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The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation > आईटी > बाजार से पिछड़ा IT प्रदर्शन: निफ्टी 50 के मुकाबले क्यों फेल हो रहे आईटी शेयर?
आईटी

बाजार से पिछड़ा IT प्रदर्शन: निफ्टी 50 के मुकाबले क्यों फेल हो रहे आईटी शेयर?

Last updated: 14/02/2026 4:25 PM
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Industrial Empire
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भारतीय शेयर बाजार में IT सेक्टर की गिरावट, निफ्टी 50 में IT वेटेज 26 साल के निचले स्तर पर
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भारतीय शेयर बाजार में IT सेक्टर इन दिनों दबाव में नजर आ रहा है। देश की बड़ी आईटी कंपनियों के शेयरों में आई लगातार गिरावट का असर अब सीधे निफ्टी 50 इंडेक्स में दिखाई देने लगा है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, विप्रो और एचसीएलटेक जैसी दिग्गज कंपनियों के कमजोर प्रदर्शन की वजह से निफ्टी 50 में आईटी सेक्टर की हिस्सेदारी घटकर 26 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। यह स्थिति निवेशकों के लिए चिंता बढ़ाने वाली है, क्योंकि एक समय आईटी सेक्टर को बाजार की ग्रोथ का बड़ा इंजन माना जाता था।

26 साल में सबसे कम वेटेज पर पहुंचा IT सेक्टर
ताजा आंकड़ों के मुताबिक निफ्टी 50 में आईटी सेवाओं का कुल वेटेज घटकर करीब 8.8 फीसदी रह गया है। पिछले साल मार्च के अंत में यह हिस्सेदारी करीब 11.7 फीसदी थी, जबकि मार्च 2021 में कोरोना महामारी के दौरान आईटी सेक्टर का वेटेज 16 फीसदी से ज्यादा पहुंच गया था। मौजूदा स्तर मार्च 1999 के बाद सबसे कम है। यानी दो दशक से ज्यादा समय बाद निफ्टी में आईटी सेक्टर की पकड़ इतनी कमजोर हुई है।

निफ्टी 50 में फिलहाल पांच IT कंपनियां शामिल हैं। इनमें इंफोसिस का वेटेज सबसे ज्यादा है, जबकि टीसीएस और अन्य कंपनियों की हिस्सेदारी उससे कम है। हालांकि बड़ी कंपनियों की मौजूदगी के बावजूद पूरे सेक्टर का प्रभाव इंडेक्स पर लगातार घटता जा रहा है।

ऑयल एंड गैस सेक्टर से पिछड़ा IT
IT सेक्टर अब निफ्टी 50 में तीसरे स्थान पर खिसक गया है। इससे आगे ऑयल एंड गैस सेक्टर निकल गया है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी बड़ी कंपनी शामिल है। ऑयल एंड गैस सेक्टर का वेटेज अब आईटी से ज्यादा हो गया है। पिछले कई वर्षों से आईटी सेक्टर निफ्टी में दूसरे सबसे बड़े योगदानकर्ता के रूप में देखा जाता था, लेकिन इस बार तस्वीर बदल गई है। वहीं बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस सेक्टर का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है। बाजार में सबसे ज्यादा वजन अब इसी सेक्टर का है, जो निफ्टी की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रहा है।

बाजार से कमजोर रहा IT शेयरों का प्रदर्शन
चालू वित्त वर्ष में आईटी सेक्टर का प्रदर्शन व्यापक बाजार की तुलना में काफी कमजोर रहा है। जहां निफ्टी 50 में सीमित गिरावट या हल्की बढ़त देखने को मिली है, वहीं आईटी शेयरों में ज्यादा दबाव नजर आया है। निफ्टी आईटी इंडेक्स में बीते एक साल में दो अंकों की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि निफ्टी 50 इसी अवधि में बेहतर स्थिति में रहा है। महज कुछ महीनों पहले निफ्टी आईटी इंडेक्स अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर पर था, लेकिन अब वह उस स्तर से काफी नीचे फिसल चुका है। इसके उलट निफ्टी 50 अपने रिकॉर्ड स्तर के काफी करीब बना हुआ है। इससे साफ है कि आईटी सेक्टर की कमजोरी ने पूरे बाजार से इसकी दूरी बढ़ा दी है।

महामारी के बाद की तेजी अब बीते दौर की बात
कोरोना महामारी के दौरान IT सेक्टर ने जबरदस्त उछाल देखा था। डिजिटल सेवाओं, क्लाउड और ऑटोमेशन की बढ़ती मांग से आईटी कंपनियों की कमाई में तेज इजाफा हुआ और शेयरों ने रिकॉर्ड रिटर्न दिए। उस दौर में निफ्टी आईटी इंडेक्स ने निफ्टी 50 से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया था। हालांकि महामारी के बाद हालात बदल गए। वैश्विक स्तर पर आर्थिक सुस्ती, कंपनियों द्वारा आईटी बजट में कटौती और ग्राहकों की सतर्कता ने भारतीय आईटी कंपनियों की ग्रोथ पर ब्रेक लगा दिया। नतीजतन, पिछले कुछ वर्षों में आईटी शेयर लगातार बाजार से पिछड़ते चले गए और महामारी के दौरान मिले अतिरिक्त रिटर्न अब काफी हद तक खत्म हो चुके हैं।

आगे IT सेक्टर के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि IT सेक्टर इस समय अपने सबसे लंबे अंडरपरफॉर्मेंस दौर से गुजर रहा है। वैश्विक मांग में कमजोरी और खर्च घटाने की प्रवृत्ति से निकट भविष्य में भी इस सेक्टर पर दबाव बना रह सकता है। हालांकि लंबी अवधि में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों के चलते आईटी कंपनियों के लिए मौके बने रहेंगे। निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे आईटी सेक्टर में निवेश करते समय लंबी अवधि की रणनीति अपनाएं और कंपनियों की फंडामेंटल मजबूती पर ध्यान दें। फिलहाल बाजार में बीएफएसआई और अन्य सेक्टर ज्यादा मजबूत दिख रहे हैं, जबकि आईटी सेक्टर को फिर से रफ्तार पकड़ने के लिए समय लग सकता है।

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