देश के ऑटोमोबाइल बाजार के लिए फरवरी 2026 का महीना बेहद खास रहा। हाल ही में लागू हुए GST 2.0 के बाद बाजार में जो सकारात्मक माहौल बना है, उसका असर अब बिक्री के आंकड़ों में भी साफ दिखाई दे रहा है। फेडरेशन ऑफ़ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के मुताबिक फरवरी में देशभर में वाहनों की कुल खुदरा बिक्री करीब 24.1 लाख तक पहुंच गई, जो अब तक का फरवरी महीने का सबसे बड़ा आंकड़ा है। यह पिछले साल के मुकाबले लगभग 26 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि को दर्शाता है।
यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि फरवरी महीना सामान्यतः छोटा होता है, लेकिन इसके बावजूद बिक्री के मामले में इसने नया रिकॉर्ड बना दिया। इससे पहले फरवरी 2024 में करीब 20.4 लाख वाहनों की बिक्री हुई थी, जिसे इस साल काफी पीछे छोड़ दिया गया।
छह में से पांच श्रेणियों में रिकॉर्ड बिक्री
फरवरी के दौरान वाहन बाजार की लगभग सभी प्रमुख श्रेणियों में मजबूत मांग देखने को मिली। दोपहिया, तिपहिया, यात्री वाहन, वाणिज्यिक वाहन और ट्रैक्टर – इन पांच श्रेणियों में फरवरी के लिए अब तक की सबसे अधिक खुदरा बिक्री दर्ज की गई। आंकड़ों के अनुसार दोपहिया वाहनों की बिक्री में 25 प्रतिशत, तिपहिया वाहनों में 24 प्रतिशत, यात्री वाहनों में 26 प्रतिशत और वाणिज्यिक वाहनों में 29 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई। यह संकेत देता है कि न केवल व्यक्तिगत परिवहन बल्कि व्यापार और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े क्षेत्रों में भी मांग मजबूत बनी हुई है। हालांकि निर्माण उपकरण की श्रेणी ही ऐसी रही जहां बिक्री में रिकॉर्ड नहीं बन सका। इस क्षेत्र में सालाना आधार पर लगभग 1.22 प्रतिशत की मामूली गिरावट देखने को मिली।
यात्री वाहनों की बिक्री में बड़ा उछाल
फरवरी 2026 में यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री 3,94,768 रही, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 26 प्रतिशत अधिक है। खास बात यह रही कि यह वृद्धि केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि ग्रामीण बाजारों में भी मांग तेजी से बढ़ी है। शहरी क्षेत्रों में यात्री वाहनों की बिक्री में करीब 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि ग्रामीण बाजार में यह वृद्धि 34 प्रतिशत तक पहुंच गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि देश के छोटे शहरों और गांवों में भी वाहन खरीदने की क्षमता तेजी से बढ़ रही है।
प्रमुख कंपनियों की बिक्री में भी बढ़त
फरवरी के दौरान कई बड़ी ऑटो कंपनियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता मारुती सुज़की की बिक्री में करीब 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और कंपनी ने 1,54,095 वाहन बेचे। दूसरे स्थान पर टाटा मोटर्स रही, जिसने फरवरी में 56,447 वाहन बेचते हुए सालाना आधार पर 43 प्रतिशत की मजबूत बढ़त हासिल की। वहीं महिंद्रा एंड महिंद्रा ने 53,281 वाहनों की बिक्री के साथ 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। इसके अलावा हुंडई मोटर इंडिया ने भी अच्छा प्रदर्शन किया और फरवरी में 45,615 वाहन बेचते हुए पिछले साल की तुलना में करीब 16 प्रतिशत अधिक बिक्री हासिल की।
ग्रामीण बाजार और शादी सीजन का असर
फाडा के अध्यक्ष सी एस विश्नेश्वर के मुताबिक फरवरी में बिक्री में आई तेजी के पीछे कई कारण रहे। उन्होंने कहा कि GST 2.0 के बाद बाजार में नीति को लेकर भरोसा बढ़ा है, जिससे उपभोक्ताओं की खर्च करने की क्षमता में सुधार हुआ है। इसके अलावा शादी-विवाह का सीजन, नए वाहन मॉडलों की लॉन्चिंग और बेहतर फाइनेंसिंग विकल्पों ने भी मांग को मजबूत किया। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती आय और आर्थिक गतिविधियों ने छोटी कारों की बिक्री को भी सहारा दिया, जबकि एसयूवी और यूटिलिटी वाहनों की मांग लगातार बढ़ती रही।
आगे भी बनी रह सकती है तेजी
ऑटो उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आर्थिक गतिविधियां इसी तरह मजबूत बनी रहती हैं और नीतिगत माहौल सकारात्मक रहता है, तो आने वाले महीनों में भी वाहन बिक्री की यह रफ्तार जारी रह सकती है। फरवरी के आंकड़े यह साफ संकेत देते हैं कि भारत का ऑटोमोबाइल बाजार एक बार फिर मजबूत स्थिति में लौट रहा है और इसमें शहरी ही नहीं बल्कि ग्रामीण मांग भी अहम भूमिका निभा रही है। यही वजह है कि उद्योग जगत इस तेजी को आने वाले महीनों के लिए भी सकारात्मक संकेत के रूप में देख रहा है।