The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
Friday, May 15, 2026
Facebook X-twitter Youtube Linkedin
  • About Us
  • Contact Us
Subscribe
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
    • रिन्यूएबल एनर्जी
    • नॉन रिन्यूएबल एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Font ResizerAa
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & InnovationThe Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Search
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
    • रिन्यूएबल एनर्जी
    • नॉन रिन्यूएबल एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2026 The Industrial Empire. All Rights Reserved.
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation > एग्रीकल्चर > सरकारी नौकरी छोड़ साइंटिस्ट कामिनी बनीं किसानों की मसीहा: 1.75 करोड़ का बनाया स्टार्टअप
एग्रीकल्चर

सरकारी नौकरी छोड़ साइंटिस्ट कामिनी बनीं किसानों की मसीहा: 1.75 करोड़ का बनाया स्टार्टअप

Last updated: 04/07/2025 5:17 PM
By
Industrial Empire
Share
SHARE

कामिनी सिंह कभी देश की जानी-मानी वैज्ञानिक थीं। उन्होंने सेंट्रल इंस्टिट्यूट फॉर सबट्रॉपिकल हॉर्टिकल्चर (CISH) और सेंट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिसिनल एंड एरोमैटिक प्लांट्स (CIMAP) जैसे बड़े शोध संस्थानों में काम किया। लेकिन जब उन्होंने देखा कि उनकी रिसर्च का फायदा किसानों तक नहीं पहुंच रहा तो उन्होंने एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने 17 साल की रिसर्च का अनुभव पीछे छोड़ते हुए सीधे खेतों में उतरने का मन बनाया। उनका सपना था कि विज्ञान को सिर्फ किताबों तक न रखकर किसानों के जीवन में बदलाव लाया जाए।

ऑर्गेनिक खेती में एक नई शुरुआत
साल 2016-17 में उन्हें एक प्रोजेक्ट में किसानों को जैविक खेती सिखाने का मौका मिला। लेकिन असली चुनौती यह थी कि शुरुआत में जैविक खेती से बहुत अच्छा उत्पादन नहीं होता क्योंकि मिट्टी को रासायनिक उर्वरकों से मुक्त होने में समय लगता है। कई किसान सिर्फ सरकारी सब्सिडी लेने के लिए रजिस्ट्रेशन तो कराते थे, लेकिन असली जैविक तकनीकें नहीं अपनाते थे। इससे उनका उत्पादन भी कम होता और मनोबल भी टूटता।

सहजन की फसल से शुरुआत
कामिनी ने ऐसे पौधे की तलाश शुरू की जो कम लागत में अच्छा मुनाफा दे सके। उन्हें मिला सहजन यानी मोरिंगा (moringa)। यह पौधा कम पानी में भी पनपता है और बहुत पोषक होता है। साल 2017 में उन्होंने लखनऊ में 7 एकड़ ज़मीन लीज पर ली और खुद सहजन की खेती शुरू की। रिजल्ट शानदार था! फिर उन्होंने किसानों को सुझाव दिया कि वे खेत की मेड़ों पर इसे लगाएं ताकि मुख्य फसल पर कोई असर न पड़े।

किसानों को मिला नया रास्ता
लखनऊ के एक किसान शालिकराम यादव ने पहले सिर्फ 400 पौधे लगाए थे। लेकिन लाभ देखकर उन्होंने अब 10 एकड़ में सहजन उगाना शुरू कर दिया है। कामिनी ने न सिर्फ पौधे दिए बल्कि किसानों को तकनीकी मदद, प्रशिक्षण और उत्पाद की बिक्री की व्यवस्था भी की। इससे किसानों का आत्मविश्वास बढ़ा।

प्रोडक्ट्स से प्रगति तक
शुरुआत में मार्केटिंग एक बड़ी समस्या थी क्योंकि छोटे किसान अपनी थोड़ी-सी उपज को कहां और कैसे बेचें, यह समझ नहीं आता था। इसलिए कामिनी ने वैल्यू एडिशन का तरीका अपनाया यानी सहजन को सुखाकर पाउडर, चाय, तेल, साबुन, कुकीज़ और अन्य 22 तरह के प्रोडक्ट्स बनाना शुरू किया। साल 2019 में उन्होंने डॉ. मोरिंगा प्रा. लि. नाम से कंपनी बनाई और एक FPO (Farmer Producer Organisation) की भी शुरुआत की ताकि किसान मिलकर अपना उत्पाद सीधे बेच सकें।

