नई दिल्ली: इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक से जुड़े कई नए इनोवेशन आकर्षण का केंद्र बने। रिलायंस जियो के AI स्मार्टग्लास, क्योरबे का स्मार्ट केयर कियोस्क, 60 सेकंड में ओरल हेल्थ जांच करने वाला डेंटिस्ट रोबोट, ड्रोनास्त्र एंटी-ड्रोन सिस्टम, क्वालकॉम का ओपन आर्म रोबोट और एस्टेरिया एयरोस्पेस का PATANG ड्रोन खास चर्चा में रहे। इन तकनीकों का उद्देश्य डिजिटल भुगतान को आसान बनाने से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं, औद्योगिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को बेहतर बनाना है।
जियो स्मार्टग्लास से डिजिटल पेमेंट की नई संभावना
रिलायंस जियो के AI स्मार्टग्लास ने डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में नई संभावनाएं पेश कीं। इनमें ऑडियो ओनली और कैमरा मॉडल शामिल हैं। इन डिवाइस के जरिए आवाज आधारित सुविधाओं और विजुअल फीचर्स का लाभ उठाया जा सकता है। UPI पेमेंट सपोर्ट जैसी सुविधा भविष्य में बिना स्मार्टफोन निकाले भुगतान करने का विकल्प दे सकती है। हालांकि, इसकी उपलब्धता, कीमत और सुरक्षा से जुड़ी विस्तृत जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
स्मार्ट केयर कियोस्क से कई स्वास्थ्य जांच
क्योरबे का AI आधारित स्मार्ट केयर कियोस्क स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक अहम पहल है। इसमें ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन और लिवर प्रोफाइल सहित 80 से अधिक प्रकार के परीक्षणों की सुविधा बताई गई। इसका उद्देश्य लगभग 30 मिनट में डिजिटल रिपोर्ट तैयार कर उपयोगकर्ता तक पहुंचाना है।
ऐसे कियोस्क अस्पतालों, कार्यालयों और औद्योगिक परिसरों में शुरुआती स्वास्थ्य जांच को आसान बना सकते हैं। हालांकि, जांच की सटीकता और चिकित्सकीय पुष्टि के लिए डॉक्टर की भूमिका महत्वपूर्ण बनी रहेगी।
डेंटिस्ट रोबोट 60 सेकंड में करेगा ओरल हेल्थ जांच
AI और रोबोटिक्स आधारित डेंटल कियोस्क कम समय में दांतों और मसूड़ों की शुरुआती जांच करने की सुविधा देता है। कैमरा, सेंसर और AI की मदद से यह दांतों की सड़न, प्लाक और मसूड़ों से जुड़ी समस्याओं के संकेत पहचानने में सहायता कर सकता है। लगभग 60 सेकंड में शुरुआती डिजिटल रिपोर्ट तैयार करने की इसकी क्षमता इसे खास बनाती है। हालांकि, अंतिम निदान के लिए डेंटिस्ट की सलाह जरूरी होगी।
ड्रोनास्त्र और ओपन आर्म रोबोट से सुरक्षा को मजबूती
सुरक्षा के क्षेत्र में ड्रोनास्त्र एंटी-ड्रोन सिस्टम ने ध्यान खींचा। इस तरह की तकनीक संवेदनशील प्रतिष्ठानों, हवाई अड्डों और औद्योगिक परिसरों में अनधिकृत ड्रोन की पहचान तथा उनसे निपटने में मदद कर सकती है।
वहीं, क्वालकॉम का ओपन आर्म रोबोट AI आधारित रोबोटिक्स की संभावनाओं को दर्शाता है। ऐसे रोबोट औद्योगिक उत्पादन, सामग्री संभालने और जोखिम भरे कार्यों में उपयोगी हो सकते हैं। इससे कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ाने और दोहराए जाने वाले कामों को स्वचालित करने में मदद मिल सकती है।
PATANG ड्रोन से आपदा के समय संचार में मदद
एस्टेरिया एयरोस्पेस का PATANG ड्रोन आपदा प्रबंधन और संचार व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण तकनीक के रूप में सामने आया। बाढ़, भूकंप या तूफान के दौरान मोबाइल नेटवर्क प्रभावित होने पर इस तरह के ड्रोन अस्थायी संचार सुविधा उपलब्ध कराने में मदद कर सकते हैं। कैमरे और संचार उपकरणों के जरिए प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी तथा राहत टीमों के बीच समन्वय बेहतर बनाने की संभावनाएं भी हैं।
AI तकनीक से बदलेंगी सेवाएं
IMC 2026 में प्रदर्शित इनोवेशन बताते हैं कि AI और रोबोटिक्स का इस्तेमाल अब स्मार्टफोन तक सीमित नहीं रहेगा। डिजिटल भुगतान, स्वास्थ्य जांच, औद्योगिक उत्पादकता, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन में इनकी भूमिका बढ़ सकती है। हालांकि, इन तकनीकों की सफलता उनकी सटीकता, लागत, डेटा सुरक्षा और वास्तविक परिस्थितियों में प्रदर्शन पर निर्भर करेगी। किफायती और भरोसेमंद समाधान विकसित होने पर ये तकनीकें आम लोगों और उद्योगों के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं।