The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
Wednesday, Feb 4, 2026
Facebook X-twitter Youtube Linkedin
  • About Us
  • Contact Us
Subscribe
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • फर्श से अर्श तक
  • बिजनेस आईडिया
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
    • रिन्यूएबल एनर्जी
    • नॉन रिन्यूएबल एनर्जी
  • फूड प्रोसेसिंग
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • अन्य
Font ResizerAa
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & InnovationThe Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • फर्श से अर्श तक
  • बिजनेस आईडिया
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
  • फूड प्रोसेसिंग
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • अन्य
Search
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • फर्श से अर्श तक
  • बिजनेस आईडिया
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
    • रिन्यूएबल एनर्जी
    • नॉन रिन्यूएबल एनर्जी
  • फूड प्रोसेसिंग
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2026 The Industrial Empire. All Rights Reserved.
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation > एनर्जी > KG-D6 gas dispute: सरकार बनाम रिलायंस-बीपी, 30 अरब डॉलर के दावे की पूरी कहानी
एनर्जी

KG-D6 gas dispute: सरकार बनाम रिलायंस-बीपी, 30 अरब डॉलर के दावे की पूरी कहानी

Last updated: 30/12/2025 12:50 PM
By
Industrial Empire
Share
KG-D6 gas dispute between Government of India and Reliance-BP over gas production shortfall
SHARE

KG-D6 gas dispute: कृष्णा-गोदावरी (KG) बेसिन के KG-D6 गैस क्षेत्र को लेकर केंद्र सरकार और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) तथा उसकी साझेदार ब्रिटिश पेट्रोलियम (बीपी) के बीच एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। सरकार ने इस गैस ब्लॉक से तय लक्ष्य के अनुसार उत्पादन न होने पर दोनों कंपनियों से 30 अरब डॉलर से अधिक के हर्जाने की मांग की है। यह दावा तीन-सदस्यीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण के समक्ष रखा गया है, जिसकी सुनवाई हाल ही में पूरी हो चुकी है।

14 साल पुराना विवाद, फैसला अभी बाकी
सूत्रों के मुताबिक यह मामला करीब 14 साल पुराना है और इसकी सुनवाई 7 नवंबर को समाप्त हो गई। अब न्यायाधिकरण अगले साल के मध्य तक अपना फैसला सुना सकता है। हालांकि जानकारों का मानना है कि फैसला आने के बाद भी यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक जा सकता है, क्योंकि दोनों पक्षों के पास ऊपरी अदालत में चुनौती देने का विकल्प मौजूद रहेगा।

सरकार का आरोप क्या है?
केंद्र सरकार का आरोप है कि रिलायंस और बीपी ने KG-D6 ब्लॉक में जरूरत से ज्यादा बड़ी उत्पादन सुविधाएं विकसित कीं, लेकिन इसके बावजूद वे प्राकृतिक गैस उत्पादन के तय लक्ष्यों को हासिल नहीं कर पाए। सरकार का कहना है कि इस लापरवाही के कारण देश को ऊर्जा आपूर्ति और राजस्व दोनों स्तर पर नुकसान हुआ।

मध्यस्थता प्रक्रिया के दौरान सरकार ने सिर्फ उस गैस का मौद्रिक मूल्य ही नहीं मांगा, जो उत्पादन नहीं हो सकी, बल्कि अतिरिक्त ढांचागत खर्च, ईंधन विपणन में हुए नुकसान और ब्याज की राशि को भी हर्जाने में शामिल किया है। इन सभी दावों को जोड़ने पर कुल रकम 30 अरब डॉलर से अधिक आंकी गई है।

रिलायंस का जवाब: दावे को बताया गलत
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सरकार के दावे को सिरे से खारिज किया है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि उसके और बीपी के खिलाफ 30 अरब डॉलर का कोई औपचारिक दावा नहीं है। रिलायंस के मुताबिक, मध्यस्थता न्यायाधिकरण के सामने मुआवजे की मांग रखना यह साबित नहीं करता कि किसी पक्ष पर कानूनी रूप से इतनी बड़ी राशि का दावा तय हो चुका है। कंपनी ने इसे तथ्यात्मक रूप से गलत करार दिया है।

