Republic Day Parade: नई दिल्ली में आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड 2026 इस बार सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि आधुनिक युद्ध क्षमता और आत्मनिर्भर भारत की झलक भी पेश करेगी। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस वर्ष की परेड को खास तौर पर इस तरह तैयार किया गया है कि आम जनता देश की सैन्य तैयारियों, स्वदेशी रक्षा प्रणालियों और भविष्य की युद्ध रणनीति को करीब से समझ सके। इस साल की थीम ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’ रखी गई है, जो देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना को केंद्र में रखती है।
30 झांकियां, जिनमें 6 राष्ट्रीय गीत को समर्पित
गणतंत्र दिवस परेड में इस बार कुल 30 झांकियां शामिल होंगी। इनमें से 6 झांकियां पूरी तरह राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को समर्पित होंगी, जो इसके 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में तैयार की गई हैं। झांकियों के माध्यम से देश की सांस्कृतिक विरासत, सैन्य शक्ति और विकास यात्रा को एक साथ दर्शाया जाएगा।
भैरव लाइट कमांडो बटालियन होगी आकर्षण का केंद्र
इस साल की परेड का सबसे बड़ा आकर्षण होगी सेना की नवगठित ‘भैरव’ लाइट कमांडो बटालियन। इसके साथ ही शक्तिबाण तोपखाना रेजिमेंट और लद्दाख स्काउट्स माउंटेन इन्फैंट्री रेजिमेंट भी परेड में शामिल होंगी। कई यूनिट्स को पहली बार युद्ध जैसी वास्तविक परिस्थितियों में संचालन करते हुए प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे सेना की तैयारियों की झलक मिलेगी।
आसमान में राफेल और सुखोई की गर्जना
परेड के दौरान वायुसेना की ताकत भी पूरी शान के साथ दिखाई देगी। दसॉ राफेल और सुखोई एसयू-30 एमकेआई लड़ाकू विमान राजपथ के आसमान में उड़ान भरेंगे। ये विमान भारत की हवाई सुरक्षा और रणनीतिक क्षमता का प्रतीक हैं। हालांकि इस बार तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट परेड में शामिल नहीं होगा। रक्षा सूत्रों के अनुसार, इसका कोई विशेष तकनीकी कारण नहीं है, बल्कि वीआईपी उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ी सैन्य मामलों में रुचि
मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद आम जनता की सैन्य मामलों में रुचि काफी बढ़ी है। इसी को ध्यान में रखते हुए रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि इस बार परेड का उद्देश्य सिर्फ प्रदर्शन नहीं, बल्कि यह दिखाना है कि युद्ध के समय उपकरण, तकनीक और सैनिक एक साथ कैसे काम करते हैं। इससे परेड को अधिक जानकारीपरक और रोचक बनाया गया है।
स्वदेशी हथियार और ‘मेड इन इंडिया’ सिस्टम पर फोकस
आत्मनिर्भर भारत की सोच को मजबूत करते हुए इस बार गणतंत्र दिवस परेड में स्वदेशी रक्षा प्रणालियों को विशेष महत्व दिया गया है। परेड में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, आकाश एयर डिफेंस सिस्टम, अर्जुन मेन बैटल टैंक, एडवांस्ड टोएड आर्टिलरी गन सिस्टम के साथ-साथ लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर और एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर भी प्रदर्शित किए जाएंगे। ये सभी हथियार और प्रणालियां भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता और तकनीकी आत्मनिर्भरता का प्रतीक हैं। उल्लेखनीय है कि इनमें से कई आधुनिक हथियारों का सफलतापूर्वक इस्तेमाल हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किया जा चुका है, जिससे इनकी प्रभावशीलता और विश्वसनीयता भी सिद्ध हो चुकी है।
AI, रोबोटिक सिस्टम और ड्रोन तकनीक की झलक
आधुनिक युद्ध में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्वचालन की भूमिका को दर्शाने के लिए इस बार परेड में रोबोटिक खच्चर और मानव रहित ग्राउंड व्हीकल भी प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके अलावा देश की ड्रोन प्रणाली भी प्रदर्शनी का हिस्सा होगी, हालांकि सुरक्षा कारणों से इन्हें उड़ाया नहीं जाएगा।
भारत की बढ़ती सैन्य आत्मनिर्भरता का संदेश
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, परेड में दिखाई जाने वाली अधिकांश युद्धक प्रणालियां या तो भारत में निर्मित हैं या भारत में डिजाइन की गई हैं। एयरबस C295 परिवहन विमान, अपाचे हेलीकॉप्टर और C-130J सुपर हरक्यूलिस भी परेड में नजर आएंगे, जो भारत की बहुआयामी सैन्य क्षमता को दर्शाते हैं।
परेड शक्ति, तकनीक और विश्वास का प्रतीक
गणतंत्र दिवस परेड 2026 सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि भारत की सैन्य शक्ति, तकनीकी प्रगति और आत्मनिर्भरता का जीवंत प्रदर्शन होगी। यह परेड देशवासियों को यह भरोसा दिलाएगी कि भारत न केवल अपनी सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम है, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए भी पूरी तरह तैयार है।