MCap: भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला सप्ताह काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण निवेशकों की चिंता बढ़ गई, जिसका सीधा असर बाजार पर दिखाई दिया। सप्ताह भर चली बिकवाली के चलते देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
आंकड़ों के मुताबिक, शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 8 कंपनियों के संयुक्त मार्केट कैप में करीब 2,81,581 करोड़ रुपये की कमी आ गई। इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर देश के सबसे बड़े सार्वजनिक बैंक State Bank of India पर पड़ा, जिसका बाजार मूल्य सबसे अधिक घटा।
सेंसेक्स में भी दर्ज हुई तेज गिरावट
पिछले सप्ताह शेयर बाजार में निवेशकों की धारणा कमजोर रही। लगातार बिकवाली के चलते BSE Sensex में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सप्ताह के दौरान सेंसेक्स 2,368.29 अंक यानी करीब 2.91 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। बाजार में यह गिरावट इस बात का संकेत है कि निवेशक फिलहाल वैश्विक अनिश्चितताओं को लेकर सतर्क रुख अपना रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का असर भारतीय बाजारों पर तेजी से दिखाई दे रहा है और निवेशक जोखिम कम करने के लिए बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली कर रहे हैं।
वैश्विक संकेतों ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार इस गिरावट के पीछे मुख्य वजह वैश्विक परिस्थितियां रही हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा कीमतों में तेज उछाल ने बाजार की दिशा को प्रभावित किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब भी वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं और इक्विटी बाजारों से पैसा निकालने लगते हैं। यही वजह है कि पिछले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में भी भारी दबाव देखने को मिला।
एसबीआई को सबसे ज्यादा झटका
पिछले सप्ताह सबसे बड़ा नुकसान State Bank of India को उठाना पड़ा। बैंक का बाजार पूंजीकरण करीब 53,952.96 करोड़ रुपये घटकर 10,55,567.27 करोड़ रुपये रह गया। यह गिरावट इस बात को भी दर्शाती है कि वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में निवेशकों की सतर्कता बढ़ी है। बैंकिंग सेक्टर आमतौर पर बाजार के मूड को दर्शाता है और जब निवेशक जोखिम कम करना चाहते हैं तो इस सेक्टर में बिकवाली तेजी से बढ़ जाती है।
निजी बैंकों और बड़ी कंपनियों पर भी दबाव
सिर्फ सार्वजनिक बैंक ही नहीं, बल्कि निजी बैंकिंग सेक्टर की बड़ी कंपनियों को भी नुकसान झेलना पड़ा। देश के प्रमुख निजी बैंक ICICI Bank का मार्केट कैप लगभग 46,936 करोड़ रुपये घटकर 9,40,049 करोड़ रुपये रह गया। वहीं देश के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC Bank का बाजार मूल्य भी करीब 46,552 करोड़ रुपये घटकर 13,19,107 करोड़ रुपये पर आ गया।
इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की बड़ी कंपनी Larsen & Toubro को भी भारी नुकसान हुआ और उसका बाजार पूंजीकरण 45,629 करोड़ रुपये घटकर 5,43,208 करोड़ रुपये रह गया।
आईटी और एफएमसीजी कंपनियां भी नहीं बचीं
गिरावट का असर आईटी और एफएमसीजी सेक्टर की कंपनियों पर भी दिखाई दिया। आईटी दिग्गज Tata Consultancy Services का मार्केट कैप करीब 28,492 करोड़ रुपये घटकर 9,25,380 करोड़ रुपये रह गया। वित्तीय सेवा क्षेत्र की कंपनी Bajaj Finance का बाजार मूल्य भी लगभग 28,934 करोड़ रुपये घट गया। इसके अलावा एफएमसीजी सेक्टर की प्रमुख कंपनी Hindustan Unilever के बाजार पूंजीकरण में 26,350 करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई। टेलीकॉम सेक्टर की बड़ी कंपनी Bharti Airtel का मार्केट कैप भी करीब 4,732 करोड़ रुपये घट गया।
गिरते बाजार में भी दो कंपनियों को मिला फायदा
हालांकि बाजार में व्यापक गिरावट के बावजूद दो बड़ी कंपनियां ऐसी रहीं जिनके बाजार मूल्य में बढ़ोतरी दर्ज की गई। देश की सबसे बड़ी कंपनी Reliance Industries का मार्केट कैप करीब 14,750 करोड़ रुपये बढ़कर 19,01,583 करोड़ रुपये हो गया। वहीं आईटी सेक्टर की दूसरी बड़ी कंपनी Infosys का बाजार पूंजीकरण भी लगभग 3,459 करोड़ रुपये बढ़कर 5,30,546 करोड़ रुपये पहुंच गया।
सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची
ताजा आंकड़ों के अनुसार भारत की सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची में Reliance Industries पहले स्थान पर बनी हुई है। इसके बाद क्रमशः HDFC Bank, Bharti Airtel, State Bank of India, ICICI Bank, Tata Consultancy Services, Bajaj Finance, Larsen & Toubro, Infosys और Hindustan Unilever शामिल हैं।
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय शेयर बाजार फिलहाल दबाव में दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय हालात और कच्चे तेल की कीमतों की दिशा ही बाजार की अगली चाल तय करेगी।