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The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation > एग्रीकल्चर > बजट सत्र में नकली बीजों पर बड़ा प्रहार, नया Seed Bill 2025 लाने की तैयारी
एग्रीकल्चर

बजट सत्र में नकली बीजों पर बड़ा प्रहार, नया Seed Bill 2025 लाने की तैयारी

Last updated: 16/01/2026 5:16 PM
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Industrial Empire
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Seed Bill 2025 के तहत नकली बीजों पर रोक और किसानों की सुरक्षा से जुड़ी सरकारी पहल
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Seed Bill: किसानों की सबसे बड़ी चिंता—खराब और नकली बीज—अब सरकार के सीधे निशाने पर है। बजट सत्र के दौरान केंद्र सरकार 1966 के पुराने बीज कानून को बदलकर नया ‘सीड बिल 2025’ लाने की तैयारी कर रही है। इस विधेयक का मकसद किसानों को नकली और घटिया बीजों से बचाना, बीज कंपनियों की जवाबदेही तय करना और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ किया है कि नया कानून किसानों के हितों को केंद्र में रखकर तैयार किया जा रहा है।

परंपरागत बीजों पर नहीं पड़ेगा असर
कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि नया सीड बिल 2025 परंपरागत और किसान द्वारा संरक्षित बीजों पर लागू नहीं होगा। इसका उद्देश्य किसानों की पुरानी बीज परंपराओं को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि बाजार में बिकने वाले व्यावसायिक बीजों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि किसानों को यह भरोसा मिलना चाहिए कि वे जो बीज खरीद रहे हैं, उससे उनकी फसल सुरक्षित रहेगी।

राज्यों को मिलेगी कार्रवाई की ताकत
नए बीज कानून को लागू करने की जिम्मेदारी राज्यों को दी जाएगी। अभी तक नकली बीज से जुड़े मामलों में अदालती प्रक्रिया लंबी और जटिल होती थी, जिससे किसानों को समय पर न्याय नहीं मिल पाता था। Seed Bill 2025 के तहत राज्यों को जांच, सुनवाई और कार्रवाई का अधिकार मिलेगा। इसके लिए विशेष समितियां गठित की जाएंगी, जो शिकायतों की जांच कर त्वरित निर्णय लेंगी।

निजी क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा, लेकिन सख्त निगरानी
सरकार नए कानून के जरिए निजी क्षेत्र को बीज उत्पादन में प्रोत्साहित करना चाहती है, लेकिन इसके साथ सख्त नियम भी लागू होंगे। बिना जांच के आयातित बीजों को बाजार में आने की अनुमति नहीं मिलेगी। सीड कंपनियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी कि वे गुणवत्ता मानकों का पालन करें और किसानों को सही जानकारी दें।

बीज ट्रैसेबिलिटी सिस्टम होगा लागू
नए सीड बिल की सबसे बड़ी खासियत बीज ट्रैसेबिलिटी सिस्टम होगी। इस व्यवस्था के तहत यह स्पष्ट रूप से पता लगाया जा सकेगा कि बीज कहां से आया है, उसे किस कंपनी ने तैयार किया है, उसकी गुणवत्ता क्या है और वह अंततः किस किसान तक पहुंचा है। इस ट्रैसेबिलिटी सिस्टम से नकली और घटिया बीज बेचने वालों की पहचान करना आसान होगा, वहीं किसानों को बीज की गुणवत्ता और स्रोत को लेकर पूरी पारदर्शिता मिल सकेगी।

नकली बीज बेचने पर ₹30 लाख तक जुर्माना और जेल
अब तक नकली बीज बेचने पर केवल ₹500 का मामूली जुर्माना लगाया जाता था, जो इस गंभीर समस्या पर रोक लगाने में पूरी तरह नाकाफी साबित हुआ। नए Seed Bill 2025 में इस प्रावधान को कड़ा करते हुए ₹30 लाख तक के भारी जुर्माने और गंभीर मामलों में जेल की सजा का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि सख्त दंड व्यवस्था लागू होने से नकली और घटिया बीज के कारोबार पर प्रभावी लगाम लगेगी और किसानों को ठगी से बचाया जा सकेगा।

किसानों के लिए जरूरी सावधानियां
सरकार ने किसानों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है ताकि वे नकली या घटिया बीज से होने वाले नुकसान से बच सकें। बीज खरीदते समय किसानों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पैकेट पर प्रमाणन टैग स्पष्ट रूप से लगा हो और उसकी एक्सपायरी डेट अवश्य जांची जाए। बीज का पैकेट पूरी तरह सीलबंद और सुरक्षित होना चाहिए तथा खरीदारी केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही की जाए। इसके साथ ही, यदि किसी प्रकार का संदेह हो तो बुवाई से पहले बीज परीक्षण प्रयोगशाला में बीज की जांच कराना भी बेहद जरूरी है, ताकि फसल सुरक्षित और उत्पादन बेहतर हो सके।

क्यों जरूरी था नया बीज कानून?
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि विकसित कृषि संकल्प अभियान के दौरान किसानों ने बार-बार शिकायत की कि उन्हें नकली या खराब बीज बेचे जा रहे हैं, जिससे उनकी पूरी फसल बर्बाद हो जाती है। 1966 का पुराना कानून आज की परिस्थितियों के हिसाब से कमजोर साबित हो रहा था। इसलिए सरकार को एक ऐसे मजबूत कानून की जरूरत महसूस हुई, जो किसानों को वास्तविक सुरक्षा दे सके।

सही बीज से ही सुरक्षित फसल
Seed Bill 2025 सिर्फ कानून नहीं, बल्कि किसानों के भविष्य की सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है। सही बीज, बेहतर फसल और सुरक्षित आय—यही इस नए कानून का मूल उद्देश्य है। अगर यह विधेयक लागू होता है, तो नकली बीज के खिलाफ जंग में किसानों को पहली बार मजबूत कानूनी ढाल मिल सकती है।

TAGGED:AgricultureBudget 2026Industrial EmpireSeed Bill 2025नकली बीज कानून
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