लोन से लेकर लाखों तक
कामिनी ने यह सफर सिर्फ 9 लाख रुपये के पर्सनल लोन से शुरू किया था। आज उनकी कंपनी का सालाना टर्नओवर 1.75 करोड़ रुपये है और मुनाफा 30% तक जाता है। वे आज भी वैज्ञानिक पद्धति से पौधों की गुणवत्ता की जांच करती हैं और किसानों को ट्रेनिंग देकर आत्मनिर्भर बनाती हैं।

परिवर्तन की लहर
अनिल कुमार सिंह, मलिहाबाद के आम किसान, बताते हैं कि पहले वे गेहूं या धान से 40,000 रुपये कमाते थे, लेकिन अब सहजन से 1.5 लाख रुपये प्रति एकड़ कमा रहे हैं। आज वे 17 एकड़ में सहजन की खेती कर रहे हैं। कामिनी किसानों को मल्टीलेयर खेती यानी एक ही ज़मीन पर कई फसलों की तकनीक भी सिखा रही हैं। इससे कम ज़मीन में अधिक आमदनी होती है।

एक साहसी फैसला, जो बदलाव लाया
साल 2015 में जब कामिनी ने सरकारी नौकरी छोड़ी और PhD के साथ-साथ उद्यमिता की ओर कदम बढ़ाया तो परिवार ने नाराज़गी जताई। पर उन्होंने हार नहीं मानी। आज वही परिवार उनकी सफलता पर गर्व करता है। खुद कामिनी कहती हैं, “कागज़ से खेत तक का ये सफर मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि है। अब मैं सिर्फ वैज्ञानिक नहीं बल्कि नौकरी देने वाली और गांवों को बदलने वाली बन गई हूं।”

कामिनी सिंह की कहानी सिर्फ एक महिला उद्यमी की नहीं है, यह गांवों की बदलती तस्वीर की कहानी है। उन्होंने विज्ञान, मेहनत और सेवा भावना से अब तक 1000 से ज्यादा किसानों को आत्मनिर्भर बनाया है।

TAGGED:agricultural companyAgriculture Ministeragriculture newsIndustrial Empiremoringa farmingOrganic Farmingproductionscientist kamini singh
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article बढ़ते विदेशी कर्ज ने बढ़ाई भारत की चिंता, GDP का 19 फीसदी विदेशी कर्ज में!
Next Article कबाड़ से बना ‘कृषिबॉट’: 17 साल के आदित्य ने किसानों के लिए रचा रोबोटिक समाधान
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Might Also Like

NMEO India Oilseed Revolution, बढ़ता तिलहन उत्पादन, पाम ऑयल विस्तार और भारत की खाद्य तेल आत्मनिर्भरता मिशन से जुड़ी इन्फोग्राफिक।
एग्रीकल्चर

Oilseed revolution: NMEO 2031 तक बदलेगा खाद्य तेलों का भविष्य, तिलहन उत्पादन 69.7 मिलियन टन करने का लक्ष्य

By
Industrial Empire
Starlink India satellite internet service launch with high-speed connectivity and free trial
टेलिकॉम

Starlink India: हाई-स्पीड सैटेलाइट इंटरनेट का नया दौर, एक महीने का फ्री ट्रायल भी उपलब्ध

By
Industrial Empire
अन्य

लाखों की नौकरी छोड़, शुरू कर दी मशरूम की खेती, अब कमा रहे मोटा पैसा

By
Industrial Empire
BSNL का नया 30 दिन वैलिडिटी वाला प्रीपेड प्लान, रोज 3GB डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग के साथ
अन्य

BSNL का ऑफर बना बेस्ट डील: डेटा, कॉलिंग और वैलिडिटी सबमें आगे

By
Nisha Mandal
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
Facebook X-twitter Youtube Linkedin

Quick links

  • About Us
  • Contact Us
Categories
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य

Policies

  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions

Copyright © 2025 The Industial Empire. All Rights Reserved.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?