डिजिटल दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रभाव अब साफ दिखाई देने लगा है। मोबाइल ऐप्स के उपयोग का तरीका तेजी से बदल रहा है और लोग अब केवल सोशल मीडिया या मनोरंजन तक सीमित नहीं हैं। स्मार्ट असिस्टेंट और AI टूल्स रोजमर्रा के काम का हिस्सा बनते जा रहे हैं। इसी बदलते ट्रेंड के बीच AI आधारित ऐप ChatGPT ने 2025 में डाउनलोड के मामले में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, ChatGPT अब दुनिया की दूसरी सबसे ज्यादा डाउनलोड की जाने वाली ऐप बन गई है।
TikTok के बाद दूसरा स्थान, AI ऐप की बड़ी छलांग
वैश्विक ऐप डाउनलोड रैंकिंग में अभी भी TikTok पहले स्थान पर बना हुआ है, लेकिन ChatGPT की तेज रफ्तार ग्रोथ ने टेक इंडस्ट्री को चौंका दिया है। खास बात यह है कि अब तक इस तरह की सूची में सोशल मीडिया और गेमिंग ऐप्स का ही दबदबा रहता था, जबकि ChatGPT एक AI आधारित प्रोडक्ट है। इसका दूसरे स्थान तक पहुंचना इस बात का संकेत है कि AI तकनीक अब मुख्यधारा के उपयोग में तेजी से प्रवेश कर चुकी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव केवल तकनीकी नहीं, बल्कि व्यवहारिक परिवर्तन भी है। लोग अब ऐप्स का उपयोग मनोरंजन से आगे बढ़कर उत्पादकता, सीखने और काम से जुड़े कार्यों के लिए भी कर रहे हैं। ChatGPT इस बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण बनकर उभरा है।
डाउनलोड, उपयोग और कमाई – तीनों में तेज वृद्धि
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के दौरान ChatGPT के डाउनलोड में 148 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई। केवल डाउनलोड ही नहीं, बल्कि उपयोग और कमाई के आंकड़े भी तेजी से बढ़े हैं। ऐप के भीतर होने वाली खरीद (इन-ऐप परचेज) में 254 प्रतिशत और ऐप पर बिताए गए समय में 426 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। ये आंकड़े बताते हैं कि यूजर्स केवल उत्सुकता में ऐप डाउनलोड नहीं कर रहे, बल्कि इसे नियमित रूप से उपयोग में भी ला रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग इसके प्रीमियम फीचर्स के लिए भुगतान कर रहे हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि AI सेवाओं पर भरोसा और निर्भरता दोनों बढ़ रही हैं।
AI ऐप्स की नई लहर, लेकिन ChatGPT सबसे आगे
ChatGPT की सफलता के साथ ही कई अन्य AI ऐप्स भी तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। बाजार में Google Gemini, Microsoft Copilot, Meta AI, DeepSeek और Grok जैसी सेवाएं उपलब्ध हैं, जो अलग-अलग प्रकार की AI सहायता प्रदान करती हैं। इनमें कंटेंट लेखन, सवाल-जवाब, कोडिंग सहायता, डेटा विश्लेषण और व्यक्तिगत डिजिटल असिस्टेंस जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
हालांकि प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, फिर भी ChatGPT ने अपने व्यापक उपयोग, सरल इंटरफेस और बहुउद्देश्यीय क्षमताओं के कारण मजबूत पहचान बना ली है। कई यूजर्स के लिए यह पहला AI टूल बन चुका है, जिससे AI अपनाने की प्रक्रिया और तेज हुई है।
सोशल मीडिया अभी भी मजबूत, लेकिन उपयोग का संतुलन बदल रहा
AI ऐप्स की लोकप्रियता बढ़ने के बावजूद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का दबदबा अभी भी कायम है। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में दुनियाभर के यूजर्स ने लगभग 2.5 ट्रिलियन घंटे सोशल मीडिया ऐप्स पर बिताए। औसतन एक व्यक्ति प्रतिदिन करीब 90 मिनट सोशल मीडिया पर खर्च कर रहा है। यह दर्शाता है कि AI ऐप्स सोशल मीडिया की जगह नहीं ले रहे, बल्कि उपयोग का दायरा बढ़ा रहे हैं। यानी मनोरंजन और सामाजिक जुड़ाव के साथ-साथ अब उत्पादकता और ज्ञान आधारित ऐप्स का उपयोग भी बढ़ रहा है।
AI ऐप्स अपनाने में भारत सबसे आगे
इस वैश्विक ट्रेंड में भारत की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। AI ऐप डाउनलोड के मामले में भारत दुनिया में अग्रणी देशों में शामिल है। वैश्विक ऐप डाउनलोड का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा भारत से आता है। यह देश में तेजी से बढ़ते इंटरनेट उपयोग, सस्ते डेटा और डिजिटल सेवाओं के विस्तार को दर्शाता है। हालांकि एक दिलचस्प तथ्य यह भी सामने आया है कि भारतीय यूजर्स इन-ऐप खरीद के मामले में अभी अपेक्षाकृत पीछे हैं। यानी लोग ऐप्स डाउनलोड तो बड़ी संख्या में करते हैं, लेकिन प्रीमियम फीचर्स पर खर्च कम करते हैं। विशेषज्ञ इसे मूल्य-संवेदनशील बाजार की विशेषता मानते हैं।
AI बनेगा रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा
ChatGPT की यह उपलब्धि केवल एक ऐप की सफलता नहीं, बल्कि डिजिटल व्यवहार में बड़े बदलाव का संकेत है। लोग अब ऐसे टूल्स की ओर बढ़ रहे हैं जो समय बचाएं, काम आसान करें और जानकारी तुरंत उपलब्ध कराएं। AI तकनीक शिक्षा, काम, संचार और रचनात्मकता — सभी क्षेत्रों में तेजी से प्रवेश कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI आधारित ऐप्स का उपयोग और तेजी से बढ़ेगा। ChatGPT की लोकप्रियता यह दर्शाती है कि भविष्य की डिजिटल दुनिया में AI सहायक तकनीकें केंद्रीय भूमिका निभाएंगी।
2025 में ChatGPT का दुनिया की दूसरी सबसे ज्यादा डाउनलोड होने वाली ऐप बनना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि मोबाइल उपयोग का नया युग शुरू हो चुका है, जहां मनोरंजन के साथ-साथ बुद्धिमान तकनीकें भी लोगों की दैनिक जरूरत बन रही हैं।