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The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation > ट्रेंडिंग खबरें > ईरान से व्यापार पर अमेरिका का 25% अतिरिक्त Tariff प्रस्ताव, भारत पर बढ़ेगा दबाव?
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ईरान से व्यापार पर अमेरिका का 25% अतिरिक्त Tariff प्रस्ताव, भारत पर बढ़ेगा दबाव?

Last updated: 13/01/2026 1:21 PM
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Manu Tiwari
ByManu Tiwari
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ईरान से व्यापार पर अमेरिका के 25% अतिरिक्त टैरिफ का भारत की अर्थव्यवस्था और निर्यात पर प्रभाव
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अमेरिका की नई व्यापार नीति एक बार फिर भारत के लिए चिंता का कारण बनती दिख रही है। रूस से व्यापार को लेकर पहले ही भारी टैरिफ झेल रहा भारत अब ईरान के मुद्दे पर भी अमेरिकी कार्रवाई की जद में आ सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर 25 फीसदी अतिरिक्त Tariff लगाया जा सकता है। अगर यह फैसला लागू होता है, तो इसका सीधा असर भारत-ईरान व्यापार पर पड़ेगा।

क्यों लिया जा सकता है यह फैसला?
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, ईरान में हाल के महीनों में हुए विरोध प्रदर्शनों और सरकार की सख्त कार्रवाई को देखते हुए यह कदम जरूरी है। ट्रंप का दावा है कि इन प्रदर्शनों के दौरान करीब 600 लोगों की मौत हुई है और हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अमेरिका इसे मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन मान रहा है और इसी आधार पर ईरान पर दबाव बढ़ाने की रणनीति अपना रहा है।

भारत और चीन सबसे ज्यादा प्रभावित
अगर अमेरिका यह अतिरिक्त टैरिफ लागू करता है, तो भारत और चीन जैसे देशों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है। इसकी वजह यह है कि दोनों ही देश ईरान के बड़े व्यापारिक साझेदार हैं। भारत लंबे समय से ईरान के साथ खाद्य पदार्थों, केमिकल्स और औद्योगिक उत्पादों का व्यापार करता रहा है।

भारत-ईरान व्यापार की मौजूदा स्थिति
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के मुताबिक, भारत ईरान के शीर्ष पांच व्यापारिक साझेदारों में शामिल है। वाणिज्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने ईरान को करीब 1.24 अरब डॉलर का निर्यात किया, जबकि 0.44 अरब डॉलर का आयात किया। इस तरह दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 1.68 अरब डॉलर का रहा। हालांकि यह आंकड़ा 2018 के मुकाबले काफी कम है, जब प्रतिबंधों से पहले भारत-ईरान व्यापार कहीं ज्यादा मजबूत था।

भारत ईरान को क्या-क्या निर्यात करता है?
ट्रेडिंग इकनॉमिक्स के अनुसार, 2024 में भारत का ईरान को सबसे बड़ा निर्यात अनाज का रहा। भारत ने करीब 698.51 मिलियन डॉलर का अनाज ईरान भेजा। इसके अलावा चाय, कॉफी, मसाले, चीनी, खाद्य उद्योग से जुड़े अवशेष, पशु चारा, दवाइयां और इलेक्ट्रिकल मशीनरी भी भारत के प्रमुख निर्यात उत्पादों में शामिल हैं।

ईरान से भारत क्या आयात करता है?
दूसरी ओर, भारत ईरान से मुख्य रूप से ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक केमिकल्स आयात करता है। 2024 में ऑर्गेनिक केमिकल्स का आयात करीब 512.92 मिलियन डॉलर का रहा। इसके अलावा सूखे मेवे, मिनरल फ्यूल, तेल, नमक, सीमेंट, प्लास्टिक और कांच के सामान भी भारत के आयात में शामिल हैं।

अतिरिक्त टैरिफ से भारत को क्या नुकसान?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका ईरान से जुड़े व्यापार पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाता है, तो भारत के लिए यह व्यापार और महंगा हो जाएगा। पहले से ही अमेरिकी टैरिफ के दबाव में चल रहे टेक्सटाइल, सीफूड, रत्न-आभूषण और ऑटो पार्ट्स सेक्टर पर इसका असर और गहरा सकता है। गौरतलब है कि अमेरिका अगस्त से भारत के कई उत्पादों पर 50 फीसदी तक का टैरिफ लगा चुका है। इसके अलावा रूस से कच्चा तेल और हथियार खरीदने पर भारत पर 25 फीसदी का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया है।

अर्थव्यवस्था पर बढ़ सकता है बोझ
टैरिफ बढ़ने का मतलब है निर्यात महंगा होना और प्रतिस्पर्धा में कमजोरी आना। इससे भारत की पहले से दबाव में चल रही अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। खासकर छोटे और मझोले निर्यातकों के लिए यह स्थिति ज्यादा मुश्किल साबित हो सकती है।

US-India ट्रेड डील से जुड़ी उम्मीदें
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक राहत की बात यह है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता जारी है। भारत में अमेरिकी राजदूत का पद संभालने के बाद सर्जियो गोर ने कहा है कि दोनों देशों के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। उनका कहना है कि मतभेदों के बावजूद दोनों देश समाधान की दिशा में काम करेंगे।

क्या लग सकती है अतिरिक्त Tariff
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि अमेरिका वास्तव में यह अतिरिक्त टैरिफ लागू करता है या नहीं। अगर ऐसा होता है, तो भारत को अपने निर्यात बाजारों में विविधता लाने और वैकल्पिक व्यापारिक रास्तों पर गंभीरता से काम करना होगा। आने वाले दिनों में यह फैसला भारत की व्यापार रणनीति के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है।

TAGGED:donald trumpFeaturedIndustrial Empirendia Iran TradetariffUS Iran Tariff
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