D1 और D3 गैस क्षेत्रों से जुड़ा है मामला
यह पूरा विवाद KG-D6 ब्लॉक के D1 और D3 गैस क्षेत्रों से जुड़ा है। सरकार का कहना है कि रिलायंस ने स्वीकृत निवेश योजना का ठीक से पालन नहीं किया, जिसके कारण उत्पादन क्षमता का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पाया। इन क्षेत्रों में 2010 में गैस उत्पादन शुरू हुआ था, लेकिन महज एक साल के भीतर ही उत्पादन अनुमान से कम रहने लगा। आखिरकार फरवरी 2020 में ये दोनों क्षेत्र अपने अनुमानित जीवनकाल से काफी पहले ही बंद हो गए।

निवेश योजना और हकीकत के बीच बड़ा अंतर
रिलायंस ने शुरुआती क्षेत्र विकास योजना में 2.47 अरब डॉलर के निवेश से प्रतिदिन चार करोड़ मानक घन मीटर गैस उत्पादन का लक्ष्य रखा था। बाद में 2006 में इस योजना को संशोधित करते हुए निवेश को बढ़ाकर 8.18 अरब डॉलर कर दिया गया और मार्च 2011 तक 31 कुओं की खुदाई के साथ उत्पादन दोगुना करने का अनुमान जताया गया।

हालांकि हकीकत यह रही कि कंपनी सिर्फ 22 कुएं ही खोद सकी, जिनमें से 18 से ही गैस उत्पादन शुरू हो पाया। रेत और पानी के घुसने की समस्या के चलते कई कुएं समय से पहले बंद हो गए।

गैस भंडार का अनुमान भी घटा
तकनीकी दिक्कतों का असर गैस भंडार के अनुमान पर भी पड़ा। पहले जहां इस क्षेत्र में 10.03 लाख करोड़ घन फुट गैस होने का अनुमान था, वहीं बाद में इसे घटाकर 3.10 लाख करोड़ घन फुट कर दिया गया। सरकार का मानना है कि यह स्थिति कंपनी की योजना और क्रियान्वयन में कमी का नतीजा है।

लागत वसूली पर भी टकराव
सरकार ने इन परिस्थितियों को देखते हुए शुरुआती वर्षों में किए गए 3.02 अरब डॉलर के खर्च को लागत वसूली की गणना से बाहर कर दिया। रिलायंस ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि उत्पादन साझेदारी अनुबंध के तहत सरकार को इस आधार पर लागत वसूली रोकने का अधिकार नहीं है।

अब सभी की नजरें मध्यस्थता न्यायाधिकरण के फैसले पर टिकी हैं। यह फैसला रिलायंस-बीपी के लिए भी अहम होगा, साथ ही भारत के तेल-गैस क्षेत्र में भविष्य की निवेश नीतियों और सरकारी अनुबंधों की दिशा भी तय कर सकता है।

TAGGED:BPIndustrial EmpireKG-D6 GasNatural GasOil and Gas IndustryReliance Industries
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article भारतीय बाजार में चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और रिकवरी दर्शाता ग्राफ तेज गिरावट के बाद चांदी की कीमतों में जोरदार वापसी, लंबी अवधि में क्यों मजबूत बना हुआ है आउटलुक
Next Article Kawasaki Z650RS MY26 launched in India with new Metallic Ocean Blue colour Kawasaki Z650RS MY26 भारत में लॉन्च: नई कीमत, नया रंग और E20-रेडी इंजन
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Might Also Like

Vivo V60e 5G smartphone with 50MP front camera and 6500mAh battery launched in India
ऑटो/टेक

Vivo V60e 5G launch: 50MP फ्रंट कैमरा और 6500mAh बैटरी के साथ धमाकेदार ऑफर, 4100 तक का डिस्काउंट

By
Industrial empire correspondent
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संसद के संयुक्त सत्र में Budget Session 2026 का अभिभाषण देते हुए
ट्रेंडिंग खबरें

Budget Session 2026 की शुरुआत, राष्ट्रपति मुर्मू के संबोधन में गूंजी सरकार की उपलब्धियां

By
Industrial Empire
कैलाश मानसरोवर यात्रा
अन्य

कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025: जून-अगस्त के बीच होगी यात्रा, जानिए रूट और सुविधाएँ

By
Industrial Empire
Reliance Industries Limited
अन्य

रिलायंस का बड़ा प्लान: एनर्जी सेक्टर में ₹1.5 लाख करोड़ का निवेश

By
Industrial Empire
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
Facebook X-twitter Youtube Linkedin

Quick links

  • About Us
  • Contact Us
Categories
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • फर्श से अर्श तक
  • बिजनेस आईडिया
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
  • फूड प्रोसेसिंग
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • अन्य

Policies

  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions

Copyright © 2025 The Industial Empire. All Rights Reserved.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?