मुम्बई। Tata Power ने वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही (Q4) में शानदार वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है, जिसने उसकी मजबूत ग्रोथ ट्रैक्ट को और मजबूत किया है। कंपनी ने Q4FY25 में कंसॉलिडेटेड राजस्व में 8%, शुद्ध लाभ (PAT) में 25% और ओपरेटिंग मुनाफे (EBITDA) में 14% की वृद्धि दर्ज की है।
- क्वार्टर की वित्तीय रेपोर्टिंग
- राजस्व: ₹17,096 करोड़ (Q4 FY24: ₹15,847 करोड़) — वृद्धि करीब 8%
- शुद्ध लाभ (PAT): ₹1,306 करोड़ (Q4 FY24: ₹1,046 करोड़) — 25% YoY वृद्धि
- EBITDA: ₹3,829 करोड़ — 14% की वृद्धि
- डिविडेंड: बोर्ड ने ₹2.25 प्रति शेयर का प्रस्तावित अंतिम लाभांश सुझाया है (पिछले वर्ष यह ₹2.00 था)
- शेयर रिएक्शन: Q4 के नतीजों के बाद, शेयर 2% ऊपर closing पर ₹404.55 तक पहुँचा
- पूरे वर्ष (FY25) का अवलोकन
- वार्षिक PAT: ₹5,197 करोड़ (26% YoY वृद्धि) — ये पहली बार है जब कंपनी ₹5,000 करोड़ का आंकड़ा पार कर गई है
- वर्षीय राजस्व: ₹64,502 करोड़ (5% वृद्धि)
- EBITDA: ₹14,468 करोड़ (14% वृद्धि)
- सेगमेंटल प्रदर्शन की तस्वीर
- T&D (Transmission & Distribution): Q4 में PAT में 50% की वृद्धि, FY25 का PAT 37% ऊपर
- ओडिशा डिस्कॉम्स: Q4 में PAT तीन गुना बढ़कर ₹275 करोड़ हुआ, वार्षिक PAT 43% तक पहुंचा
- नवीकरणीय ऊर्जा (Renewables): Q4 PAT में 62% (₹469 करोड़), FY25 में 48% वृद्धि (₹1,256 करोड़)
- रूफटॉप सोलर व्यवसाय: Q4 में ₹100 करोड़ PAT पार, FY25 में ₹209 करोड़ — कुल 1.5 लाख से अधिक इंस्टॉलेशन, 3 GW तक पहुंची क्षमता
- TP Solar फैक्ट्री (उत्पादन): ₹422 करोड़ PAT, ₹5,337 करोड़ राजस्व, 3,291 MW मॉड्यूल और 846 MW सेल्स का उत्पादन
- विकास योजनाएं और कैपेक्स
- नवीकरणीय क्षमता में वृद्धि: FY25 में 2.5 GW स्थापित, FY26 में 2 GW सिंगल ईयर लक्ष्य
- भविष्य की परियोजनाएँ:
- भिवपुरी 1,000 MW पम्प्ड हाइड्रो — H1 FY26 में निर्माण शुरू, Aug 2028 तक कमीशनिंग
- 1,800 MW शिरावाटा का निर्माण FY26 में, 2030 तक पूरा
- भूटान में 600 MW खोरलोछु पावर प्रोजेक्ट — 5 GW CLEAN ENERGY MoU का हिस्सा
- CEO की टिप्पणी
CEO एवं MD डॉ. प्रवीर सिन्हा ने कहा, “FY25 हमारे लिए रिकॉर्ड ब्रेकिंग रहा है। हमने पहली बार एक वर्ष में 1 GW से अधिक अक्षय क्षमता बढ़ाई और अगले वर्ष 2 GW का लक्ष्य है। वितरण क्षेत्र, रूफटॉप सोलर, TP Solar फैक्ट्री ने शानदार योगदान दिया है। हमारा फोकस भारत को ऊर्जा में आत्मनिर्भर बनाना है।”