आगरा। जब बात उत्तर भारत की ऑटो पार्ट्स इंडस्ट्री की होती है, तो बनारा बेयरिंग्स एंड पिस्टन लिमिटेड (BBPL) का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। यह कंपनी इंजन कलपुर्जों के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक समय से देश को अपनी सेवाएं दे रही है। अपने दमदार उत्पादों, डिज़ाइन नवाचार और मज़बूत तकनीकी आधार के चलते यह कंपनी आज भी आगरा की सबसे चर्चित इंडस्ट्रियल इकाइयों में से एक है।
कब और कैसे हुई शुरुआत?
सन् 1990 में स्थापित हुई BBPL ने शुरुआत बेयरिंग्स और पिस्टन पिन के निर्माण से की थी। धीरे-धीरे यह कंपनी संपूर्ण इंजन सिस्टम के पुर्ज़ों – जैसे पिस्टन, पिस्टन रिंग, सिलिंडर लाइनर, वाल्व, क्रैंकशाफ्ट, टाइमिंग चैन, स्पार्क प्लग और बुशिंग — के निर्माण में माहिर हो गई।
आज कंपनी के पास आगरा में दो बड़े उत्पादन केंद्र हैं:
- यूनिट 1 (साइट-B, सिकंदरा) – पिस्टन पिन, पिस्टन रिंग, बेयरिंग्स और बुशिंग का निर्माण
- यूनिट 2 (आर्टौनी, आगरा-मथुरा रोड) – पिस्टन, सिलिंडर लाइनर, वाल्व और अन्य पुर्ज़े
आर्थिक तस्वीर: उतार-चढ़ाव के बीच उम्मीद की किरण
वित्तीय वर्ष 2023-24 में कंपनी ने ₹15.05 करोड़ की बिक्री की, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 23% कम रही। हालांकि, शुद्ध घाटा ₹8.38 करोड़ से घटकर ₹3.13 करोड़ पर आ गया, जो प्रबंधन द्वारा की गई लागत-कटौती और उत्पादन सुधार रणनीतियों की सफलता का संकेत है।
बाज़ार पूंजीकरण: लगभग ₹29 करोड़
ऋण भार: ₹60 करोड़ से अधिक
इन आंकड़ों से साफ है कि कंपनी अभी संघर्षरत है, लेकिन सुधार के संकेत भी स्पष्ट हैं।
ज़मीन से जुड़ी आवाज़ें
प्रबंध निदेशक विवेक बनारा कहते हैं: “हमारा लक्ष्य हमेशा गुणवत्ता और ग्राहकों का भरोसा जीतना रहा है। हमने आईपीओ इसलिए लाया ताकि खुदरा बाज़ार और सौर ऊर्जा सेगमेंट में भी विस्तार कर सकें।”
संयंत्र प्रभारी राजेश कुमार (22 वर्षों से कंपनी में):
“छोटे-छोटे सुधारों से उत्पादन में बड़ा अंतर आता है। हमने पिछले साल स्क्रैप को 20% तक घटाया है।”
डिज़ाइन इंजीनियर शिवानी दुबे:
“हमने हल्के पिस्टन डिज़ाइन किए हैं जो ईंधन दक्षता बढ़ाते हैं। अब हमारे डिज़ाइन देश-विदेश के बाज़ारों में स्वीकार हो रहे हैं।”
चुनौतियां अभी बाकी हैं
- भारी ऋण और लगातार घाटे की स्थिति
- सौर ऊर्जा और खुदरा विस्तार में सुस्ती
- नई तकनीकों में निवेश की आवश्यकता
- बाज़ार में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है
हालांकि प्रबंधन की कोशिश है कि अगले 2 वर्षों में कंपनी को स्थायित्व और लाभ की दिशा में लाया जाए।
भविष्य की योजना
कंपनी ने साफ़ किया है कि वो आने वाले वर्षों में:
- नए निर्यात बाज़ारों में प्रवेश करेगी
- सौर ऊर्जा क्षेत्र में सक्रिय निवेश करेगी
- ऑनलाइन स्पेयर पार्ट्स रिटेलिंग शुरू करेगी
- डिज़ाइन इनोवेशन पर और ज़ोर देगी
बनारा सिर्फ नाम नहीं, मेहनत का प्रतीक
बनारा बेयरिंग्स एंड पिस्टन लिमिटेड ने आगरा की औद्योगिक पहचान को देश के नक्शे पर रखा है। चुनौतियां हैं, मगर विज़न भी है। अगर इसी दिशा में सतत प्रयास जारी रहे, तो यह कंपनी आने वाले वर्षों में उत्तर भारत का एक मज़बूत औद्योगिक स्तंभ बन सकती है।