उत्तराखंड। साल 2013। उत्तराखंड में आई विनाशकारी बाढ़ ने न केवल हजारों लोगों के घर बहा दिए, बल्कि तीन युवा दोस्तों—संदीप पांडे, राजीव भट्ट, और प्रमोद नेगी—के सपनों को भी गहरी चोट पहुंचाई। नैनीताल में रेस्टोरेंट खोलने का सपना लिए ये तीनों दोस्तों ने मिलकर योजना बनाई थी, लेकिन आपदा ने सबकुछ तहस-नहस कर दिया। पर इस संकट ने उन्हें तोड़ा नहीं, बल्कि सोचने की एक नई दिशा दी।
विचार बना व्यवसाय
गांव लौटने के बाद, उन्होंने एक दिन अपनी दादी के हाथों बना पारंपरिक झखिया नमक चखा। उस स्वाद ने उन्हें बचपन की याद दिलाई। फिर उन्होंने भांग नमक, पुदीना नमक, अदरक-नींबू, और लहसुन वाला पहाड़ी नमक भी चखा। यहीं से एक विचार पनपा—क्यों न इस पारंपरिक स्वाद को ब्रांड बनाया जाए?
और जन्म हुआ — HimFla का
तीनों दोस्तों ने मिलकर HimFla (Himalayan Flavours) नाम से एक छोटे स्तर पर नमक बनाना और बेचना शुरू किया।
नाम छोटा, लेकिन मकसद बड़ा—
लोकल स्वाद को ग्लोबल बनाना,
गांव की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना,
और संस्कृति को ज़िंदा रखना।
क्या है HimFla नमक में खास?
- पारंपरिक विधियों से बना
- बिना केमिकल या प्रिज़र्वेटिव
- आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर
- स्वाद और स्वास्थ्य दोनों का मेल
- बच्चों, बूढ़ों और बीमारों के लिए लाभकारी
HimFla आज 8 अलग-अलग फ्लेवर के नमक तैयार कर रहा है, जिनमें प्रमुख हैं:
🔹 झखिया नमक
🔹 भांग नमक
🔹 पुदीना नमक
🔹 लहसुन-नींबू नमक
🔹 चटपटा मसाला नमक
महिलाएं बनीं रीढ़ की हड्डी
इस पहल की सबसे मजबूत कड़ी बनीं उत्तराखंड के गांवों की महिलाएं। आज HimFla के साथ 60 से ज़्यादा गांव की महिलाएं जुड़ी हैं। ये महिलाएं नमक तैयार करने, सुखाने, छानने और पैकिंग तक का पूरा कार्य खुद करती हैं। इससे उन्हें न केवल रोजगार मिला, बल्कि आत्म-सम्मान और अपने हुनर पर गर्व भी मिला। “पहले हम घर के लिए ही नमक बनाते थे, आज दुनिया चख रही है।” — गंगोत्री देवी, SHG वर्कर, पिथौरागढ़
लोकल से ग्लोबल का सफर
HimFla की सफलता का दायरा अब गांवों की गलियों से निकलकर शहरों के सुपरमार्केट और ऑनलाइन पोर्टलों तक पहुंच गया है। Amazon, Flipkart, Meesho और Jiomart जैसे प्लेटफॉर्म पर यह ब्रांड अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करा चुका है। इसके अलावा HimFla के इंस्टाग्राम, फेसबुक और X (ट्विटर) पर भी हजारों फॉलोवर्स हैं। “ब्रांडिंग एक जुनून था, अब लोग नमक के फ्लेवर से पहचानते हैं।” — प्रमोद नेगी
विदेशों से भी आ रहे ऑर्डर
आज HimFla के उत्पाद दिल्ली, मुंबई, जयपुर, बेंगलुरु के साथ-साथ दुबई, कुवैत, और कनाडा जैसे देशों तक भी भेजे जा रहे हैं। NRIs और विदेशी ग्राहक पहाड़ी नमक को स्वास्थ्यवर्धक और यूनिक मानते हैं।
आगे की योजनाएं
HimFla अब सिर्फ नमक तक सीमित नहीं रहना चाहता।
इसके फाउंडर्स की योजना है:
- HimFla Café खोलने की, जहां पहाड़ी व्यंजन HimFla नमक के साथ परोसे जाएंगे
- पारंपरिक पहाड़ी उत्पादों की नई रेंज (जैसे भांग की चटनी, झंगोरा पापड़, मडुवा कुकीज़)
- और एक “नमक संग्रहालय” की स्थापना जहां लोग हिमालयी स्वाद को करीब से जान सकें
संदेश
HimFla की कहानी बताती है कि जब इरादे मजबूत हों, तो नमक भी संघर्ष की कहानी और स्वाद की क्रांति बन सकता है। “हमने नमक को सिर्फ मसाले की चीज़ नहीं, संस्कृति का वाहक बना दिया है।” — संदीप पांडे