नई दिल्ली। शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए अक्टूबर का यह सप्ताह खास रहने वाला है। रिलायंस समूह की डिजिटल कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स और अस्पताल संचालक पारस हेल्थकेयर अपने आईपीओ लेकर आ रही हैं। दोनों कंपनियों के आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेंगे और निवेशक 23 अक्टूबर तक आवेदन कर सकेंगे। जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ आकार के लिहाज से देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बन सकता है।
जियो प्लेटफॉर्म्स जुटाएगी 30,213 करोड़ रुपये
जियो प्लेटफॉर्म्स अपने आईपीओ के जरिए 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। कंपनी ने प्रति शेयर 1,065 से 1,119 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। इस आईपीओ में 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू होगा, यानी मौजूदा शेयरधारक इस पेशकश के तहत अपने शेयर नहीं बेचेंगे।
खुदरा निवेशकों के लिए एक लॉट में 12 शेयर रखे गए हैं। ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर एक लॉट के लिए कम से कम 13,428 रुपये लगाने होंगे। जियो प्लेटफॉर्म्स टेलीकॉम, डिजिटल मनोरंजन, क्लाउड सेवाओं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में कारोबार करती है।
पारस हेल्थकेयर का 1,450 करोड़ रुपये का आईपीओ
पारस हेल्थकेयर भी इसी सप्ताह अपना आईपीओ लेकर आ रही है। कंपनी इस पेशकश के जरिए कुल 1,450 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इसमें 500 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे, जबकि 950 करोड़ रुपये के शेयर मौजूदा शेयरधारक बेचेंगे।
कंपनी ने आईपीओ के लिए 660 से 693 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। इसमें एक लॉट में 21 शेयर होंगे। ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से खुदरा निवेशकों को कम से कम 14,553 रुपये लगाने होंगे।
पारस हेल्थकेयर ‘पारस हेल्थ’ ब्रांड के तहत अस्पताल संचालित करती है। कंपनी का नेटवर्क उत्तर भारत के अलावा बिहार और झारखंड में भी फैला हुआ है। कंपनी अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने और अपने कारोबार का विस्तार करने की योजना पर काम कर रही है।
कब होगा अलॉटमेंट और लिस्टिंग?
दोनों आईपीओ में आवेदन की अंतिम तारीख 23 अक्टूबर है। शेयरों का अलॉटमेंट 26 अक्टूबर को संभावित है, जबकि 28 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्टिंग होने की उम्मीद है।
निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि आईपीओ में आवेदन करने से शेयरों का अलॉटमेंट सुनिश्चित नहीं होता। निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार की संभावनाओं और जोखिमों का आकलन करना जरूरी है। केवल आईपीओ के आकार या बाजार में इसकी चर्चा को देखकर निवेश का फैसला न लें।