देश में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) निवेशकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, लेकिन इस बाजार में निवेश का बड़ा हिस्सा कुछ चुनिंदा फंड हाउस के पास सिमटा हुआ है। इक्रा एनालिटिक्स के सितंबर 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, गोल्ड ETF की शीर्ष पांच योजनाओं के पास कुल प्रबंधनाधीन संपत्ति (AUM) का 80.2 फीसदी हिस्सा है। वहीं, शीर्ष 10 योजनाओं की हिस्सेदारी बढ़कर 92.4 फीसदी पहुंच गई है। सितंबर के अंत तक देश की 26 गोल्ड ETF योजनाओं का कुल AUM 1.86 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
इन आंकड़ों से पता चलता है कि निवेशक अब भी उन योजनाओं पर ज्यादा भरोसा जता रहे हैं, जिनका बाजार में लंबा रिकॉर्ड और बड़ा निवेश आधार है। हालांकि, नई योजनाएं भी इस क्षेत्र में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही हैं।
निप्पॉन इंडिया गोल्ड ETF सबसे आगे
गोल्ड ETF बाजार में निप्पॉन इंडिया ETF गोल्ड बीईईएस पहले स्थान पर बना हुआ है। 30 सितंबर 2026 तक इसका AUM 56,982 करोड़ रुपये था। यह अकेले पूरी कैटेगरी की संपत्ति का 30.6 फीसदी है। दूसरे स्थान पर आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल गोल्ड ETF रहा, जिसके पास 27,615 करोड़ रुपये की संपत्ति थी। एसबीआई गोल्ड ETF ने 26,466 करोड़ रुपये के AUM के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।
इसके बाद एचडीएफसी गोल्ड ETF का AUM 23,900 करोड़ रुपये और कोटक गोल्ड ETF का 14,473 करोड़ रुपये रहा। इन पांचों योजनाओं की संयुक्त संपत्ति करीब 1.49 लाख करोड़ रुपये है। यानी गोल्ड ETF में निवेश किए गए हर 100 रुपये में से लगभग 80 रुपये इन्हीं पांच फंड्स में लगे हैं।
शीर्ष 10 योजनाओं के पास 92.4% निवेश
शीर्ष पांच के बाद टाटा गोल्ड ETF, एक्सिस गोल्ड ETF, यूटीआई गोल्ड ETF, मिराए एसेट गोल्ड ETF और आदित्य बिड़ला सन लाइफ गोल्ड ETF का स्थान रहा। इन पांचों योजनाओं का AUM क्रमशः 6,138 करोड़, 5,526 करोड़, 4,406 करोड़, 3,470 करोड़ और 3,087 करोड़ रुपये था।
इस तरह शीर्ष 10 योजनाओं की कुल संपत्ति लगभग 1.72 लाख करोड़ रुपये हो गई। दूसरी ओर, बाकी 16 योजनाओं के पास कुल 14,246 करोड़ रुपये का निवेश था। इससे बाजार में स्थापित फंड्स की मजबूत पकड़ का पता चलता है।
नई योजनाएं भी बढ़ा रही प्रतिस्पर्धा
इक्रा एनालिटिक्स के अनुसार, तीन साल से कम का ट्रैक रिकॉर्ड रखने वाले 13 गोल्ड ETF का कुल AUM 14,575 करोड़ रुपये रहा। इनमें टाटा गोल्ड ETF सबसे आगे रहा। जीरोधा गोल्ड ETF के पास 2,523 करोड़ रुपये, मोतीलाल ओसवाल गोल्ड ETF के पास 1,927 करोड़ रुपये और एडलवाइस गोल्ड ETF के पास 1,759 करोड़ रुपये की संपत्ति थी।
सितंबर में गिरावट, सालाना रिटर्न सकारात्मक
सितंबर 2026 के दौरान गोल्ड ETF कैटेगरी के औसत मासिक रिटर्न में 4.78 फीसदी की गिरावट आई। हालांकि, एक साल के प्रदर्शन पर नजर डालें तो तस्वीर सकारात्मक रही। शीर्ष पांच योजनाओं ने 27.2 से 27.5 फीसदी तक सालाना CAGR रिटर्न दिया। अन्य ज्यादातर पात्र योजनाओं का प्रदर्शन भी 26.1 से 28.1 फीसदी के दायरे में रहा।
गोल्ड ETF का निवेश सोने की कीमतों से जुड़ा होता है, इसलिए अलग-अलग योजनाओं के रिटर्न में सामान्यतः ज्यादा अंतर नहीं होता। फंड का खर्च और सोने की कीमत के मुकाबले उसके प्रदर्शन में अंतर कुछ फर्क पैदा कर सकता है। निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि पिछला रिटर्न भविष्य के मुनाफे की गारंटी नहीं है। किसी भी योजना में निवेश से पहले उसके खर्च, ट्रैकिंग एरर और जोखिम को समझना चाहिए।