सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने निवेशकों और बाजार विश्लेषकों दोनों को सकारात्मक संकेत दिए हैं। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में बैंक का शुद्ध मुनाफा 11.6 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 5,189 करोड़ रुपये को पार कर गया। यह नतीजे बताते हैं कि PNB न सिर्फ मुनाफे के मोर्चे पर आगे बढ़ रहा है, बल्कि बैलेंस शीट की गुणवत्ता में भी लगातार सुधार कर रहा है।
शुद्ध मुनाफे में मजबूती, तिमाही दर तिमाही भी सुधार
दिसंबर 2025 तिमाही में PNB ने 5,189.79 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो एक साल पहले इसी तिमाही के 4,648.60 करोड़ रुपये से कहीं बेहतर है। खास बात यह रही कि बैंक का मुनाफा पिछली तिमाही यानी सितंबर 2025 के मुकाबले भी करीब 7 फीसदी बढ़ा है। इससे साफ है कि बैंक की ग्रोथ सिर्फ सालाना आधार पर नहीं, बल्कि तिमाही आधार पर भी मजबूत बनी हुई है।
ब्याज से होने वाली आय ने दी कमाई को मजबूती
बैंक की कमाई का बड़ा आधार मानी जाने वाली ब्याज आय में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला। तीसरी तिमाही में PNB को 32,889 करोड़ रुपये की ब्याज आय हुई, जो पिछले साल की तुलना में 3 फीसदी से ज्यादा की बढ़त दर्शाती है। वहीं पिछली तिमाही की तुलना में भी ब्याज आय में हल्का सुधार हुआ है। यह संकेत देता है कि बैंक की लेंडिंग एक्टिविटी और कर्ज पर मिलने वाला रिटर्न स्थिर बना हुआ है।
ऑपरेटिंग मुनाफे में मजबूत उछाल
प्रावधान और आकस्मिक खर्च से पहले बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 7,570 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो सालाना आधार पर करीब 14 फीसदी की बढ़ोतरी दिखाता है। तिमाही आधार पर भी ऑपरेटिंग मुनाफे में 5 फीसदी से ज्यादा का इजाफा हुआ है। इससे यह साफ होता है कि बैंक की मुख्य बैंकिंग गतिविधियों से कमाई बेहतर हो रही है।
खराब कर्ज पर कसाव, NNPA में लगातार गिरावट
PNB के लिए सबसे बड़ी राहत उसकी एसेट क्वालिटी में आया सुधार है। दिसंबर 2025 तक बैंक का नेट एनपीए घटकर 3,834 करोड़ रुपये रह गया, जबकि एक साल पहले यह आंकड़ा 4,437 करोड़ रुपये था। यानी सालभर में खराब कर्ज में 600 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमी आई है। NNPA अनुपात भी सुधरकर 0.32 फीसदी पर आ गया, जो पिछले साल 0.41 फीसदी था। यह दिखाता है कि बैंक नए कर्ज देने के साथ-साथ पुराने खराब कर्ज को संभालने में भी सफल रहा है।
जमा और कर्ज दोनों में संतुलित बढ़त
PNB की कुल जमा राशि दिसंबर 2025 तक बढ़कर 16.60 लाख करोड़ रुपये हो गई, जो सालाना आधार पर करीब 8.5 फीसदी की बढ़ोतरी है। वहीं बैंक का कुल कर्ज यानी एडवांस 10.9 फीसदी बढ़कर 12.31 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। जमा और कर्ज दोनों में संतुलित वृद्धि से बैंक का क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेशियो भी सुधरकर 74 फीसदी के करीब पहुंच गया है, जो बैंक की लिक्विडिटी स्थिति को मजबूत दर्शाता है।
CASA और टर्म डिपॉजिट में भी सुधार
सेविंग्स अकाउंट डिपॉजिट में करीब 5 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई, जबकि करंट अकाउंट में 9 फीसदी से ज्यादा का इजाफा हुआ। कुल CASA जमा 5.92 लाख करोड़ रुपये रही, जो कुल जमा का 37 फीसदी से ज्यादा हिस्सा है। वहीं टर्म डिपॉजिट में 10 फीसदी से ज्यादा की बढ़त देखी गई, जिससे बैंक को स्थिर फंडिंग का फायदा मिल रहा है।
रिटेल और MSME लोन बने ग्रोथ का इंजन
कर्ज के मोर्चे पर रिटेल सेगमेंट ने शानदार प्रदर्शन किया। होम लोन में 14 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई, जबकि वाहन लोन में 35 फीसदी से ज्यादा की तेज ग्रोथ दर्ज की गई। कृषि और MSME कर्ज में भी मजबूत इजाफा हुआ, जो बैंक के ग्रासरूट फोकस को दर्शाता है।
कुल मिलाकर क्या संकेत देते हैं नतीजे?
PNB के Q3FY26 नतीजे यह संकेत देते हैं कि बैंक अब स्थिर मुनाफे, बेहतर एसेट क्वालिटी और संतुलित ग्रोथ के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। अगर यही रुझान बना रहता है, तो आने वाली तिमाहियों में भी बैंक का प्रदर्शन निवेशकों के लिए भरोसेमंद बना रह सकता है।