दिल्ली में शनिवार को हुई बारिश ने उमस और गर्मी से परेशान लोगों को कुछ राहत दी। राजधानी के कई इलाकों में बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया और तापमान में भी कुछ गिरावट महसूस की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, शनिवार को दिल्ली में आसमान आमतौर पर बादलों से घिरा रहने की संभावना है। सुबह से दोपहर तक कई स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में मध्यम बारिश होने का भी अनुमान है। दोपहर बाद या शाम के समय भी कुछ जगहों पर हल्की बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, शनिवार को दिल्ली का तापमान 25 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। फिलहाल राजधानी के लिए भारी बारिश को लेकर रेड या ऑरेंज अलर्ट जारी नहीं किया गया है। हालांकि, रुक-रुककर बारिश और उमस का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। लोगों को मौसम में अचानक बदलाव को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
27 अगस्त तक कई राज्यों में मानसून रहेगा सक्रिय
IMD के अनुसार, 27 अगस्त तक देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम भारत में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 22 अगस्त को बारिश की संभावना जताई गई है।
उत्तर प्रदेश में 22 से 24 अगस्त के बीच कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, ओडिशा, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। ओडिशा में 24 से 27 अगस्त के बीच बहुत भारी बारिश की आशंका है, जबकि छत्तीसगढ़ में 27 अगस्त तक भारी बारिश हो सकती है।
दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक, केरल, माहे और लक्षद्वीप में भी तेज बारिश का अनुमान है। केरल और तटीय कर्नाटक में 23 से 25 अगस्त के बीच भारी बारिश हो सकती है। वहीं, कोंकण और गोवा में 27 अगस्त तक कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है।
पहाड़ी राज्यों में बारिश से बढ़ी परेशानी
उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ने के बीच प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारियों ने लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है। मानसून के दौरान बारिश और आपदा से जुड़ी कई घटनाएं सामने आने के कारण संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश और खराब मौसम का असर सड़क, बिजली और पेयजल व्यवस्था पर पड़ा है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार, 166 सड़कें बंद हैं, जिनमें राष्ट्रीय राजमार्ग-003 भी शामिल है। बारिश से 130 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 222 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
ओडिशा में बाढ़ का खतरा
ओडिशा में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर प्रशासन की लगातार नजर बनी हुई है। 15 अगस्त तक राज्य के 52 ब्लॉक के 429 गांव बाढ़ के पानी से प्रभावित बताए गए थे। राहत और बचाव कार्यों के लिए 79 टीमें तैनात की गई थीं। केंद्रीय जल आयोग ने राज्य के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ का खतरा जताया है। आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए निचले और संवेदनशील इलाकों में प्रशासन की चुनौती बढ़ सकती है।
कुल मिलाकर, देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है। दिल्ली में जहां बारिश गर्मी और उमस से राहत दे रही है, वहीं पहाड़ी राज्यों और कुछ पूर्वी एवं मध्य भारतीय राज्यों में लगातार बारिश से बाढ़, सड़क बंद होने और जलभराव जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।