मुकेश अंबानी की टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स ने शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की। कंपनी के शेयर बुधवार को 1,119 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले 21.36 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 1,358 रुपये पर लिस्ट हुए। इस मजबूत लिस्टिंग से आईपीओ में एंकर निवेशक के तौर पर पैसा लगाने वाली म्यूचुअल फंड कंपनियों को बड़ा फायदा हुआ। शेयरों की लिस्टिंग कीमत के आधार पर इन कंपनियों के निवेश का मूल्य बढ़ा और उन्हें कुल 595.11 करोड़ रुपये का अनुमानित मुनाफा हुआ।
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में घरेलू संस्थागत निवेशकों की भागीदारी काफी अहम रही। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 25 घरेलू म्यूचुअल फंड हाउसों ने अपनी 95 निवेश योजनाओं के जरिए इस आईपीओ में पैसा लगाया था। इन फंड हाउसों को कुल 2.49 करोड़ शेयर आवंटित किए गए थे। इश्यू प्राइस के हिसाब से इन शेयरों का कुल मूल्य करीब 2,785 करोड़ रुपये था।
प्रति शेयर 239 रुपये की बढ़त
एंकर निवेशकों के लिए शेयरों का आवंटन 1,119 रुपये प्रति शेयर के भाव पर हुआ था। बुधवार को शेयर बाजार में 1,358 रुपये पर लिस्टिंग होने के बाद प्रति शेयर 239 रुपये की बढ़त दर्ज की गई। इसी अंतर के आधार पर म्यूचुअल फंड कंपनियों के कुल 2.49 करोड़ शेयरों का मूल्य बढ़ा।
गणना के अनुसार, प्रति शेयर 239 रुपये की बढ़त को कुल आवंटित शेयरों से गुणा करने पर करीब 595.11 करोड़ रुपये का लाभ सामने आता है। इस तरह जियो प्लेटफॉर्म्स की मजबूत लिस्टिंग से एंकर निवेशकों को शुरुआती स्तर पर अच्छा फायदा मिला।
निवेशकों के लिए क्या है इसका मतलब?
आईपीओ की मजबूत लिस्टिंग से कंपनी के शेयरों को लेकर बाजार में सकारात्मक शुरुआत का संकेत मिलता है। हालांकि, केवल लिस्टिंग के आधार पर कंपनी के शेयरों के भविष्य के प्रदर्शन का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा। शेयर बाजार में आगे कीमतों की चाल कंपनी के कारोबार, वित्तीय प्रदर्शन, प्रतिस्पर्धा, बाजार की परिस्थितियों और निवेशकों की मांग जैसे कई कारकों पर निर्भर करेगी।
म्यूचुअल फंड कंपनियों को हुआ 595.11 करोड़ रुपये का फायदा भी फिलहाल लिस्टिंग मूल्य पर आधारित अनुमानित लाभ है। इसे वास्तविक मुनाफा तभी माना जाएगा, जब संबंधित निवेशक अपने शेयर बेचकर लाभ प्राप्त करेंगे। यदि शेयरों की कीमत में आगे बदलाव होता है, तो निवेश का मूल्य भी उसी के अनुसार घट या बढ़ सकता है।
इसके अलावा, वास्तविक लाभ की गणना करते समय कर और लेनदेन शुल्क को भी ध्यान में रखना होगा। इसलिए लिस्टिंग के दिन हुई बढ़त को अंतिम कमाई नहीं माना जा सकता।
जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग ने आईपीओ बाजार में संस्थागत निवेशकों के संभावित लाभ को चर्चा में ला दिया है। हालांकि, आम निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे केवल लिस्टिंग प्रीमियम देखकर निवेश का फैसला न लें, बल्कि कंपनी की वित्तीय स्थिति, मूल्यांकन और अपने जोखिम उठाने की क्षमता