नई दिल्ली। शेयर बाजार में कमजोर रिटर्न का असर अब म्यूचुअल फंड कंपनियों पर भी दिखने लगा है। इक्विटी निवेश में बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMC) की हिस्सेदारी घटने से उनकी कमाई की रफ्तार प्रभावित होने की आशंका है। पीएल कैपिटल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 में सूचीबद्ध एएमसी कंपनियों के मुनाफे की वृद्धि कुछ धीमी रह सकती है। हालांकि, ब्रोकरेज को उम्मीद है कि मध्यम अवधि में कंपनियों की कमाई में सुधार होगा। इस सेक्टर में एचडीएफसी एएमसी और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी उसकी पसंदीदा कंपनियां हैं।
इक्विटी निवेश में बड़ी कंपनियों की हिस्सेदारी घटी
पीएल कैपिटल की रिपोर्ट के अनुसार, प्रमुख म्यूचुअल फंड कंपनियों की कई इक्विटी स्कीमों का प्रदर्शन कमजोर रहने से निवेशकों का नया पैसा अब ज्यादा फंड हाउसों में बंट रहा है। अप्रैल से जुलाई 2026 के दौरान न्यू फंड ऑफर (NFO) को छोड़कर नए इक्विटी निवेश में शीर्ष तीन कंपनियों की हिस्सेदारी घटकर 34 फीसदी रह गई, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में यह 42 फीसदी थी।
इसी तरह शीर्ष 10 कंपनियों की हिस्सेदारी भी 73 फीसदी से घटकर 65 फीसदी पर आ गई। इससे साफ है कि नई रकम जुटाने के मामले में बड़ी एएमसी कंपनियों का दबदबा कुछ कम हुआ है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 में सूचीबद्ध एएमसी कंपनियों का मुख्य कारोबार से होने वाला शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 10 फीसदी बढ़ सकता है।
87 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा उद्योग
म्यूचुअल फंड उद्योग का आकार लगातार बढ़ रहा है। अगस्त 2026 के अंत तक उद्योग का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) करीब 87.1 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। हालांकि, मार्च 2025 के बाद बाजार की अलग-अलग श्रेणियों के रिटर्न में बड़ा अंतर देखने को मिला है।
इस अवधि में निफ्टी 50 में करीब 0.8 फीसदी की गिरावट आई, जबकि निफ्टी 100 में लगभग 2 फीसदी, बीएसई 200 में 3.5 फीसदी और बीएसई 500 में 6.5 फीसदी की बढ़त रही। इसके मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों ने करीब 14 से 22 फीसदी तक रिटर्न दिया।
मिडकैप और स्मॉलकैप फंड का प्रदर्शन बेहतर
फंड कैटेगरी के प्रदर्शन में भी अंतर रहा। मार्च 2025 के बाद लार्जकैप फंड ने करीब 7 फीसदी और फ्लेक्सीकैप फंड ने लगभग 13 फीसदी रिटर्न दिया। वहीं, मिडकैप फंड का रिटर्न करीब 25 फीसदी और स्मॉलकैप फंड का लगभग 29 फीसदी रहा। मल्टीकैप फंड ने करीब 17.9 फीसदी और लार्ज एंड मिडकैप फंड ने 17.5 फीसदी रिटर्न दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, निवेशकों का रुझान सेक्टर और थीम आधारित योजनाओं तथा लार्जकैप फंडों से हटकर फ्लेक्सीकैप, मिडकैप, स्मॉलकैप और मल्टी एसेट फंडों की ओर बढ़ा है।
कई एएमसी शेयरों में गिरावट, कुछ ने दिया मजबूत रिटर्न
साल 2026 में अब तक कई सूचीबद्ध एएमसी कंपनियों के शेयरों पर दबाव रहा है। केनरा रोबेको एएमसी का शेयर करीब 25 फीसदी और यूटीआई एएमसी का शेयर लगभग 20 फीसदी गिरा है। एचडीएफसी एएमसी में करीब 9 फीसदी तथा श्रीराम एएमसी में 30 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है।
इसके विपरीत, निप्पॉन लाइफ इंडिया एएमसी का शेयर करीब 31 फीसदी, आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी का लगभग 26 फीसदी और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी का करीब 20 फीसदी चढ़ा है।
आगे कमाई बढ़ने की उम्मीद
पीएल कैपिटल के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 में कमाई की वृद्धि सीमित रह सकती है, लेकिन वित्त वर्ष 2026-27 से 2028-29 के बीच एएमसी कंपनियों का मुख्य कारोबार से होने वाला शुद्ध मुनाफा सालाना औसतन करीब 16 फीसदी बढ़ सकता है। ब्रोकरेज ने एचडीएफसी एएमसी और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी को अपनी पसंदीदा कंपनियों में शामिल किया है।
हालांकि, एएमसी शेयरों में निवेश बाजार के उतार-चढ़ाव और कंपनी के प्रदर्शन से प्रभावित हो सकता है। इसलिए निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय नतीजों, मूल्यांकन और जोखिमों का आकलन करना जरूरी है।