देश की डिजिटल पहचान प्रणाली आधार अब सिर्फ पहचान का जरिया नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का बड़ा प्लेटफॉर्म बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) आधार से जुड़ी नई तकनीकों पर काम करने वाले स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए एक खास सीड-स्टेज फंड शुरू करने पर विचार कर रहा है। इसका मकसद ऐसे युवा और इनोवेटिव स्टार्टअप्स को शुरुआती सपोर्ट देना है, जो आधार से जुड़े सिस्टम को और ज्यादा सुरक्षित, तेज और भरोसेमंद बना सकें।
फिनटेक और टेक स्टार्टअप्स के साथ साझेदारी की तैयारी
UIDAI के पार्ट-टाइम चेयरपर्सन नीलकंठ मिश्रा ने भारत फिनटेक फोरम 2026 के दौरान इस योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इनोवेशन सिर्फ सरकार या किसी एक सेक्टर से नहीं आता, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे स्टार्टअप्स नए और बेहतर समाधान लेकर आते हैं। इसी सोच के तहत UIDAI अब फिनटेक और टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ मिलकर काम करना चाहता है, ताकि आधार सिस्टम की गुणवत्ता, सुरक्षा और विश्वसनीयता को और मजबूत किया जा सके।
स्टार्टअप्स के लिए सैंडबॉक्स और फंडिंग का प्लान
UIDAI सिर्फ फंडिंग तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि स्टार्टअप्स को टेस्टिंग के लिए एक सैंडबॉक्स एनवायरनमेंट देने की तैयारी भी कर रहा है। इस सैंडबॉक्स में स्टार्टअप्स अपने टेक सॉल्यूशंस को वास्तविक परिस्थितियों के करीब माहौल में परख सकेंगे। इससे नए आइडिया जल्दी सामने आएंगे और जो तकनीकें काम की होंगी, उन्हें बड़े स्तर पर लागू किया जा सकेगा। साथ ही, UIDAI डायरेक्ट इनवेस्टमेंट फंड बनाने की संभावना भी तलाश रहा है, जिससे सीड-स्टेज स्टार्टअप्स को शुरुआती पूंजी मिल सके। हालांकि यह योजना अभी शुरुआती चरण में है और इसके लिए जरूरी नियामकीय मंजूरियों का इंतजार है।
दुनिया का सबसे बड़ा बायोमेट्रिक डेटाबेस
UIDAI का दावा है कि आधार दुनिया का सबसे बड़ा बायोमेट्रिक डेटाबेस है। इस सिस्टम की खास बात यह है कि इसके जरिए ऐसे डिजिटल समाधान बनाए जा सकते हैं, जिन्हें दूसरे देश आसानी से दोहरा नहीं सकते। यही कारण है कि आधार प्लेटफॉर्म फिनटेक कंपनियों, बैंकों और टेक स्टार्टअप्स के लिए बड़े बिज़नेस मौके भी खोलता है। आधार से जुड़े नए प्रोडक्ट और सेवाएं भविष्य में डिजिटल पेमेंट, बैंकिंग, ई-गवर्नेंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।
हर दिन करोड़ों ऑथेंटिकेशन, अब और बढ़ेगी क्षमता
फिलहाल आधार सिस्टम के जरिए हर दिन करीब 9 करोड़ ऑथेंटिकेशन किए जा रहे हैं। कई दिनों में फेस ऑथेंटिकेशन की संख्या 1.5 करोड़ से भी ज्यादा पहुंच जाती है। UIDAI अब अपनी तकनीकी क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है, ताकि भविष्य में प्रतिदिन 30 करोड़ तक ऑथेंटिकेशन आसानी से हो सकें। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सिस्टम पर बढ़ते दबाव के बावजूद किसी भी तरह की सर्वर समस्या या तकनीकी बाधा न आए और यूजर्स को बिना रुकावट सेवाएं मिलती रहें।
आधार सेवा केंद्रों का नेटवर्क होगा मजबूत
सेवा गुणवत्ता सुधारने के लिए UIDAI अब अपने खुद के आधार सेवा केंद्रों का नेटवर्क बढ़ा रहा है। पहले कई केंद्र राज्य सरकारों द्वारा संचालित किए जा रहे थे, जिनकी सेवाओं को लेकर शिकायतें सामने आती थीं। अब UIDAI हर जिले में धीरे-धीरे अपने सेवा केंद्र खोल रहा है, ताकि लोगों को आधार से जुड़ी सेवाएं ज्यादा भरोसेमंद और आसान तरीके से मिल सकें। इससे नामांकन, अपडेट और अन्य सुविधाओं में तेजी आने की उम्मीद है।
नया मोबाइल ऐप और बेहतर डिजिटल अनुभव
UIDAI ने आम नागरिकों के लिए आधार मोबाइल ऐप को भी नए फीचर्स के साथ अपडेट किया है। इस ऐप का मकसद लोगों को डिजिटल तरीके से ज्यादा सुविधाएं देना है, ताकि उन्हें बार-बार सेवा केंद्रों के चक्कर न लगाने पड़ें। ऐप के जरिए पहचान से जुड़ी कई प्रक्रियाएं आसान हो रही हैं, जिससे आधार का इस्तेमाल पहले से ज्यादा सुविधाजनक बन रहा है।
आधार से जुड़े स्टार्टअप्स के लिए नए मौके
UIDAI की यह पहल भारत में एक नए स्टार्टअप इकोसिस्टम को जन्म दे सकती है, जो खास तौर पर आधार से जुड़ी तकनीकों पर फोकस करेगा। अगर यह फंड और सैंडबॉक्स योजना अमल में आती है, तो इससे देश में डिजिटल इनोवेशन को नई रफ्तार मिल सकती है। आने वाले समय में आधार पहचान का साधन तो है ही उसके साथ भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की रीढ़ बनकर स्टार्टअप्स, निवेशकों और टेक कंपनियों के लिए नए बिज़नेस अवसर पैदा करेगा।