भारतीय लग्जरी कार बाजार में लैंड रोवर डिफेंडर की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। इसी बीच जगुआर लैंड रोवर (JLR) इंडिया ने अपनी लोकप्रिय एसयूवी डिफेंडर 110 का उत्पादन पुणे स्थित प्लांट में शुरू कर दिया है। भारत में स्थानीय स्तर पर उत्पादन शुरू होने से इस लग्जरी एसयूवी की कीमतों में 34 लाख रुपये तक की कमी आने की संभावना है। इससे महंगी एसयूवी खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए नए विकल्प खुल सकते हैं।
भारत में डिफेंडर के कुल 16 वैरिएंट बिक्री के लिए उपलब्ध बताए गए हैं। दिल्ली में इनकी ऑन-रोड कीमतें लगभग 1.24 करोड़ रुपये से 3.02 करोड़ रुपये तक हैं। स्थानीय उत्पादन से खास तौर पर महंगे वैरिएंट की कीमतों पर असर पड़ने की उम्मीद है। हालांकि, वास्तविक कीमत में बदलाव मॉडल, वैरिएंट, टैक्स और अन्य शुल्कों के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।
बिक्री में 20 प्रतिशत तक वृद्धि की उम्मीद
कंपनी को उम्मीद है कि स्थानीय उत्पादन और कीमतों में संभावित कमी से डिफेंडर की बिक्री में 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। JLR इंडिया के मुताबिक, भारत यूरोप के बाहर डिफेंडर का स्थानीय उत्पादन करने वाला पहला बाजार बन गया है। यह कदम भारतीय लग्जरी कार बाजार में कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति को भी दर्शाता है।
हालांकि, वैश्विक बाजार के लिए डिफेंडर का उत्पादन स्लोवाकिया के नित्रा स्थित प्लांट में जारी रहेगा। यह संयंत्र डिफेंडर ऑक्टा, डिफेंडर 90 और डिफेंडर 130 सहित अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए विभिन्न मॉडल तैयार करता रहेगा।
भारत में सबसे लोकप्रिय मॉडलों में शामिल
JLR इंडिया के प्रबंध निदेशक राजन अंबा के अनुसार, भारत में पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान डिफेंडर की 9,000 से अधिक यूनिट बिक चुकी हैं। यह कंपनी के देश में सबसे ज्यादा बिकने वाले मॉडलों में शामिल है। पुणे में उत्पादन शुरू होने से कंपनी को भारतीय ग्राहकों की मांग के अनुरूप वाहनों की आपूर्ति बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय उत्पादन कंपनी की ‘रीइमैजिन’ रणनीति का भी अहम हिस्सा है। इसका उद्देश्य बाजार की जरूरतों के अनुसार कारोबार और उत्पादन व्यवस्था को विकसित करना है। भारत में डिफेंडर 110 के एक्स-डायनेमिक एचएसई वैरिएंट में 2.0 लीटर और 3.0 लीटर पेट्रोल इंजन के साथ 3.0 लीटर डीजल इंजन के विकल्प उपलब्ध होंगे।
कुल मिलाकर, भारत में उत्पादन शुरू होना JLR के लिए एक महत्वपूर्ण औद्योगिक कदम है। यदि कीमतों में अनुमानित कमी का लाभ ग्राहकों तक पहुंचता है, तो डिफेंडर की मांग को और गति मिल सकती है।