देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने शेयर बाजार में एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। मजबूत तिमाही नतीजों और निवेशकों के बढ़ते भरोसे के चलते SBI ने मार्केट कैप के मामले में आईटी दिग्गज TCS को पीछे छोड़ दिया है। बुधवार को कारोबार के दौरान SBI का मार्केट कैप करीब ₹10.78 लाख करोड़ तक पहुंच गया, जबकि TCS का मार्केट कैप ₹10.68 लाख करोड़ के आसपास रहा। इसके साथ ही SBI अब देश की चौथी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई है। इससे पहले SBI ने ICICI बैंक को भी पीछे छोड़ा था। फिलहाल रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले, HDFC बैंक दूसरे और भारती एयरटेल तीसरे नंबर पर हैं।
शेयर में आई तेज़ी ने बदली तस्वीर
SBI के शेयर में बीते कुछ दिनों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। बुधवार को इंट्रा-डे ट्रेडिंग में शेयर करीब 3 फीसदी उछलकर ₹1,174.80 के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में ही शेयर लगभग 10 फीसदी चढ़ चुका है। अगर एक महीने की बात करें, तो SBI के शेयर में करीब 16 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई है, जबकि इसी अवधि में सेंसेक्स में महज 0.5 फीसदी की तेजी देखने को मिली। इसके उलट, आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी TCS के शेयरों में पिछले एक महीने में लगभग 9 फीसदी की गिरावट आई है। यही वजह है कि दोनों कंपनियों के मार्केट कैप के बीच का अंतर अब SBI के पक्ष में चला गया।
रिकॉर्ड मुनाफे से बढ़ा निवेशकों का भरोसा
SBI के शेयरों में आई इस तेजी की सबसे बड़ी वजह बैंक के हालिया तिमाही नतीजे माने जा रहे हैं। दिसंबर तिमाही में SBI ने ₹21,028 करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा तिमाही मुनाफा दर्ज किया है। यह मुनाफा पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले करीब 24.5 फीसदी ज्यादा है। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम भी 9 फीसदी बढ़कर ₹45,190 करोड़ तक पहुंच गई है। इसके अलावा नेट इंटरेस्ट मार्जिन करीब 2.99 फीसदी रहा, जो बैंक के स्थिर और मजबूत प्रदर्शन को दिखाता है। बेहतर एसेट क्वालिटी और घटते एनपीए ने भी निवेशकों का भरोसा और मजबूत किया है।
आगे की ग्रोथ को लेकर बैंक को पूरा भरोसा
SBI के मैनेजमेंट का कहना है कि आने वाले समय में बैंक के लिए ग्रोथ के नए मौके बन सकते हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के हालिया नियमों से REITs, इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग और मर्जर एंड एक्विजिशन जैसे क्षेत्रों में कर्ज देने के अवसर बढ़ सकते हैं। बैंक ने अपने लोन ग्रोथ टारगेट को बढ़ाकर 13 से 15 फीसदी कर दिया है। वहीं FY26 के लिए नेट इंटरेस्ट मार्जिन लगभग 3 फीसदी के आसपास रहने का अनुमान जताया गया है। मजबूत कॉरपोरेट लोन पाइपलाइन और रिटेल सेगमेंट में बढ़ती मांग से बैंक की कमाई में आगे भी सुधार की उम्मीद है।
ब्रोकरेज हाउस भी SBI पर बुलिश
ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि मौजूदा हालात में बड़े बैंकों में SBI का प्रदर्शन सबसे बेहतर दिख रहा है। Axis Securities ने SBI पर BUY रेटिंग देते हुए इसका टारगेट प्राइस ₹1,280 रखा है। वहीं JM Financial ने भी शेयर पर BUY की सलाह बनाए रखी है और टारगेट बढ़ाकर ₹1,250 कर दिया है। एनालिस्ट्स का कहना है कि SBI की बैलेंस शीट मजबूत है, लागत पर नियंत्रण बना हुआ है और लोन ग्रोथ की रफ्तार अच्छी बनी हुई है। इन वजहों से आने वाले समय में भी SBI के शेयर निवेशकों को अच्छा रिटर्न दे सकते हैं।
सरकारी बैंक की बदली हुई तस्वीर
एक समय था जब सरकारी बैंकों को कमजोर समझा जाता था, लेकिन SBI ने अपनी मजबूत कमाई, बेहतर एसेट क्वालिटी और लगातार ग्रोथ के दम पर यह धारणा बदल दी है। TCS जैसी दिग्गज कंपनी को पीछे छोड़कर देश की चौथी सबसे मूल्यवान कंपनी बनना SBI के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। आने वाले समय में अगर बैंक इसी तरह प्रदर्शन करता रहा, तो टॉप-3 कंपनियों की लिस्ट में जगह बनाना भी नामुमकिन नहीं होगा।