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The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation > एग्रीकल्चर > ‘गरीब की गाय’ अब बना रही है करोड़पति: जानिए गोट फार्मिंग बिजनेस का नया चेहरा
एग्रीकल्चर

‘गरीब की गाय’ अब बना रही है करोड़पति: जानिए गोट फार्मिंग बिजनेस का नया चेहरा

Last updated: 16/07/2025 3:16 PM
By
Industrial empire correspondent
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परिचय
जहां एक समय बकरी को ‘गरीब की गाय’ कहकर कम आंका जाता था, आज वही बकरी ग्रामीण भारत की आर्थिक रीढ़ बनती जा रही है। गोट फार्मिंग यानी बकरी पालन अब सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि एक तेजी से उभरता हुआ प्रोफेशनल बिजनेस मॉडल है। गांवों में महिला सशक्तिकरण से लेकर युवाओं के स्वरोजगार तक, यह बिजनेस हर वर्ग के लिए अवसर पैदा कर रहा है।

गोट फार्मिंग बिजनेस क्या है?
गोट फार्मिंग में बकरियों को पाला जाता है ताकि उनसे दूध, मीट, फाइबर और ऑर्गैनिक खाद प्राप्त की जा सके। इसमें शामिल होते हैं:
• ब्रीडिंग मैनेजमेंट
• पोषण और स्वास्थ्य देखभाल
• साफ-सुथरा शेल्टर
• मार्केटिंग और बिक्री की योजना
यदि इसे वैज्ञानिक तरीके से किया जाए तो यह एक हाई प्रॉफिट मार्जिन वाला बिजनेस साबित हो सकता है।

भारत में क्यों है इसकी डिमांड?
भारत का विविध क्लाइमेट बकरी पालन के लिए बेहद अनुकूल है। बकरियां ड्राई, सेमी-ड्राई और पहाड़ी क्षेत्रों में आसानी से सर्वाइव कर लेती हैं। यही कारण है कि देश के लगभग हर राज्य में यह तेजी से फैल रहा है, खासकर:
उत्तर प्रदेश
राजस्थान
बिहार
महाराष्ट्र
झारखंड
मध्य प्रदेश

शुरुआत कैसे करें?
जगह की ज़रूरत:
2000 से 2500 स्क्वायर फीट स्पेस (छोटे यूनिट के लिए)

मैनपावर:
2–3 लोगों की टीम पर्याप्त

बिजली की खपत:
2–3 किलोवाट

मशीनरी और इक्विपमेंट्स:
• फीड ट्रफ
• वाटर पंप
• फॉडर चॉपर
• वेटिंग स्केल

रॉ मटेरियल्स:
• बकरी फीड (ग्रीन फॉडर, ड्राई फॉडर, कंसंट्रेट्स)
• वैक्सीनेशन और दवाइयां

इनवेस्टमेंट और मुनाफा

आइटमअनुमानित लागत (₹)
शेड निर्माण₹1,00,000
20–25 बकरियों की खरीद₹2,00,000 – ₹2,50,000
फीड और हेल्थ सपोर्ट₹50,000
अन्य खर्च₹50,000
कुल प्रारंभिक लागत₹4,00,000 – ₹5,00,000

प्रॉफिट मार्जिन: 20–25% सालाना
ब्रेक-ईवन पॉइंट: 12–18 महीनों में

टॉप नस्लें जो ज्यादा मुनाफा देती हैं

नस्ल का नामप्रमुख उपयोगविशेषताएं
जामुनापारीदूध और मीटभारी वजन, ज्यादा दूध
बरबरीमीट और छोटे डेयरीउत्तर भारत में लोकप्रिय
बीटलदूध उत्पादनहाई डेयरी क्वालिटी
सिरोहीकठिन मौसम में उपयुक्तराजस्थान में खूब पाई जाती है
कच्छीऊन और मीटलंबा जीवनकाल

जरूरी सरकारी रजिस्ट्रेशन
GST रजिस्ट्रेशन
उद्यम आधार/MSME रजिस्ट्रेशन
FSSAI लाइसेंस (यदि दूध या मीट प्रोसेसिंग हो)
पंचायत / लोकल परमिशन

महिलाओं के लिए सुनहरा अवसर
गोट फार्मिंग महिला स्वरोजगार का सबसे सशक्त माध्यम बन रहा है। Self Help Groups (SHGs) और NGOs की मदद से महिलाएं आज खुद के फार्म चला रही हैं और दूसरों को भी रोजगार दे रही हैं।

सरकारी सहयोग और IID का मार्गदर्शन
यदि आप इस बिजनेस को शुरू करना चाहते हैं, तो Institute for Industrial Development (IID) से संपर्क कर सकते हैं। IID:
• बिजनेस ट्रेनिंग
• डॉक्युमेंटेशन हेल्प
• सरकारी स्कीम्स में आवेदन
• मार्केटिंग और नेटवर्किंग में सहायता देता है।

निष्कर्ष
गोट फार्मिंग बिजनेस अब सिर्फ गांवों की बात नहीं रही — यह एक आधुनिक और व्यवस्थित बिजनेस मॉडल बन चुका है। कम लागत, तेज़ रिटर्न और समाज पर सकारात्मक प्रभाव — यही इसकी खूबसूरती है। अगर आप भी आत्मनिर्भर भारत की इस यात्रा में भागीदार बनना चाहते हैं, तो गोट फार्मिंग आपके लिए बेहतरीन मौका है।

TAGGED:FeaturedGoatFarmingIndiaIIDSupportIndustrial EmpireMSMEIndiaRuralEntrepreneurshipSelfEmployment
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