देश के प्रमुख म्युचुअल फंड हाउसों में शामिल SBI Mutual Fund ने फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कंपनी Swiggy में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 5 फीसदी से अधिक कर ली है। फंड हाउस ने 29 सितंबर को खुले बाजार में स्विगी के करीब 1.18 करोड़ अतिरिक्त शेयर खरीदे। इस खरीद के बाद कंपनी में SBI Mutual Fund की कुल हिस्सेदारी 5.12 फीसदी हो गई है।
1.18 करोड़ से ज्यादा शेयर खरीदे
एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, SBI Mutual Fund ने अपनी अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से स्विगी के 1,18,38,465 शेयर खरीदे हैं। ये शेयर कंपनी की कुल हिस्सेदारी का करीब 0.4289 फीसदी हैं।
इस खरीदारी से पहले SBI Mutual Fund के पास स्विगी के करीब 12.97 करोड़ शेयर थे, जो कंपनी की 4.70 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर थे। अतिरिक्त शेयर खरीदने के बाद फंड हाउस के पास कुल शेयरों की संख्या बढ़कर करीब 14.15 करोड़ हो गई है। इसके साथ ही हिस्सेदारी 5 फीसदी की सीमा पार कर 5.12 फीसदी पहुंच गई।
29 सितंबर को स्विगी का शेयर 253.70 रुपये पर बंद हुआ था। इस भाव के आधार पर खरीदे गए शेयरों की कीमत करीब 300 करोड़ रुपये बैठती है। हालांकि, नियामकीय फाइलिंग में वास्तविक खरीद मूल्य का खुलासा नहीं किया गया है।
5 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी पर खुलासा जरूरी
किसी सूचीबद्ध कंपनी में हिस्सेदारी 5 फीसदी से ऊपर पहुंचने पर सेबी के अधिग्रहण नियमों के तहत इसकी जानकारी सार्वजनिक करना जरूरी होता है। SBI Mutual Fund की ओर से किया गया यह खुलासा सेबी के Substantial Acquisition of Shares and Takeovers Regulations के तहत किया गया है।
SBI Funds Management ने 30 सितंबर को स्विगी के साथ-साथ NSE और BSE को भी इस हिस्सेदारी से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई।
स्विगी में घरेलू हिस्सेदारी बढ़ने का दौर
SBI Mutual Fund की हिस्सेदारी में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब स्विगी के शेयरहोल्डिंग पैटर्न में घरेलू निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़ी है। अगस्त में स्विगी के शेयरधारकों ने कंपनी में कुल विदेशी हिस्सेदारी की सीमा 49.5 फीसदी तय करने को मंजूरी दी थी।
इससे कंपनी को भारतीय स्वामित्व और नियंत्रण से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल सकती है। जुलाई में स्विगी में घरेलू हिस्सेदारी 50 फीसदी से अधिक हो गई थी, जबकि विदेशी हिस्सेदारी 49.76 फीसदी बताई गई थी।
स्विगी के रेवेन्यू और घाटे में बदलाव
वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में स्विगी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 7 फीसदी बढ़कर 6,812 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का घाटा भी इस अवधि में 34 फीसदी घटकर 791 करोड़ रुपये रह गया।
SBI Mutual Fund की ओर से हिस्सेदारी बढ़ाए जाने से स्विगी में संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी भी चर्चा में आई है। हालांकि, इस निवेश से कंपनी के भविष्य के शेयर प्रदर्शन के बारे में कोई निष्कर्ष निकालना अलग विषय है।