नहीं, बल्कि युवा और ऊर्जावान उद्यमियों के पास भी है। एवेंडस वेल्थ-हुरुन इंडिया यू40 लिस्ट 2025 की ताज़ा रिपोर्ट इस बदलाव की साफ झलक दिखाती है। रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 40 वर्ष से कम उम्र के 201 उद्यमी मिलकर करीब ₹31 लाख करोड़ रुपये के कारोबार को संभाल रहे हैं। यह राशि भारत के कुल सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का लगभग 11 प्रतिशत है।
पहली पीढ़ी के उद्यमियों की बढ़ती ताकत
इस रिपोर्ट की सबसे खास बात यह है कि इसमें शामिल 83 प्रतिशत उद्यमी पहली पीढ़ी के संस्थापक हैं। यानी उन्होंने पारिवारिक विरासत के बजाय अपनी मेहनत, सोच और जोखिम उठाने की क्षमता के दम पर कंपनियां खड़ी की हैं। बाकी 17 प्रतिशत उद्यमी पारिवारिक व्यवसायों से जुड़े हैं, जिनमें दूसरी से लेकर पांचवीं पीढ़ी तक के कारोबारी शामिल हैं। यह आंकड़े दिखाते हैं कि भारत में अब उद्यमिता केवल विरासत नहीं, बल्कि अवसर और क्षमता पर आधारित हो रही है।
जाने-माने नाम जो सूची में शामिल
यू40 सूची में कई बड़े और चर्चित नाम भी शामिल हैं। अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक ज़ोन के करण अदाणी, जिंदल स्टेनलेस के अभ्युदय जिंदल, निवेश प्लेटफॉर्म ग्रो के ईशान बंसल और फूड डिलीवरी दिग्गज स्विगी के नंदन रेड्डी और श्रीहर्ष मजेटी जैसे उद्यमी इस सूची की शोभा बढ़ाते हैं। वहीं डिजिटल प्रभाव की बात करें तो ज़ेरोधा के निखिल कामत 13.9 लाख लिंक्डइन फॉलोअर्स के साथ सबसे आगे हैं।
युवा उद्यमी बना रहे भारत का नया आर्थिक इंजन
हुरुन इंडिया के संस्थापक और मुख्य शोधकर्ता अनस रहमान जुनैद के अनुसार, भारत की आर्थिक रफ्तार को अब युवा उद्यमी नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज की यह पीढ़ी करियर और कारोबार की पारंपरिक परिभाषाओं को तोड़ रही है। करीब 35 साल की औसत उम्र वाले ये उद्यमी SaaS, फिनटेक, हेल्थकेयर, क्लीन एनर्जी, लॉजिस्टिक्स और कंज्यूमर ब्रांड्स जैसे आधुनिक सेक्टर्स में मजबूत बिजनेस खड़े कर रहे हैं। भारत में इनोवेशन की रफ्तार पहले से कहीं तेज हो गई है।
महिलाओं की भागीदारी अब भी कम
हालांकि यह तस्वीर पूरी तरह संतुलित नहीं है। पूरी सूची में केवल 15 महिला उद्यमी शामिल हैं। सबसे कम उम्र की महिला उद्यमी के रूप में सोलर स्क्वेयर की सह-संस्थापक श्रेया मिश्रा (36 वर्ष) का नाम सामने आता है। वहीं सबसे कम उम्र के उद्यमी एक्सपोनेंट एनर्जी के सह-संस्थापक संजय जगन्नाथ (36 वर्ष) हैं। यह आंकड़े महिला उद्यमिता को और बढ़ावा देने की जरूरत की ओर इशारा करते हैं।
बेंगलूरु बना यू40 उद्यमियों की राजधानी
शहरों की बात करें तो बेंगलूरु इस सूची में सबसे आगे है। यहां से 48 उद्यमी यू40 लिस्ट में शामिल हैं, जिससे यह शहर भारत की ‘यू40 कैपिटल’ बनकर उभरा है। इन सभी उद्यमियों की औसत उम्र 38 वर्ष है और ये मिलकर 4.43 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार दे रहे हैं, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा योगदान है।
किन सेक्टर्स में सबसे ज्यादा युवा लीडर?
रिपोर्ट के मुताबिक, सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट और सर्विस सेक्टर में सबसे ज्यादा 40 उद्यमी हैं। इसके बाद हेल्थकेयर (18), ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स (16) और फाइनेंशियल सर्विसेज (15) का स्थान है। इन उद्यमियों ने अब तक 22 अरब डॉलर से अधिक की फंडिंग जुटाई है, जिसका बड़ा हिस्सा उत्पाद विकास और विस्तार पर खर्च किया जा रहा है।
यूनिकॉर्न से लेकर उभरते स्टार्टअप तक
यू40 सूची में शामिल 53 कंपनियों का मूल्यांकन 1 अरब डॉलर से अधिक है, जबकि कई कंपनियां तेजी से उस दिशा में बढ़ रही हैं। IIT खड़गपुर, IIT दिल्ली और IIT मद्रास जैसे संस्थान इन उद्यमियों को तैयार करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। कुल मिलाकर, यह सूची भारत के उस भविष्य की तस्वीर पेश करती है जहां युवा नेतृत्व, नवाचार और साहस अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनते जा रहे हैं।